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जीएसटी: 56 फीसदी संक्षिप्त रिटर्र्न दाखिल

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली November 21, 2017

करीब 43 लाख कारोबारियों ने 20 नवंबर की आखिरी समयसीमा तक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए संक्षिप्त रिटर्न दाखिल किया है। यह तादाद करीब 56 फीसदी पंजीकृत करदाताओं की है। इस बीच जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया को सरल बनाने के उपाय सुझाने के लिए एक समिति गठित की गई है। इस समिति का नेतृत्व कर रहे जीएसटीनेटवर्क (जीएसटीएन) के अध्यक्ष ए बी पांडेय का कहना है कि समिति कर विशेषज्ञों, व्यापार संस्थाओं से परामर्श कर प्रक्रिया को कारोबार के लिए सुगम बनाएगी। 
 
आखिरी दिन करीब 14.8 लाख करदाताओं ने रिटर्न दाखिल किया। विभिन्न राज्यों में पंजाब में सबसे ज्यादा 73 फीसदी रिटर्न दाखिल किए गए। हालांकि अभी अक्टूबर के लिए 44 फीसदी कर रिटर्न अभी दाखिल करना है। पहले के महीने के मुकाबले जीएसटी अनुपालन दर में बढ़ोतरी हुई है। मिसाल के तौर पर 20 अक्टूबर की आखिरी तारीख तक सितंबर महीने के लिए 39.3 लाख रिटर्न दाखिल किए गए वहीं 20 सितंबर तक अगस्त महीने के लिए 28.5 लाख रिटर्न दाखिल किए गए। हालांकि कुछ कारोबारियों ने आखिरी समय-सीमा के बाद भी रिटर्न दाखिल किया। करीब 42 लाख कारोबारियों ने सितंबर और 51 लाख कारोबारियों ने अगस्त के लिए रिटर्न दाखिल किया। 
 
सवाल यह है कि 44 फीसदी ने रिटर्न दाखिल क्यों नहीं किया इस पर कर विशेषज्ञों का कहना है कि 40 फीसदी कारोबारियों का शून्य ट्रांजेक्शन है और वे बाद में रिटर्न दाखिल करेंगे। इस महीने की शुरुआत में जीएसटी परिषद ने कहा था कि जिनका शून्य ट्रांजेक्शन है वे साधारण संक्षिप्ट रिटर्न (समरी रिटर्न) दाखिल कर सकते हैं। लेकिन यह जनवरी से ही उपलब्ध होगा। 
 
जीएसटीएन के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार का कहना है, 'हर महीने जीएसटीआर 3बी दाखिल करने वाले करदाताओं की तादाद तेजी से बढ़ रही है जो उत्साहजनक है। हालांकि आखिरी दिन रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं का रुझान बरकरार है।' डेलॉयट के एम एस मणि का कहना है कि जीएसटी परिषद ने यह स्पष्टीकरण दिया था कि रिटर्न दाखिल करने वालों को केवल जीएसटीआर1 दाखिल करना है जो अब तक बिक्री रिटर्न है। पहले इस बात को लेकर अनिश्चितता थी कि उन्हें दो अन्य रिटर्न जीएसटीआर2 और जीएसटीआर3 भी दाखिल करना होगा या नहीं। लेकिन अब जीएसटीएन इन रिटर्न का सरलीकरण कर रही है और इन रिटर्न को दाखिल करने की नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। जीएसटी रिटर्न को सरल बनाने से जुड़ी इस समिति में कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश और पंजाब के कर आयुक्तों के अलावा राजस्व विभाग एवं केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। पांडेय ने पीटीआई से कहा, 'हम विशेषज्ञों से भी बातचीत कर रहे हैं और विभिन्न अन्य भागीदारों की भी राय ले रहे हैं ताकि 
 
सरलीकरण की संभावनाएं तलाशी जा सकें। हमारा मकसद यह है कि मामूली कारोबार वाले या भविष्य में इस्तेमाल के लिए पंजीकरण करवा चुके लोगों के लिए जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी को दाखिल करना आसान बनाया जा सके और इसके लिए महज कुछ बटन ही दबाने पड़ें।'
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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