बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंक ऑफ इंडिया को हुआ नुकसान
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बैंक ऑफ इंडिया को हुआ नुकसान

बीएस संवाददाता/एजेंसियां / नई दिल्ली/मुंबई February 12, 2018

फंसे कर्ज पर उच्च प्रावधान और ट्रेजरी नुकसान के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया ने शुद्ध नुकसान दर्ज किया। बैंक ने गैर निष्पादित आस्तियों पर केंद्रीय बैंक के आकलन और खुद के आकलन में 14,057 करोड़ रुपये का अंतर पाया।  बैंक का शुद्ध नुकसान दिसंबर तिमाही में 2,341 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में बैंक ने 101.73 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। इसकी सकल गैर-निष्पादित आस्तियां कुल कर्ज के प्रतिशत के तौर पर बढ़कर 16.93 फीसदी पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 13.38 फीसदी रही थी। क्रमिक तौर पर भी संपत्ति की गुणवत्ता और खराब हुई। बैंक का सकल एनपीए में इस दौरान 14,942 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। बैंक की शुद्ध ब्याज आय 12 फीसदी घटकर 2,501 करोड़ रुपये रह गई, जबकि गैर-ब्याज आय 41 फीसदी घटकर 1,041 करोड़ रुपये रह गई।

 
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का घाटा कम
 
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का शुद्ध नुकसान दिसंबर तिमाही में घटकर 6.37 अरब रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 11.93 अरब रुपये रहा था। इसका सकल एनपीए अनुपात बढ़कर 20.10 फीसदी पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 15.98 फीसदी रहा था। क्रमिक तौर पर भी सकल एनपीए 18.80 फीसदी के मुकाबले बढ़ा। शुद्ध एनपीए 11.96 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 10.62 फीसदी रहा था। कुल प्रावधान दोगुना होकर 10.74 अरब रुपये पर पहुंच गया। बैंक की अन्य आय (गैर-ब्याज आय) 41.2 फीसदी घटकर 4.78 अरब रुपये रह गई।
 
क्वॉलिटी का शुद्ध लाभ 54 फीसदी घटा 
 
डेयरी उत्पाद कंपनी क्वॉलिटी लिमिटेड का एकल शुद्ध लाभ 2017-18 की दूसरी तिमाही में 54 फीसदी गिरकर 20.93 करोड़ रुपये रहा। मुनाफे में गिरावट का कारण वित्तीय लागत रही। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 45.09 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी ने बताया कि उसकी शुद्ध आय अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 1,773.50 करोड़ रुपये हो गई है। जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी की आय 1,588.05 करोड़ रुपये रही थी।आलोच्य तिमाही में कंपनी का खर्च बढ़कर 1,736.58 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि इसके मुकाबले पिछले वित्त में यह 1,519.10 करोड़ रुपये था। पिछले साल के बकायों के भुगतान के कारण कंपनी की वित्तीय लागत में इस दौरान वृद्धि हुई।
 
जुआरी एग्रो का लाभ 32 फीसदी बढ़ा 
 
जुआरी एग्रो केमिकल्स का एकल शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 32 फीसदी बढ़कर 48.02 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 36.36 करोड़ रुपये रहा था। 
 
गेल का मुनाफा 28 फीसदी बढ़ा
 
सरकारी कंपनी गेल इंडिया का शुद्ध लाभ दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में 28 फीसदी की उछाल के साथ 12.62 अरब रुपये पर पहुंच गया। तरल हाइड्रोकार्बन (एलएचसी), गैस विपणन और ट्रांसमिशन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत लाभ में बढ़ोतरी हुई। पिछले साल की समान अवधि में इसका मुनाफा 9.83 अरब रुपये रहा था। प्राकृतिक गैस ट्रांसमिशन और विपणन कारोबार 6-6 फीसदी बढ़ा जबकि पेट्रोकेमिकल की बिक्री 21 फीसदी और तरल हाइड्रोकार्बन की बिक्री 10 फीसदी बढ़ी। इस तरह से दिसंबर में समाप्त नौ महीने की अवधि में इन सभी क्षेत्रों में इतनी ही बढ़ोतरी दर्ज हुई और इसके परिणामस्वरूप 31 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ शुद्ध लाभ 25.97 अरब रुपये पर पहुंच गया। 
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