बिजनेस स्टैंडर्ड - देश में सोने की मांग 9 फीसदी बढ़ी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, February 24, 2018 01:36 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम निवेश खबर

देश में सोने की मांग 9 फीसदी बढ़ी

सुशील मिश्र / मुंबई February 06, 2018

सोने के प्रति भारतीयों की दीवानगी पर नोटबंदी, जीएसटी और आर्थिक सुस्ती का कोई असर नहीं पड़ा। देश में सोने की मांग में 9 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ तो सोने के आभूषणों के प्रति लोगों की चाहत 12 फीसदी बढ़ गई। वर्ष 2017 की अंतिम तिमाही में भारत चीन को पछाड़कर फिर से सोने का सबसे बड़ा आयातक बन गया।  विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक 2017 के दौरान देश में पिछले साल सोने की मांग 9.1 प्रतिशत बढ़कर 727 टन रही, जबकि 2016 के दौरान 666.1 टन थी। देश में सोने की सबसे तेज मांग 2017 की चौथी यानी अंतिम तिमाही में रही। उस तिमाही में भारत में सोने की मांग चीन से भी ज्यादा थी। अक्टूबर-दिसंबर के दौरान देश में 249.3 टन सोने की मांग रही, जबकि इस दौरान चीन में सोने की मांग 243.8 टन की थी। भारत में सोने की मांग बढऩे की प्रमुख वजह धनतेरस पर कम कीमत, सकारात्मक आर्थिक पृष्ठभूमि और उपभोक्ताओं के रुख में बदलाव रहा है। देश में सोने की मांग शहरी इलाकों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में ज्यादा रही है। 
 
वर्ष 2017 में सोने की मांग बढ़ाने का मुख्य कारण आभूषणों की मांग में वृद्धि रही। देश में सोने के आभूषणों की मांग 12 प्रतिशत बढ़कर 562.7 टन हो गई जबकि 2016 में 504.5 टन थी। मूल्य के आधार पर आभूषण मांग 2016 में 1,36,290 करोड़ रुपये से 9 फीसदी बढ़कर 2017 में 1,48,100 करोड़ रुपये हो गई। देश में चौथी तिमाही के दौरान सोने की मांग चार फीसदी बढ़कर 189.6 टन दर्ज की गई जो 17 सालों में चौथी तिमाही के लिए सबसे अधिक मांग है।  डब्ल्यूजीसी के प्रबंध निदेशक (भारत) सोमसुंदरम पीआर के मुताबिक भारत में सोने की मांग में इजाफे की वजह आभूषण की अधिक खरीदारी, शेयर बाजार का बेहतर प्रदर्शन और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का बेहतर अर्थव्यवस्था की ओर बढऩा तथा उपभोक्ताओं  वह भी खासकर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के सकारात्मक रुख की वजह से भारत में सोने की मांग में तेजी आई है। किसानों की उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने की वजह से ग्रामीण इलाकों में आभूषणों की मांग बढ़ी। धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से आभूषण कारोबार को हटाए जाने से मांग को बढ़ावा मिला। 
 
भारत में सोने की मांग सिर्फ आभूषण में नहीं बढ़ी बल्कि निवेश के क्षेत्र में सोने की मांग अधिक रही। निवेश के हिसाब से साल 2017 के दौरान देश में सोने की मांग 164.2 टन रही, जो 2016 में 161.6 टन थी। हालांकि मूल्य के आधार पर सोने में निवेश की मांग में एक प्रतिशत गिरावट देखी गई। मूल्य के हिसाब से निवेश मांग 43,650 करोड़ रुपये से 43,220 करोड़ रुपये हो गई। देश में सोने का पुनर्चक्रण 2017 में 88.4 टन रहा, जबकि 2016 में  79.5 टन था। भारत में 2017 के दौरान कुल आयात फीसदी बढ़कर 888 टन हो गया, जबकि 2016 में कुल आयात 558 टन था। भारत में सोने की मांग भले बढ़ी हो लेकिन वैश्विक स्तर पर 2017 में सोने की मांग में 7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर 2017 के दौरान सोने की कुल मांग गिरकर  4,071.7 टन रही जबकि 2016 के दौरान सोने की वैश्विक मांग 4,362 टन थी। रिपोर्ट के मुताबिक ईटीएफ में कम निवेश का कारण वैश्विक मांग में गिरावट आई है। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट में 2018 के दौरान भी भारत में सोने की मांग बेहतर रहने का अनुमान लगाया गया है। 2008 के दौरान भारत में सोने की मांग 700-800 टन रहने का अनुमान लगाया गया है। 
Keyword: gold,सराफा बाजार, आभूषण,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या नीरव-चोकसी की सभी संपत्तियां जब्त करे सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.