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टाटा संस में नया निवेश बंद करेगी एलआईसी

देव चटर्जी / मुंबई January 03, 2018

भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) अब टाटा संस समेत सभी बीमा कंपनियों में ताजा निवेश बंद करेगी। इसकी वजह यह है कि बीमा नियामक विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) ने बीमा कंपनियों को किसी निजी कंपनी में निवेश से प्रतिबंधित कर दिया है।  इस घटनाक्रम से नजदीकी से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार जीवन बीमा कंपनियां टाटा संस में अपना निवेश घटाने के लिए कुछ समय दिए जाने के संबंध में आईआरडीए से बातचीत कर रही हैं।  टाटा संस के डेट (गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर्स) में एलआईसी सबसे बड़ी निवेशक है और मार्च 2017 तक एलआईसी से बड़े निवेश के साथ 21,000 करोड़ रुपये की कुल एनसीडी थीं। 
 
अधिकारी ने कहा कि आईआरडीए के साथ अपनी बातचीत में टाटा संस ने आईआरडीए के जनवरी 2015 के निर्णय के संदर्भ में समय मांगा है जिसमें उसने बीमा कंपनियों को आईडीएफसी में अपना निवेश घटाने का निर्देश दिया था। आईआरडीए ने बीमा कंपनियों को आईडीएफसी के बॉन्डों में अपना निवेश घटाने के लिए दो साल का समय दिया।  इस संबंध में टाटा संस के प्रवक्ता से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि समूह वैकल्पिक तौर पर कोष उगाही की योजनाओं पर अन्य ऋणदाताओं के साथ बातचीत कर रहा है। 
 
पिछले साल सितंबर में टाटा संस ने निजी कंपनी में तब्दील होने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगी थी, जो उसके अल्पांश शोयरधारक मिस्त्री परिवार के अनुसार उनके हितों के खिलाफ है और वह इसे चुनौती देने के लिए नैशनल कॉरपोरेट लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) चले गए।  नवंबर 2017 में एनसीएलटी की मुंबई बेंच ने फैसला दिया कि टाटा संस आवेदन कर सकती है, लेकिन 16 जनवरी की अगली सुनवाई तक निजी कंपनी बनने के लिए याचिका दायर नहीं कर सकती।  एलआईसी पर यह प्रतिबंध ऐसे समय में सामने आया है जब टाटा संस की कोष जरूरत आगामी महीनों में काफी अधिक होगी, क्योंकि उसे चालू तिमाही के लिए टाटा स्टील में अपनी 32 फीसदी हिस्सेदार बनाए रखने के साथ साथ इस साल मार्च तक टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड में 300 अरब रुपये का अतिरिक्त निवेश करने के लिए कोष जुटाने की जरूरत होगी। टाटा टेलीसर्विसेज इस रकम का इस्तेमाल अपना कर्ज घटाने के लिए करेगी।  एलआईसी के एक अधिकारी ने कहा कि अच्छी क्रेडिट रेटिंग की वजह से टाटा संस उनके लिए हमेशा से एक अच्छा निवेश रहा है। मार्च 2017 में समाप्त वर्ष में टाटा संस की आरक्षित नकदी 116 अरब रुपये थी। 
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