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आरकॉम के मसले पर होगी संयुक्त लेनदार फोरम की बैठक

देव चटर्जी और अभिजित लेले / मुंबई November 28, 2017

आरकॉम के खिलाफ चाइना डेवलपमेंट बैंक ने नैशनल कॉरपोरेट लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया है और अगर इसकी याचिका स्वीकार हो जाती है तो इस हफ्ते संयुक्त लेनदार फोरम की आपात बैठक बुलाने वाले भारतीय बैंक चीन के बैंक की याचिका के साथ जुडऩे के लिए बाध्य होंगे। यह मानना है बैंकरों का। बैंकरों के मुताबिक, अग एनसीएलटी में कंपनी के खिलाफ याचिका स्वीकार हो जाती है और अदालत दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश देता है तो लेनदारों को तत्काल रिलायंस कम्युनिकेशंस को दिए गए कर्ज का 50 फीसदी प्रावधान करना होगा। बैंंकर ने कहा, इस तिमाही में यह तभी हो सकता है जब एनसीएलटी दिवालिया संहिता के तहत समाधान का आदेश दे। कंपनी के ऊपर चीन के बैंक का 1.4 अरब डॉलर बकाया है, जो बैंक ने विदेश में उपकरण की खरीद के लिए दिए थे। इस साल मार्च तक एकीकृत आधार पर सभी बैंकों का इस कंपनी पर 49,061 करोड़ रुपये बकाया है।
 
दिवालिया प्रक्रिया के लिए आरकॉम को एनसीएलटी ले जाकर चाइना डेवलपमेंट बैंक अनिल अंबानी की अगुआई वाली कंपनी से अपना बकाया वापस लेने की खातिर अन्य सुरक्षित लेनदारों से आगे निकल गया है। बैंकर ने कहा, इससे हमें आश्चर्य हुआ है क्योंकि जनवरी तक हम सीडीआर के तहत शेयर परिवर्तन की बाबत फैसला लेने वाले थे। चीन के बैंक के कदम पर प्रतिक्रिया जताते हुए आरकॉम का शेयर मंगलवार को 3.37 फीसदी फिसलकर 12.90 रुपये पर बंद हुआ। इस साल जनवरी से अब तक आरकॉम का शेयर 62.1 फीसदी टूटा है, जिसने भारतीय लेनदारों को कर्ज को शेयर में (जनवरी में तय उच्च मूल्यांकन पर) तब्दील करने के मामले में असमंजस में डाल दिया है। रिलायंस कम्युनिकेशंस का संकट रिलायंस समूह की अन्य कंपनियों में भी फैल रहा है, जो इस साल जनवरी से अब तक लगातार गिरावट का सामना कर रही हैं।
 
बैंकरों ने कहा, चीन के बैंक का कदम एस्सार समूह के खिलाफ स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के कदम की तरह ही है क्योंकि एस्सार ने कर्ज चुकाने में चूक की थी। इस साल मई में स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने एनसीएलटी के अहमदाबाद पीठ का दरवाजा खटखटाया ताकि रकम वापस मिल सके। रिलायंस कम्युनिकेशंस के खुद के आकलन के मुताबिक, कंपनी के पास 10,000 करोड़ रुपये की रियल एस्टेट परिसंपत्ति है और 100 फीसदी टेलीकॉम टावर कंपनी, जिसे पहले ब्रुकफील्ड को 11,000 करोड़ रुपये में बेचे जाने का अनुमान था।आरकॉम का अनुमान है कि स्पेक्ट्रम समेत इसकी परिसंपत्तियों की कीमत 27,000 करोड़ रुपये है, लेकिन वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नोमूरा का अनुमान है कि इसकी परिसंपत्तियां 13,900 करोड़ रुपये की है। 
 
पैंटल टेक को बिग टीवी बेचेगी रिलायंस
 
आरकॉम ने अपनी डीटीएच फर्म रिलायंस बिग टीवी को बेचने के लिए पैंटल टेक्नोलॉजी और वीकॉन मीडिया ऐंड टेलीविजन के साथ एक पक्का करार किया है। उसने सौदे की रकम का अभी खुलासा नहीं किया है। कंपनी ने कहा कि उसने अपना कर्ज कम करने तथा अपने शेयरधारकों एवं कर्जदाताओं समेत सभी संबंधित पक्षों के फायदे के लिए यह कदम उठाया है। उसने कहा, यह सौदा रिलायंस कम्युनिकेशन के शेयरधारकों एवं कर्जदाताओं समेत सभी संबंधित पक्षों को लाभ पहुंचाएगा तथा असुरक्षित कर्जदाताओं की देनदारी को कम करने में मदद करेगा। 
Keyword: rcom, reliance, NCLT, नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी),
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