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कम लागत पर विदेश से रकम जुटा सकेंगी भारतीय कंपनियां

देव चटर्जी / मुंबई November 17, 2017

भारतीय कंपनी जगत मूडीज के कदम से जश्न मना रहा है क्योंकि इस वजह से विदेश में रकम जुटाने की उनकी लागत औसतन 100 आधार अंक तक घट जाएगी। कैलेंडर वर्ष 2017 में मूडीज की तरफ से रेटिंग को ऐसे समय में उन्नत बनाया गया है जब भारतीय कंपनियों की विदेशी बाजार की उधारी 40 फीसदी तक कम हो गई है क्योंकि कई कंपनियां अपने उच्च कर्ज व काफी कम क्षमता के प्रबंधन के लिए संघर्ष कर रही हैं।
 
बड़ी कंपनियों के मुख्य वित्तीय अधिकारियों ने कहा कि मूडीज के कदम से विदेशी बाजार से रकम जुटाने में मदद मिलेगी जहां अभी फंड की औसत लागत लाइबोर के साथ 200-400 आधार अंक है, जो कंपनी की साख पर निर्भर करती है। बजाज समूह के अध्यक्ष (वित्त) प्रबाल बनर्जी ने कहा, हम पहले की दर के मुकाबले सीधे तौर पर 75 से 100 आधार अंक कम पर रकम जुटा सकते हैं। यह उन कंपनियों के लिए अच्छी खबर है जिनकी परियोजना शुरू होने वाली हैं या वे पुराने कर्ज के बदले नया कर्ज चाहती हैं।
 
रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां सामान्य तौर पर बाकी कंपनियों से बेहतर दर पा लेती हैं और इनके लिए लाइबोर के साथ 100 आधार अंक की दर होती है, लेकिन अच्छी रेटिंग के चलते अब यह लाइबोर के साथ 25 आधार अंक पर रकम जुटाने में सक्षम होगी। अगले पांच सालों में 10 अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रही एचपीसीएल के फंड की लागत कम से कम 30-40 आधार अंक कम हो जाएगी। यह जानकारी एचपीसीएल के एक अधिकारी ने दी। शुक्रवार को मूडीज ने एचपीसीएल, बीपीसीएल, इंडियन ऑयल और पेट्रोनेट एलएनजी की भी रेटिंग उन्नत कर दी।
 
बैंकरों ने कहा, साल 2014 से भारत विदेशी मुद्रा वाले कर्ज की मात्रा व संख्या दोनों लिहाज से गिरावट देख रहा है। साल 2017 में सौदे की संख्या घटकर 41 रही और इसमें 37 फीसदी की गिरावट आई जबकि 2016 में 65 सौदे हुए थे। लेकिन साल 2018 में इसमें बदलाव हो सकता है। भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा, रेटिंग को उन्नत बनाना हाल के वर्षों में सरकार की तरफ से हुए ठोस ढांचागत सुधार के प्रभाव को रेखांकित करता है। यह स्पष्ट तौर से बताता है कि अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढऩे के लिए तैयार है, जो वैश्विक निवेश गंतव्य के तौर पर भारत की क्षमता को रेखांकित करता है।
 
विश्व बैंक की तरफ से कारोबारी सुगमता में भारत को बेहतर बताए जाने के ठीक बाद 1 नवंबर को देश के अग्रणी मुख्य कार्याधिकारियों ने इस अखबार को बताया था कि धरातल पर स्थितियां पिछले कुछ सालों में सुधरी है और कामयाबी के साथ जीएसटी लागू किए जाने से भारत की रैंकिंग आगामी वर्षों में सुधारने में मदद मिलेगी। इस महीने हुए सीईओ के सर्वेक्षण में करीब 80 फीसदी सीईओ का मानना था कि मोदी सरकार की तरफ से हुए सुधार के चलते देश में कारोबार करना सुगम हो गया है। ये सभी चीजें मूडीज ने समाहित की है, जिसने शुक्रवार को कहा कि जीएसटी अंतरराज्जीय कारोबार की बाधाएं हटाकर उत्पादकता को प्रोत्साहित करेगा।
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