बिजनेस स्टैंडर्ड - ऐपल भारत में आगे, वैश्विक बिक्री कमजोर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, December 15, 2017 01:33 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम कंपनिया खबर

ऐपल भारत में आगे, वैश्विक बिक्री कमजोर

अर्णव दत्ता / नई दिल्ली December 06, 2017

अगस्त के आरंभ में ऐपल के सालाना प्रमुख लॉन्च से कुछ सप्ताह पहले वैश्विक मुख्य कार्याधिकारी टिम कुक ने भारत में इस सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) बहुराष्टï्रीय कंपनी के भविष्य को लेकर काफी उम्मीद जताई थी। उन्होंने इस बाजार के लिए ऐपल की योजनाओं के बारे में बताया और कंपनी द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी जिनके परिणाम पहले ही आने लगे थे। हालांकि भारत में ऐपल की यह कहानी निराधार नहीं है क्योंकि सितंबर के अंत में वैश्विक स्मार्टफोन विनिर्माताओं के बीच उसकी बाजार हिस्सेदारी घटकर 12 फीसदी से भी नीचे रह गई। ऐपल अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धी सैमसंग के मुकाबले 10 फीसदी से भी अधिक पीछे है। 
 
अमेरिकी अनुसंधान एवं परामर्श फर्म गार्टनर के आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2016 तिमाही में ऐपल की बाजार हिस्सेदारी 17.9 फीसदी थी जो लगातार गिरावट के साथ जुलाई से सितंबर तिमाही में 11.9 फीसदी रह गई। पिछले साल वह 17.8 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पायदान पर रही थी। लेकिन अब उसकी बिक्री 88 फीसदी कम हो चुकी है। हालांकि भारत में ऐपल के लिए चलन बिल्कुल विपरीत है। पिछले साल उसकी बिक्री 30 फीसदी बढ़कर 25 लाख डिवाइस हो गई और अब वह खुद अपने इस आंकड़े को पीछे छोडऩे की तैयारी में है।
 
काउंटरपॉइंट रिसर्च का कहना है कि आईफोन की बिक्री 2017 में 35 लाख के पार जाने का अनुमान है जो 2016 के मुकाबले करीब 40 फीसदी अधिक है। वैश्विक बाजार में भले ही ऐपल की बाजार हिस्सेदारी लगातार घट रही है लेकिन भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में वह सितंबर तिमाही के दौरान 2.2 फीसदी बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में सफल रही। यह न केवल पिछली तिमाहियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन है बल्कि इस तिमाही के दौरान ऐपल ने करीब 4 करोड़ स्मार्टफोन का लदान किया। विश्लेषकों का कहना है कि यह भारत में ऐपल के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
 
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की तिमाहियों के दौरन ऐपल की कमजोर बिक्री में वैश्विक सीजन की अहम भूमिका रही। भारत में त्योहारी सीजन से पहले स्टॉक तैयार करना आईफोन के आयात में इतनी बड़ी तेजी की मुख्य वजह रही। हालांकि इसके कुछ अन्य कारण भी हैं। स्थानीय बाजार के प्रति ऐपल के नजरिये में बदलाव भी इसकी एक मुख्य वजह रही है। सूत्रों का कहना है कि मई 2016 में कुक की पहली भारत यात्रा के बाद से ही उनकी कंपनी बिक्री को रफ्तार देने के लिए अपने पूरे पोर्टफोलियो की पेशकश के साथ-साथ नए उत्पादों को भी यहां उतारने की रणनीति अपनाई है। हाल में ऐपल ने न केवल खुदरा बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाई है बल्कि उसने ई-कॉमर्स माध्यम पर भी ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी ई-कॉमर्स माध्यमों के जरिये आईफोन5 और 6 शृंखला के पुराने लेकिन लोकप्रिय मॉडलों को बेचने की रणनीति अपनाई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के सहायक निदेशक तरुण पाठक के अनुसार, ऐपल ने ई-कॉमर्स साइट के जरिये रिकॉर्ड संख्या में इन मॉडलों की बिक्री की है। उन्होंने कहा, 'अब आईफोन की करीब आधी बिक्री ऑनलाइन चैनल से हो रही है जो ऐपल के उदय के लिए काफी अहम साबित हुई है।'
Keyword: apple iphone 8 india,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या ई-वे बिल को लागू करने से बढ़ेगी व्यापारियों की मुश्किल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.