बिजनेस स्टैंडर्ड - फंडों के शुल्क पर लगाम के लिए सेबी का खर्च नियम
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, February 24, 2018 11:11 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम बाजार खबर

फंडों के शुल्क पर लगाम के लिए सेबी का खर्च नियम

ऐश्ली कुटिन्हो / मुंबई February 08, 2018

बड़े फंड हाउस के प्रमुख हर दिन दोपहर बाद बैठकर अपनी योजनाओं के एनएवी पर विचार करते हैं। उस दिन के लिए रिटर्न की जांच के बाद वे खर्च अनुपात का फैसला लेते हैं जिसे वसूले जाने की जरूरत होती है और फिर हर श्रेणी से इसे घटाया जाता है। वास्तव में कई फंड हाउस (खास तौर से बड़ी मात्रा में संस्थागत रकम का प्रबंधन करने वाले) एनएवी का प्रबंधन करने में व्यस्त रहते हैं और किसी खास दिन के रिटर्न का खर्च के साथ समायोजन करते हैं। यहां दोहरा मकसद होता है : रिटर्न अधिकतम करना और इस प्रक्रिया में परिसंपत्तियों में इजाफा करना।
 
फंड हाउस को रोजाना आधार पर अपनी योजनाओं के कुल खर्च अनुपात का खुलासा करने के बाजार नियामक सेबी के आदेश से उपरोक्त प्रथा समाप्त हो सकती है। निवेशकों को किसी भी तरह के बदलाव के बारे में तीन कार्यदिवस पहले  ईमेल या एसएमएस के जरिए सूचित करने की दरकार होगी। एक फंड हाउस के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, अभी तक खर्च की वसूली फंड हाउस अपने हिसाब से करते रहे हैं। निवेशकों को अब अकाउंटेंट की तरफ से एनएवी में कृत्रिम रूप से जोड़े गए रिटर्न के बजाय वास्तविक रिटर्न मिल सकता है।
 
एक वितरक विनोद जैन ने कहा, फंडों को अब यह फैसला लेने में ज्यादा सोच-विचार करना होगा कि वे कितना खर्च वसूल सकते हैं। कुल खर्च अनुपात सालाना शुल्क है जिसे एनएवी से रोजाना घटाया जाता है। कुल खर्च अनुपात में फंड प्रबंधन शुल्क, विपणन व वितरण की लागत आदि शामिल होता है। डेट में यह असर ज्यादा महसूस किया जाएगा जहां संस्थागत रकम आकर्षित करने में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। जैन ने कहा, अन्य सभी के मुकाबले लिक्विड फंड को यह ज्यादा प्रभावित करेगा। प्रत्यक्ष योजना में शुल्क पारदर्शी है, वहां भी खर्च में स्थिरता नजर आएगी।
 
31 नवरी को लिक्विड परिसंपत्तियां 3.8 लाख करोड़ रुपये थी, जो कुल एमएफ परिसंपत्ति 22.4 लाख करोड़ रुपये का करीब 17 फीसदी है।  प्रत्यक्ष योजना में कमीशन पर बचत होती है और अब यह कुल एमएफ परिसंपत्तियों का करीब 40 फीसदी है। इस तरह से ही खर्च का मामला सामान्य रूप से तय होता है। मान लेते हैं कि लिक्विड फंड के परिचालन की लागत 8-10 आधार अंक है। फंड हाउस इसे उस दिन इसे घटाकर 0 से 3 आधार अंक कर सकता है, जब योजना का प्रदर्शन कम से कम हो। यह रिटर्न में इजाफे के लिए किया जाता है। जब प्रदर्शन अच्छा होता है तो खर्च को बढ़ाकर लागत वसूली जाती है। कम खर्च वाला हथियार बड़ी कंपनियोंं को आकर्षित करने के लिए भी किया जाता है।
 
6 फरवरी को लिक्विड फंडों का एक साल का औसत रिटर्न 6.4 फीसदी था और इसकी जानकारी वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से मिली। डेट की अन्य श्रेणियों की बात करें तो अल्पावधि वाले फंडों में 30 आधार अंक से 100 आधार अंक तक वसूला जाता है जो रिटर्न पर निर्भर करता है। इनकम फंडों से मोटे तौर पर रोजाना 75-150 आधार अंक वसूले जाते हैं जब रिटर्न कमजोर रहता है और शुल्क 40-50 आधार अंक तक नीचे जा सकता है। कुल खर्च अनुपात स्लैब आधारित फॉर्मूले के आधार पर वसूला जाता है। डेट योजनाओं में अधिकतम खर्च अनुपात पहले 100 करोड़ के लिए 2.25 फीसदी, अगले 300 करोड़ रुपये के लिए 2 फीसदी हो सकता है। 
Keyword: sebi, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी),
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

अशोक लीलेंड: तेज रफ्तार पर सवार

Investmentsअशोक लीलेंड (एएलएल) द्वारा पिछले कुछ वर्षों में उठाए गए कदमों के अलावा

भारती इन्फ्राटेल: टावर समेकन से राजस्व पर दबाव के आसार

क्या फिर लौटेगी वक्रांगी के शेयर की चमक?

बीएसई-500 के आधे शेयर अपने 200-डीएमए से नीचे

दवा कंपनियों की फीकी पड़ती खुराक

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.