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एमटेक ऑटो की होड़ में कई कंपनियां

अजय मोदी और वीणा मणि / नई दिल्ली December 29, 2017

निजी इक्विटी कंपनियों एआईओएन और एसएसजी कैपिटल, ब्रिटेन की लिबर्टी हाउस और डेक्कन वैल्यू इन्वेस्टर्स ने एमटेक ऑटो के अधिग्रहण के लिए अपने बोली प्रस्ताव सौंप दिए हैं। समाधान योजनाओं के साथ ये बोलियां रिजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा कंपनी के लिए तय 4,000 करोड़ रुपये की आरक्षित कीमत से ऊपर होनी चाहिए। गुरुवार एमटेक मामले में बोलियां पेश करने के लिए आखिरी दिन था। इस घटनाक्रम से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि इन बोलीदाताओं द्वारा सौंपी गईं समाधान योजनाओं का विवरण आने वाले दिनों में सार्वजनिक कर दिया जाएगा। 
 
एमटेक ऑटो का शेयर गुरुवार को बीएसई पर 28.50 रुपये के अपर सर्किट पर पहुंच गया जो पूर्ववर्ती बंद स्तर से 4.97 फीसदी की तेजी है। यह शेयर इस सप्ताह लगभग 11 फीसदी चढ़ चुका है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण महज 700 करोड़ रुपये है। दिल्ली में मुख्यालय वाली और बीएसई में सूचीबद्घ इस वाहन कलपुर्जा कंपनी पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। ब्याज और अन्य शुल्कों के साथ साथ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के कुल बकाया 12,000 करोड़ रुपये पर अनुमानित है। हालांकि बैंक व्यापक रूप से हेयरकट पर जोर दे सकते हैं क्योंकि बोलियां 12,000 करोड़ रुपये के कुल क्लेम से नीचे रहने की संभावना है। एसबीआई, आईडीबीआई और कॉरपोरेशन बैंक समेत कई बैंक एमटेक ऑटो के ऋणदाता हैं।
 
एमटेक ऑटो आरबीआई द्वारा दिवालिया प्रक्रिया के लिए चिह्निïत की गईं कंपनियों में ऐसी एकमात्र कंपनी है जिसके ग्राहकों में मारुति सुजूकी, हुंडई, टाटा मोटर्स, एमऐंडएम और हीरो जैसे नाम मुख्य रूप से शामिल हैं। एमटेक ऑटो ने 31 मार्च 2017 में समाप्त वर्ष में 2,533 करोड़ रुपये का समेकित नुकसान दर्ज किया। परिचालन से राजस्व वर्ष के लिए 1,966 करोड़ रुपये पर रहा। कंपनी को बड़ा नुकसान मुख्य रूप से वर्ष के लिए 1305 करोड़ रुपये की ऊंची वित्तीय लागत की वजह से हुआ। कंपनी को हल्के वाणिज्यिक वाहनों, ट्रैक्टरों और खास कार निर्माताओं जैसे घरेलू ऑटोमोबाइल सेगमेंटों से मांग में सुस्ती की वजह से वित्त वर्ष 2016 और वित्त वर्ष 2017 में कम मांग और धीमे क्षमता इस्तेमाल का भी सामना करना पड़ा है। निर्माण क्षेत्र में मंदी का भी कंपनी के व्यवसाय में दबाव के तौर पर असर देखने को मिला।  कंपनी के कर्मचारियों की संख्या लगभग 20,000 है और वह भारत और विदेश में कई इकाइयों के साथ परिचालन कर रही है। 
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