बिजनेस स्टैंडर्ड - उद्योग बन गया है साइबर अपराध : राजनाथ सिंह
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, June 26, 2018 12:33 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

उद्योग बन गया है साइबर अपराध : राजनाथ सिंह

भाषा / नई दिल्ली March 14, 2018

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने साइबर (आपस में जुटे कंप्यूटरों के विश्वव्यापी जाल) की दुनिया में सेंधमारी जैसे अपराधों पर चिंता जताते हुए आज कहा कि इस तरह के अपराधों का दुनिया भर में एक उद्योग बन गया है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के गलत हाथ में होने से इस तरह के अपराध अक्सर हो रहे हैं। सिंह ने कहा कि इंटरनेट प्रसार और स्वप्रेरित - कट्टरता से कानूनी एजेंसियों की चिंताएं और बढ़ीं हैं। इंटरनेट पर कट्टरता को प्रेरित करने वाली सामग्रियों की उपलब्धता बने रहने से समाज और मानवता में भारी परिवर्तन होने की संभावना है। गृह मंत्री ने यहां पुलिस प्रमुखों के अंतरराष्ट्रीय एसोसिएशन  (आईएसीपी) के दो दिवसीय एशिया प्रशांत क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान यह बात कही। इस सम्मेलन का विषय है  '2020 में पुलिस के काम की चुनौतियां - किस तरह साइबर संसार साइबर अपराध और आतंकवाद के प्रति हमारे दृष्टिकोण को आकार दे रहा है, हम इसके अंदर कैसे चलें और कैसे इसका लाभ उठाएंगे।'

उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा तंत्र की अनुपलब्धता, कंप्‍यूटर मालवेयर और साइबर क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाएं और अपराध मानव जीवन को प्रभावित करते हैं। राजनाथ ने कहा, 'मुझे डर है कि साइबर हमले बराबर होते रहेंगे। साइबर हमलों में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार पहले से मौजूद हैं। अगले दश में उनमें और अधिक सुधार होगा। हम पहले से ही इस तरह के हमलों की संख्या में वृद्धि देख रहे हैं।' सिंह ने कहा कि साइबर अपराध एक उद्योग बन गया और साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाले कई उपकरण और प्रौद्योगिकी को सेवाओं के रूप में पेशकश किया जा रहा है। यहां तक कि नौसिखिए आपराधी भी थोड़ा सा धन खर्च कर इस तरह की सेवाएं ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईओटी, आभासी मुद्रा, उन्नत मालवेयर, कृत्रिम समझ जैसी नई प्रौद्योगिकियां साइबर अपराध के इस जाल को तेजी से फैला रही हैं। पुलिस को अब तेजी से बदल रही इन प्रकार की प्रौद्योगिकी से मुकाबला करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं का डिजिटलीकरण हो रहा है। लेकिन इसके साथ प्रक्रियाओं को पर्याप्त मजबूत बनाने तथा नियंत्रण और निगरानी की व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान न दिए जाने की कमजोरी का फायदा धोखेबाज उठा रहे हैं तथा नए प्रकार के आर्थिक अपराध हो रहे हैं।     सिंह ने कहा कि जोखिम अनेकों प्रकार के हैं। दुर्भाग्य से पूरी सावधानी बरतने पर भी 100 प्रतिशत गारंटी नहीं दी जा सकती कि ऐसे अपराध नहीं होंगे, लेकिन ऐसे कुछ उपाय जरूर हैं जिन्हें कर के आप लोग (पुलिस) ऐसे अपराधों और जोखिमों को कम जरूरर कर सकते हैं।

Keyword: साइबर अपराध, राजनाथ सिंह, कंप्यूटर, इंटरनेट, आईएसीपी, पुलिस, आतंकवाद, मालवेयर,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या भारतीय बाजार से एफआईआई बना रहे दूरी?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.