बिजनेस स्टैंडर्ड - कच्चे सोने का आयात 2017 में रहा रिकॉर्ड ऊंचाई पर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, February 24, 2018 01:31 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम निवेश खबर

कच्चे सोने का आयात 2017 में रहा रिकॉर्ड ऊंचाई पर

राजेश भयानी / मुंबई 01 17, 2018

80 प्रतिशत तक बढ़कर पहुंचा 213 टन पर

भारत का कच्चे (अपरिष्कृत) सोने का आयात 2017 में 80 प्रतिशत तक बढ़कर 213 टन पर पहुंच गया जो कच्चे सोने के आयात का अब तक का सर्वाधिक उच्च स्तर है। भारत ने सोने पर आयात शुल्क में वृद्धि किए जाने के बाद पिछले छह साल में कच्चे सोने का आयात शुरू किया था। कच्चे सोने की कई रिफाइनरीज भी शुरू हो गई और करीब आधी क्षमता उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश आदि जैसे उन राज्यों में स्थापित हुई जिन्होंने कर छूट की घोषणा की थी। उत्तराखंड के रुद्रपुर के पास का क्षेत्र स्वर्ण रिफाइनिंग केंद्र के रूप में उभरा है। कच्चे सोने की रिफाइनरीज से पहले इन राज्यों में छोटी-छोटी रिफाइनरीज हुआ करती थी जो पुराने सोने को गलाने का कारोबार कर रही थीं।

जीएफएमएस के आंकड़े बताते हैं कि 2017 में कच्चे सोने के कुल आयात का एक बड़ा भाग जीएसटी लागू किए जाने से 3-4 महीने पहले हुआ क्योंकि जीएसटी से राज्य की विशेष उत्पाद शुल्क छूट खत्म होने की संभावना जताई जा रही थी। जुलाई के बाद से उत्पाद शुल्क मुक्त क्षेत्रों या घरेलू क्षेत्र की सभी रिफाइनरियों के शुल्क लाभ समान थे। हालांकि राज्यों ने मूल्य संवर्धन पर जीएसटी से पहले प्रचलित अपने उत्पाद शुल्क के हिस्से का रिफंड करने की पेशकश की है।

सरकारी ट्रेडिंग फर्म एमएमटीसी और स्विट्जरलैंड स्थित सराफा रिफाइनर पैंप्स द्वारा स्थापित भारत की सबसे बड़ी रिफाइनरी एमएमटीसी-पैंप्स के मानद चेयरमैन राजेश खोसला ने कहा कि जीएसटी के बाद कच्चे सोने के रिफाइनरों को कच्चे सोने के आयात पर तीन प्रतिशत का आईजीएसटी (अपनी कार्यशील पूंजी अवरुद्ध करते हुए) देना पड़ता है, जबकि परिष्कृत सोने का आयात करने वाली  नामित एजेंसियों को यह नहीं देना पड़ता। जब परिष्कृत सोना आयात किया जाता है, तो उन्हें सीमा शुल्क मूल्य में परिवर्तन की चिंता नहीं करनी पड़ती। रिफाइनरीज जब परिष्कृत सोने की बिक्री करती हैं तो उन्हें जोखिम उठाना पड़ता है क्योंकि शुल्क में परिवर्तन होने की संभावना रहती है और रिफाइनरीज को यह जोखिम उठाना पड़ता है। इससे रिफाइनरीज का कारोबार प्रभावित होता है और बैंकों या अन्य नामित एजेंसियों की तुलना में वे प्रतिकूल स्थिति में होती हैं।

पिछले वर्ष आयातित 213 टन सोने (फाइन डोर) में से 22 प्रतिशत अमेरिका तथा 19 प्रतिशत घाना और अफ्रीकी देशों से आने का अनुमान है। कच्चे सोने के आयात में इन देशों की बड़ी हिस्सेदारी है। खोसला को उम्मीद ​​है कि जनवरी में आयात में नरमी आएगी क्योंकि सोने की तस्करी को हतोत्साहित करने के लिए आयात शुल्क में परिवर्तन की संभावना है।
Keyword: gold, सराफा बाजार, आभूषण,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या नीरव-चोकसी की सभी संपत्तियां जब्त करे सरकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.