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पोंजी स्कीम की तरह है क्रिप्टोकरेंसी

सोमेश झा / नई दिल्ली December 29, 2017

केंद्र सरकार ने बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) को सीधे-सीधे अवैध करार नहीं दिया है लेकिन लोगों को इनमें निवेश करने से बचने की सलाह दी है। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पोंजी स्कीमों की तरह है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आभासी मुद्राओं का अपना कोई मूल्य नहीं है और इन्हें किसी भी प्रकार की परिसंपत्तियों का समर्थन हासिल नहीं है। बिटकॉइन और दूसरी आभासी मुद्राओं की कीमत पूरी तरह अटकलों पर निर्भर है जिससे इनकी कीमतों में तेजी और अस्थिरता है। उपभोक्ताओं को ऐसी पोंजी स्कीमों से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है।

 
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर नपातुला रुख अपना रही है और आभासी मुद्राओं को प्रतिबंधित करने के बजाय इनके लेनदेन पर नजर रखने के लिए नियम बनाए जाने चाहिए। डेलॉयट, हेस्किंस ऐंड सेल्स एलएलपी में पार्टनर रोहिंटन सिढवा ने कहा, 'निश्चित तौर पर क्रिप्टोकरेंसी के पोंजी स्कीमों की तरह इस्तेमाल होने की संभावना है लेकिन सरकार को एक उभरती तकनीक के खिलाफ नहीं जाना चाहिए। हमें अपनी व्यवस्था में खामियों को दूर करने की जरूरत है। हमें मजबूत नियमन की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि देश में सभी बिटकॉइन डीलर रिजर्व बैंक के साथ पंजीकरण करवाएं। साथ ही सभी लेनदेन वैध तरीके से  होने चाहिए।'
 
मंत्रालय का कहना है कि पोंजी स्कीमों की तरह क्रिप्टोकरेंसी के भी बुलबुला साबित होने का जोखिम है। इससे निवेशकों खासकर खुदरा उपभोक्ताओं को अपना पैसा गंवाना पड़ सकता है क्योंकि डिजिटल करेंसी के निवेश में बहुत जोखिम है।  आभासी मुद्राओं को डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में रखा जाता है जिसमें हैकिंग, पासवर्ड गुम होने और मालवेयर के हमले का खतरा रहता है जिससे निवेशक  को हमेशा के लिए अपना पैसा खोना पड़ सकता है।सरकार ने कहा कि आभासी मुद्राएं वैध मुद्रा नहीं हैं और न तो ये नोट की श्रेणी में आती हैं और न ही सिक्के की। सरकार ने स्पष्टï किया कि  किसी भी नियामक ने किसी भी एजेंसी को आभासी मुद्रा के लेनदेन के लिए कोई लाइसेंस नहीं दिया है। 
 
वित्त मंत्रालय ने कहा कि आभासी मुद्राओं के निवेशकों और अन्य भागीदारों की जोखिम की अपनी जिम्मेदारी है और उचित होगा कि वे इनसे दूर रहें। रिजर्व बैंक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से बचने की सलाह देते हुए 3 बार चेतावनी जारी कर चुका है। उसने दिसंबर, 2013, फरवरी 2017 और इसी महीने चेतावनी जारी की है। सरकार ने कहा कि आभासी मुद्राएं वैध मुद्रा नहीं हैं और देश में इनके लिए कोई नियामकीय अनुमति और संरक्षण नहीं है।
 
इस बीच वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने लोकसभा में एक लिखित बयान में बताया कि आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग ने बिटकॉइन के संबंध में दुनियाभर में बनाए गए कानूनों का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की थी। सरकार समिति की रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। समिति ने बिटकॉइन के नियमन की व्यवस्था बनाने की सिफारिश की है।
Keyword: bitcoin, money, currency,
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