बिजनेस स्टैंडर्ड - 7 अरब डॉलर होगा झींगा निर्यात
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7 अरब डॉलर होगा झींगा निर्यात

निर्माल्य बेहड़ा / भुवनेश्वर December 17, 2017

मजबूत मांग, उच्च गुणवत्ता, उत्पाद में सुधार और आंध्र प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मत्स्यपालन के क्षेत्र में बढ़ोतरी से वर्ष 2022 तक भारत से झींगा निर्यात दोगुना होकर करीब सात अरब डॉलर पहुंचने की संभावना है। इस क्षेत्र में भारत के प्रतिद्वंद्वी एशियाई देशों को संरचनात्मक मुद्दों और बढ़ती घरेलू मांग का सामना करना पड़ रहा है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने भारत से झींगे के निर्यात में इस बढ़ोतरी की संभावना जताई है। उसका कहना है कि भारत ने वित्त वर्ष 2016 में वियतनाम को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे बड़े झींगा निर्यातक का तमगा हासिल किया था। एक साल बाद भारत ने वियतनाम को बहुत पीछे छोड़ दिया है। भारत ने जहां 3.8 अरब डॉलर मूल्य के झींगे का निर्यात किया है वहीं वियतनाम का निर्यात 3 अरब डॉलर पर ठहरा हुआ है। बीमारी, बाढ़, श्रम मुद्दों और कड़े पर्यावरणीय कानूनों के कारण 2010 से एशिया में झींगे का उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वियतनाम में ताजे पानी की कमी, गाद और अवैध झींगा पालन के कारण झींगा उत्पादन में 40 फीसदी की कमी आई है। थाईलैंड किसी जमाने में दुनिया का सबसे बड़ी झींगा निर्यातक हुआ करता था लेकिन उत्पादन में 65 फीसदी गिरावट के बाद वह 5वें स्थान पर पहुंच गया है।

 
2016 में चीन में झींगा उत्पादन में 60 फीसदी की कमी आई जबकि खपत दोगुना हो गई। इसके कारण चीन मामूली निर्यातक बनकर रह गया। इन सभी निर्यातक देशों को गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जहां तक भारत की बात है तो पिछले कुछ वर्षों के दौरान निर्यातकों ने कम घनत्व वाले पालन केंद्रों पर जोर दिया है लेकिन गुणवत्ता को बरकरार रखा है। क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय निर्यातकों को अमेरिका से पैथोजन मुक्त ब्रूडस्टॉक के आयात से फायदा हुआ है। इससे वित्त वर्ष 2012 से 2017 के बीच भारत का झींगा उत्पादन दोगुना हो गया और उसने दूसरे एशियाई देशों से कम आपूर्ति का भरपूर फायदा उठाया।
 
भारतीय निर्यातकों को 2022 तक 7 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद है। देश में सीफूड की सबसे बड़ी निर्यातक फाल्कन मरीन एक्सपोट्र्स लिमिटेड के अध्यक्ष तारा पटनायक ने कहा कि भारतीय झींगा निर्यात पहले ही 2016-17 में 5 अरब डॉलर पार कर चुका है। 7 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है लेकिन यह उत्पादन में सुधार के लिए संबंधित राज्य सरकार की नीति पर निर्भर करेगा। भारतीय झींगे की गुणवत्ता में भी सुधार आ रहा है।
 
क्रिसिल ने 75 झींगा निर्यातकों के नमूने उठाए जिनका राजस्व 2015 से 2017 के बीच 9 फीसदी की सालाना चक्रवृद्घि विकास दर के साथ 2.2 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया। भारत से झींगे के निर्यात में इन निर्यातकों की करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके ऋण और इक्विटी के अनुपात में भी सुधार हुआ है और उनका क्रेडिट प्रोफाइल भी मजबूत हुआ है।  क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठï निदेशक सुबोध राय ने कहा कि एजेंसी ने जिन निर्यातकों के नमूने लिए उनका औसत क्रेडिट अनुपात वित्त वर्ष 2015 से 2017 के बीच 7 से अधिक था। यह इस क्षेत्र में संचरनात्मक सुधारों और मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
Keyword: sea food, fish,,
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