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जीएसटी में कमी का ग्राहकों को मिले लाभ, सीबीईसी प्रमुख ने 100 शीर्ष कंपनियों को लिखा पत्र

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली 11 20, 2017

जीएसटी में कटौती का फायदा ग्राहकों को देने का अनुरोध

कटौती के बावजूद कई कंपनियों ने नहीं घटाई कीमतें
रेस्तरां भी बढ़ा रहे हैं खाने पीने की चीजों की कीमत

अप्रत्यक्ष कर विभाग ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए देश की 100 शीर्ष कंपनियों और 15 रेस्तराओं को पत्र लिखा है। इनमें कोलगेट पामोलिव, डाबर, नेस्ले, एचयूएल, मैकडॉनल्ड्स, कैफे कॉफी डे और एमटीआर आदि शामिल हैं। कई कंपनियों और रेस्तराओं के कीमतें बढ़ाने की कई घटनाओं के सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) की अध्यक्ष वनजा सरना ने देश की 100 शीर्ष कंपनियों के प्रमुखों और संगठनों को पत्र लिखकर उन्हें जीएसटी की दरों में कटौती के अनुरूप उत्पादों की कीमतें घटाने और इस बारे में व्यापक प्रचार करने को कहा है। उन्होंने कहा, 'हालांकि यह एक कानूनी जरूरत है लेकिन आप इस बात से सहमत होंगे कि देश के सभी नागरिकों के लिए यह एक अहम सामाजिक दायित्व है।'

कई वस्तुओं पर कर की दरें घटाने के जीएसटी परिषद के फैसले के एक सप्ताह बाद सरना ने कंपनियों को यह पत्र लिखा है। परिषद की 10 नवंबर को गुवाहाटी में हुई बैठक में आम उपयोग की 200 से अधिक वस्तुओं पर जीएसटी की दर घटाने का फैसला किया गया था। परिषद ने 178 वस्तुओं को 28 फीसदी से हटाकर 18 फीसदी में रखने का फैसला किया था जिनमें चूइंग गम, शैंपू, डिटरजेंट, चॉकलेट, सौंदर्य प्रसाधन, सैनिटरी वेयर, चमड़े के कपड़े, कुकर, स्टॉव, आफ्टर शेव, डियोड्रेंट, वॉशिंग पाउडर, रेजर और ब्लेड, कटलरी, स्टोरेज वाटर हीटर, बैटरी, धूप के चश्मे और कलाई घड़ी आदि शामिल हैं।

कर की दरों में ये बदलाव 15 नवंबर से प्रभावी हो गए हैं। अब केवल 50 वस्तुएं ही 28 फीसदी की श्रेणी में रह गई हैं। छह सामानों को 18 फीसदी से हटाकर 5 फीसदी में शामिल किया गया जबकि 8 सामानों को 12 फीसदी से हटाकर 5 फीसदी और 6 वस्तुओं को 5 फीसदी से हटाकर बिना कर वाली श्रेणी में डाला गया। रेस्तराओं को 18 फीसदी से हटाकर 5 फीसदी की श्रेणी में रखने का फैसला किया गया लेकिन उन्हें अब इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा। लेकिन इस तरह की कुछ खबरें आई हैं कि कुछ रेस्तरां 5 फीसदी जीएसटी ले रहे हैं लेकिन उन्होंने मूल कीमत बढ़ा दी है। केवल उन्हीं पांच सितारा होटलों को 18 फीसदी जीएसटी देना होगा जिनका एक रात का किराया 7500 रुपये से अधिक है। 

सरना ने अपने पत्र में कहा, 'अपने क्षेत्र की अग्रणी कंपनी होने के नाते मैं आपसे अपील करती हूं कि आप अपने उत्पादों में जीएसटी दरों में कटौती के अनुरूप कमी करें और इसका फायदा आम आदमी को पहुंचाएं।'

सरकार ने कहा है कि 15 नवंबर के बाद ग्राहकों से पुराने स्टॉक पर भी घटी हुई कीमत वसूल की जानी चाहिए। अगर कंपनी या थोक विक्रेता ने पुराने स्टॉक पर कर चुकाया है तो वे सरकार से रिफंड मांग सकते हैं।  अलबत्ता सरकारी अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दे रही कंपनियों को पकडऩा आसान है लेकिन रेस्तराओं के मामले में यह आसान नहीं है।

Keyword: सीबीईसी, जीएसटी, कटौती, ग्राहक, रेस्तरां, अप्रत्यक्ष कर, उपभोक्‍ता, डाबर, नेस्ले, एचयूएल,
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