बिजनेस स्टैंडर्ड - जीएसटी में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं देने पर कंपनियों पर गिरेगी गाज
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, December 15, 2017 01:56 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम अर्थव्यवस्था खबर

जीएसटी में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं देने पर कंपनियों पर गिरेगी गाज

ग्राहक को धोखा पड़ेगा महंगा
शुभमय भट्टाचार्य / नई दिल्ली 11 19, 2017

कंपनियों को सरकार की सख्त हिदायत

दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों को देने में देरी बर्दाश्त नहीं
दुकानदारों को बताना कंपनियों की जिम्मेदारी
कीमतों में अंतर पर कंपनियां मांग सकती है इनपुट क्रेडिट टैक्स
जीएसटी परिषद ने 178 वस्तुओं पर घटाया है जीएसटी

सरकार ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है जो जीएसटी दर में कटौती के बावजूद इसका फायदा उपभोक्ताओं को नहीं दे रही हैं। इनमें एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनियां भी शामिल हैं जिन्होंने दुकानदारों को कीमतों में तुरंत कटौती के लिए नहीं कहा है। वित्त सचिव हसमुख अढ़‍िया ने कहा कि दुकानदार या कंपनियां यह दावा नहीं कर सकतीं कि स्टॉक खत्म होने से ऊंची कीमतें बरकरार रहेंगी। उन्होंने कहा, 'कंपनियां कीमतों में अंतर के लिए सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकती हैं। हमने इसके लिए प्रावधान बनाए हैं। लेकिन मैं उनकी यह दलील मानने को तैयार नहीं हूं कि वे पुराना स्टॉक खत्म होने तक उपभोक्ताओं को कम कीमत का फायदा नहीं देंगी।' अढ़‍िया ने कहा कि कंपनियों को 15 नवंबर से नई कीमतें लागू करनी चाहिए थीं।

जीएसटी परिषद ने इस महीने हुई अपनी पिछली बैठक में 178 वस्तुओं पर जीएसटी की दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी थी। अढ़‍िया ने दूरदर्शन को दिए साक्षात्कार में कहा कि हर दुकानदार पर नजर नहीं रखी जा सकती है। इसलिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कंपनियों को जीएसटी के मुनाफाखोरी निरोधक नियम से बचना है तो उन्हें यह सुनिश्चित करना कंपनियों की जिम्मेदारी होगी कि दुकानदार दरों में कटौती का फायदा तुरंत ग्राहक को दें। इस साक्षात्कार में बिज़नेस स्टैंडर्ड भी मौजूद था। उन्होंने कंपनियों को सलाह दी कि वे अपने उत्पादों की नई कीमतों के बारे में अखबारों में पारदर्शी तरीके से विज्ञापन दें। जिन वस्तुओं पर जीएसटी दर में कटौती की गई है, उनमें डिटरजेंट, सैनिटरी वेयर, सूटकेस, सौंदर्य प्रसाधन से जुड़े सामान, चॉकलेट, संगमरमर और ग्रेनाइट, वॉल पेपर, प्लाईवुड और स्टेशनरी का सामान शामिल है।

अढ़‍िया ने कहा, 'अपनी नई कीमतों के बारे में आपूर्ति शृंखला को बताना कंपनियों की जिम्मेदारी है। अगर उन्हें सरकार की मुनाफाखोरी निरोधक कार्रवाई से बचना है तो उन्हें वितरकों से लेकर थोक और खुदरा दुकानदारों को इस बारे में बताना होगा।'

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कंपनियों को दिसंबर तक अधिकतम खुदरा मूल्य में बदलाव करने की अनुमति दी है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें तब तक इंतजार करना चाहिए। रेस्तराओं के लिए जीएसटी की नई दर पर संदेह दूर करते हुए वित्त सचिव ने कहा कि खासकर छोटे रेस्तराओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट से बाहर रखना तर्कसंगत है। वहां से मुनाफाखोरी निरोधक प्रावधान में कार्रवाई के लिए ज्यादा मामले आने की संभावना नहीं है। अगर कोई कीमतें बढ़ाने की कोशिश करता है तो प्रतिस्‍पर्धा को अपना काम करना चाहिए। जीएसटी के कारण कर संग्रह प्रभावित होने की आशंका पर उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बजट अनुमानों के मुताबिक होगा।

पिछले गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय मुनाफाखोरी निरोधक प्राधिकरण बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। तीन स्तरीय इस प्राधिकरण में स्थानीय स्तर की शिकायत को राज्य स्तरीय जांच समिति को भेजा जाएगा। दो राज्यों के बीच के मामलों को राष्ट्रीय स्तर पर गठित होने वाली स्थायी समिति को भेजा जाएगा। अगर समिति संतुष्ट होती है तो वह मामलों को जांच के लिए सेफगार्ड महानिदेशालय को भेजेगी जो अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण को देगा।
Keyword: ग्राहक, दुकानदार, इनपुट क्रेडिट टैक्स, जीएसटी परिषद, जीएसटी, एफएमसीजी, हसमुख अढ़‍िया,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या ई-वे बिल को लागू करने से बढ़ेगी व्यापारियों की मुश्किल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.