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फरवरी से नहीं, अप्रैल या जून से लागू हो ई-वे बिल

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली 12 17, 2017

अभी इस बिल को लागू करने से माल की आपूर्ति में होगी दिक्कतें
कारोबारियों की 1 अप्रैल या 1 जून से ई-वे बिल लागू करने की मांग
पहले जीएसटी पोर्टल की खामियां सुधरें, वरना जीएसटी रिटर्न जैसा होगा हाल
दिल्ली सरकार ई-वे बिल के पक्ष में नहीं, इसे इंस्पेक्टर राज बढ़ाने वाला बताया

 कारोबारी जीएसटी परिषद द्वारा 1 फरवरी से अंतरराज्यीय कारोबार पर ई-वे बिल लागू करने के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि अभी भी जीएसटी पोर्टल में खामियां हैं, ऐसे में उन्हें डर है कि कहीं जीएसटी रिटर्न की तरह ई-वे बिल जेनरेट करने में भी परेशानियों का सामना न करने पड़े। कारोबारी इसे अगले वित्त वर्ष अप्रैल या जून से लागू कराने के पक्ष में हैं। कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि कारोबारियों को 1 फरवरी से ई-वे बिल लागू करने से देश में वस्तु व सेवाओं की आपूर्ति करने में कठिनाइयों को सामना करना पड़ सकता है।

चैंबर ऑफ ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री के संयोजक बृजेश गोयल कहते हैं कि जीएसटी लागू होने के साढ़े पांच बाद भी जीएसटी पोर्टल ढंग से काम नहीं कर रहा है। ऐसे में इस समय ई-वे बिल लागू करने पर कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न जैसी मुश्किलें होने का डर है। जब राज्यों के अंदर आपूर्ति के लिए यह बिल 1 जून से लागू हो रहा है तो अंतरराज्यीय आपूर्ति के मामले में भी इसे 1 जून से ही लागू किया जाना चाहिए।

दिल्ली बिक्री कर बार संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा भी मानते हैं कि जीएसटी पोर्टल की दिक्कतें अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। शर्मा का कहना है कि सरकार के मुताबिक ही जीएसटी पोर्टल पर एक साथ लॉगिन की क्षमता 1.20 लाख है जबकि जीएसटी के तहत पंजीकृत करीब 1 करोड़ डीलर लाखों की संख्या में रोजाना ई-वे बिल जेनरेट करेंगे। एक साथ 3 से 4 लाख बिल जेनरेट होना आम बात है। ऐसे में इस बिल को लागू करने से पहले जीएसटी पोर्टल को सक्षम बनाना चाहिए। दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा दिल्ली सरकार ई-वे बिल के पक्ष में नहीं है। जब हर जिले, राज्य के बॉर्डर पर कर इंस्पेक्टर माल से लदे वाहन को रोके गा तो जीएसटी से एक देश एक कर का उद्देश्य क्या है? इस बिल से इंस्पेक्टर राज बढ़ेगा।

Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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