बिजनेस स्टैंडर्ड - दो चीनी मिलों को दोबारा शुरू करेगी यूपी सरकार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, June 23, 2018 01:55 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

दो चीनी मिलों को दोबारा शुरू करेगी यूपी सरकार

बीएस संवाददाता / लखनऊ January 11, 2018

योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश शुगर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीएसएससीएल) की बंद पड़ीं दो मिलें दोबारा शुरू करने के लिए 715 करोड़ रुपये रकम मंजूर की है। ये दोनों मिलें पिपराइच (गोरखपुर) और मुंडेरवा (गोरखपुर) में हैं। राज्य सरकार पिपराइच में 5,000 टन गन्ना पेराई क्षमता वाली नई मिल की स्थापना के लिए 401 करोड़ रुपये देगी। इसके अलावा 18 मेगावॉट क्षमता वाली एक बिजली सह-उत्पादन इकाई और डिस्टिलरी की स्थापना भी की जाएगी। यह संयंत्र 2008 से बंद पड़ा है।
 
मुंडेरवा में 5,000 टन गन्ना पेराई क्षमता वाली इकाई की स्थापना पर 314 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां भी 18 मेगावॉट क्षमता वाली बिजली सह-उत्पादन इकाई और डिस्टिलरी की स्थापना होगी। यह इकाई 1999 से बंद पड़ी है। ये दोनों मिलें शुरू होने पर संबंधित क्षेत्रों में 30,000 किसानों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मिल 8,500 लोगों के लिए रोजगार के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित करेगी, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले योगी ने कई मौकों पर कहा था कि किसानों लाभ पहुंचाने के लिए उनकी सरकार यूपीएसएससीएल की इकाइयां, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में, शुरू करने के लिए गंभीर प्रयास करेगी। मौजूदा पेराई सत्र में केवल एक यूपीएसएससीएल मिल काम कर रही है। उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि अगले 2018-19 गन्ना पेराई सत्र से पहले दो मिलें परिचालन के लिए तैयार हो जाएंगी। योगी मंत्रिमंडल ने हाल में हुई बैठक में वित्तीय राशि मंजूर की। राज्य सरकार यह रकम निगम को ऋण के तौर पर मुहैया कराएगी। 2007 में तत्कालीन मायावती सरकार ने यूपीएसएससीएल की मिलें (परिचालन में) और उत्तर प्रदेश चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड (यूपीआरसीईजीवीएनएल) की बंद पड़ीं इकाइयों के निजीकरण के आदेश दिए थे। जुलाई 2010 और मार्च 2011 के बीच 21 इकाइयां निजी कंपनियों को बेची गई थीं। 
Keyword: mills, sugar, चीनी सीजन, गन्ने की खेती,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या गूगल के आने से ई-कॉमर्स में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.