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कीट प्रकोप से कपास उत्पादन घटने की आशंका

राजेश भयानी / मुंबई November 26, 2017

कीटों के हमले की वजह से इस बार कपास उत्पादन में बड़ी गिरावट आने का अनुमान है। कीटों के नुकसान की मात्रा को लेकर स्थिति अगले कुछ सप्ताहों में और अधिक स्पष्टï हो जाएगी। पिंक बॉलवॉर्म कीट ने खासकर महाराष्ट्र और तेलंगाना में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है। इस तरह का नुकसान पिछले साल गुजरात में और तीन साल पहले हरियाणा में हुआ था। इस साल इस नुकसान की मात्रा अधिक है और कीटों से फसल को होने वाली बीमारी वाले जिलों के किसान अपनी खराब गुणवत्ता वाली फसल को 10-15 प्रतिशत कम दाम पर बेच रहे हैं।
 
भारतीय कपास संघ (सीएआई) ने 2017-18 के लिए कपास फसल 3.75 करोड़ गांठ (1 गांठ=170 किलोग्राम) रहने का अनुमान जताया है। सीएआई के अध्यक्ष अतुल गनात्रा ने कहा, 'मंडियों (थोक बाजारों) से मिल रही खबरों के आधार पर हमारा मानना है कि कपास पैदावार में 10 प्रतिशत तक की कमी आएगी और सीजन के शुरू में कम आवक को देखते हुए हम फसल अनुमान को घटाएंगे।'सामान्य तौर पर नवंबर से, दैनिक आवक 2 लाख गांठ पर रहती है, लेकिन इस बार यह 30 प्रतिशत तक कम है। कम पैदावार, फसल को नुकसान की वजह से किसानों द्वारा अपनी फसल को बाद में ऊंची कीमतों पर बेचे जाने की संभावना है। इससे भी आवक में कमी देखी जा रही है। 
 
इस साल, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु तथा कर्नाटक में कई जिले कपास पर कीटों के हमले से प्रभावित हुए हैं। गुजरात कपास किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर 500 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस पहले ही घोषित कर चुका है।सरकार संचालित भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के चेयरमैन पी अली रानी ने कहा, 'हम एमएसपी पर खरीदारी के लिए तैयार हैं।' बाजार का अनुमान है कि इस सीजन की खरीदारी 20-30 लाख गांठ की होगी। हालांकि सीसीआई नमी वाला और तय मानकों से कमजोर गुणवत्ता वाला कपास खरीदने में सक्षम नहीं होगा। इसलिए, महाराष्ट्र में इस बारे में राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है। राज्य सरकार इस पर विचार कर रही है कि किस तरह से प्रभावित कपास किसानों की मदद की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार किसानों की मदद करने के लिए अपने एग्रीकल्चरल मार्केटिंग फेडरेशन को सक्रियता बढ़ाने को कह सकती है। महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश का देश के कुल कपास उत्पादन में लगभग 40 फीसदी का योगदान है।
 
कम आवक और फसल अनुमान घटाए जाने की संभावना को देखते हुए बाजार कपास कीमतों को लेकर तेजी का रुख अपना रहा है। ऐंजल ब्रोकिंग के अनुज गुप्ता का कहना है, 'हम निकट भविष्य में कपास कीमतें 19,500 रुपये-20,000 रुपये प्रति गांठ पर पहुंच जाने की उम्मीद कर रहे हैं।' मौजूदा समय में एमसीएक्स वायदा पर कपास कीमतें 18,550 रुपये पर हैं।' 
Keyword: cotton, कपास बुआई,
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