बिजनेस स्टैंडर्ड - पीएसयू बैंकों पर दोहरी अनिश्चितता
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पीएसयू बैंकों पर दोहरी अनिश्चितता

पुनीत वाधवा / नई दिल्ली 02 14, 2018

पीएनबी में धोखाधड़ी का झटका

एक दिन के अवकाश के बाद जब बुधवार को बाजार खुला तो बैंकिंग शेयरों को दोहरी अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। जहां ये बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सोमवार को एनपीए से निपटने के लिए घोषित नए मानकों को ठीक से पचा भी नहीं पाए थे, वहीं पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में धोखाधड़ी संबंधित खुलासे के बाद धारणा और कमजोर पड़ गई। पीएनबी ने कहा कि उसे अपनी मुंबई की अपनी एक शाखा में लगभग 110 अरब रुपये की धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता चला है।

एनएसई पर निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी), इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में 4.6 से 8.4 फीसदी के बीच गिरावट दर्ज की गई। पीएनबी 10.4 के नुकसान के साथ सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा। विश्लेषकों का मानना है कि दीर्घावधि नजरिये से आरबीआई के नए नियम समस्या को जल्द पहचानने और समाधान निकालने में मददगार हैं। इससे न सिर्फ बेहतर ऋण अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि वे इसे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानकों (आईएफआरएस) के क्रियान्वयन के पूर्व संकेत के तौर पर भी देख रहे हैं। दूसरी तरफ, हालांकि नए मानक से आगामी तिमाहियों में बैंकों का दर्ज एनपीए स्तर/प्रावधान बढऩे का अनुमान है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के विश्लेषकों का कहना है, 'फंसे/पुनर्गठित ऋणों की अधिक मात्रा (केनरा बैंक, पीएनबी, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक) वाले कॉरपोरेट बैंक अपने फंसे कर्ज का बड़ा हिस्सा इनसॉल्वेंसी एंड बैंगक्रप्टसी कोड (आईबीसी) प्रक्रिया की तरफ जाते देख सकते हैं, क्योंकि ऐसे फंसे कर्ज के लिए अपग्रेड/रिकवरी की संभावना कम बनी हुई है।'

रिपोर्ट के अनुसार, अगली कुछ तिमाहियों के दौरान एनपीए श्रेणी में आने के अधिक जोखिम वाले ऋणों की मात्रा लगभग 2.8 लाख करोड़ रुपये है। फिलिप कैपिटल इंडिया रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक जैसे बैंकों को एनपीए प्रावधान की तुलना में वित्त वर्ष 2019 में दोगुना मुहैया कराना होगा।

वित्त वर्ष 2018 और वित्त वर्ष 2019 के लिए 25 अक्टूबर 2017 को घोषित 2.1 लाख करोड़ रुपये की बैंक पुनर्पूंजीकरण योजना के तहत सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के 20 बैंकों में 881.39 अरब रूपये की पूंजी लगाने की घोषणा की और आईडीबीआई बैंक को इसमें 106.1 अरब रुपये की बड़ी हिस्सेदारी पर जोर दिया गया।  हालांकि कई विश्लेषक दीर्घावधि नजरिये से बैंकिंग क्षेत्र पर सकारात्मक बने हुए हैं, लेकिन उनका मानना है कि ताजा घटनाक्रम इस क्षेत्र के लिए अल्पावधि झटका साबित हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने निवेशकों को चयन पर ध्यान देने और सिर्फ उन्हीं शेयरों को खरीदने की सलाह दी है जिनकी एनपीए प्रबंधन योग्य स्तर पर हैं।
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
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