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आईआईएफएल सस्ती परियोजनाओं के लिए लाएगा डॉलर फंड

राघवेंद्र कामत / मुंबई December 17, 2017

आईआईएफएल समूह ने सस्ती आवासीय परियोजनाओं में निवेश के लिए पिछले महीने 50 करोड़ डॉलर का घरेलू रियल एस्टेट डेट फंड शुरू किया था। इस मामले से अवगत सूत्रों ने बताया कि कंपनी अब इतनी ही रकम विदेशी निवेशकों से भी जुटाने की तैयारी कर रही है। आईआईएफएल ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य निवेश अधिकारी (रियल एस्टेट निवेश) बालाजी राघवन ने कहा, 'हम विदेशी निवेशकों के लिए रास्ता तैयार करना पहले ही शुरू कर चुके हैं। यह एक डेट फंड होगा और यह भी सस्ती आवासीय परियोजनाओं में निवेश करेगा।'
 
इसके लिए रकम वैश्विक स्तर पर बड़े पेंशन फंडों, निधियों और कारोबारी घरानों से जुटाई जाएगी। फंड मैनेजर आधिकारिक तौर पर इसे अपने घरेलू फंड के पूरे होने के बाद लॉन्च करेगा। घरेलू फंड के प्रमुख निवेशकों में प्रेम वत्स की फेयरफैक्स और आईआईएफएल शामिल हैं।  राघवन ने कहा, 'इस नए फंड के नकदी प्रवाह को पुनर्भुगतान एवं न्यूनतम तय कूपन के साथ जोड़ा जाएगा ताकि डेवलपरों के लिए इसे अधिक सुगम बनाया जा सके।' सस्ती आवासीय परियोजनाओं में विदेशी एवं घरेलू दोनों कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है। हाल में आईएफसी और एचडीएफसी ने सस्ती आवासीय परियोजनाओं में निवेश कि लिए साथ मिलकर 80 करोड़ डॉलर का फंड तैयार किया है। 
 
महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स ने एचडीएफसी कैपिटल एडवाइजर्स के एचडीएफसी कैपिटल अफोर्डेबल रियल एस्टेट फंड-1 के साथ साझेदारी की है ताकि सस्ती आवासीय परियोजनाएं विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक प्लेफॉर्म तैयार किया जा सके। इस फंड के पास अगले तीन साल के  लिए 500 करोड़ रुपये की निवेश प्रतिबद्धता है। शापूरजी पलोनजी समूह भी चेन्नई, अहमदाबाद, कोच्चि, इंदौर, गाजियाबाद और कोयम्बटूर जैसे शहरों में सस्ती आवासीय परियोजनाओं के लिए संभावनाएं तलाश रहा है। विश्व बैंक की इकाई आईएफसी, एशियाई विकास बैंक और पीई फर्म स्टैंडर्ड चार्टर्ड प्राइवेट इक्विटी के साथ अपने दूसरे दौर के संयुक्त निवेश कार्यक्रम के तहत इन शहरों में सस्ती आवासीय परियोजनाओं में निवेश करना चाहती है।
 
सूत्रों ने बताया कि कोटक रियल्टी फंड सस्ती आवासीय परियोजनाओं में निवेश कि लिए ब्रिटिश सरकार के स्वामित्व वाले सीडीसी ग्रुप के साथ बातचीत कर रहा है। निसस फाइनैंस सर्विसेज के मुख्य कार्याधिकारी एवं प्रबंध निदेशक अमित गोयनका ने कहा, 'यदि परियोजना सही टिकट साइज और सही बाजा बाजार में हो तो इस क्षेत्र में बिक्री की अच्छी संभावनाएं दिखीं हैं। सस्ती आवासीय परियोजनाओं के डेवलपरों को 25 फीसदी कम ब्याज दरों और कर में छूट का भी फायदा मिलता है।' निसस फाइनैंस नागपुर, कोयम्बटूर और औरंगाबाद में सस्ती आवासीय परियोजनाओं में निवेश की संभावनाएं तलाश रही है।
Keyword: real estate, property, IIFL,,
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