बिजनेस स्टैंडर्ड - सुविचारित कदम
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, December 16, 2017 12:53 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

सुविचारित कदम

संपादकीय /  November 16, 2017

केंद्र सरकार ने दिल्ली में स्वच्छ ईंधन के भारत-6 (बीएस-6) चरण को लागू करने की तिथि को दो साल पहले यानी 1 अप्रैल, 2018 करने का निर्णय किया है जो स्वागतयोग्य है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से भी कहा है कि वे 1 अप्रैल, 2019 से संपूर्ण राष्टï्रीय राजधानी क्षेत्र में बीएस-6 मानक वाला ईंधन उपलब्ध कराने की संभावना का आकलन करें। यह घोषणा उस समय सामने आई है जब केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की लगातार आलोचना हुई है कि वे दिल्ली और उसके आसपास बढ़ रहे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उचित कदम नहीं उठा रहीं। बीते पखवाड़े इस प्रदूषण के चलते पूरा एनसीआर एक गैस चैंबर में तब्दील हो गया था। धूल और धुएं के बादल (स्मॉग) ने पूरे शहर को ढक लिया था। निश्चित तौर पर वाहनों से निकलने वाला धुआं ही मौजूदा समस्या की इकलौती वजह नहीं है। पड़ोसी राज्यों में फसल को जलाया जाना और निर्माण की जगहों पर होने वाली धूल भी इसके लिए उत्तरदायी है। फिर भी आईआईटी कानपुर और आईआईटी दिल्ली के अध्ययनों से पता चला है कि वाहनों का बढ़ता प्रदूषण भी पूरे प्रदूषण के तकरीबन 30 फीसदी के लिए उत्तरदायी है। 

 
बीएस-6 मानक का ईंधन यूरो-6 के समकक्ष है और इसमें सल्फर की मात्रा प्रति 10 लाख केवल 10 पार्ट तक सीमित रह जाएगी। यह बीएस-4 मानक से पांच गुना कम है। यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने स्वच्छ ईंधन को लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाया हो। गत वर्ष जनवरी में सरकार ने बीएस-4 के बाद बीएस-5 मानक को अपनाने के बजाय सन 2020 तक सीधे बीएस-6 को अपनाने की बात कही थी। यह कोई नई बात नहीं है। यूरोपीय देशों ने भी कड़ी मियाद तय करके कम उत्सर्जन लक्ष्यों को हासिल किया है। इतना ही नहीं देश के शहरों में वायु प्रदूषण जिस तेजी से बढ़ रहा है, खासतौर पर राजधानी और उसके आसपास यह जिस तरह फैला है उसे देखते हुए इस दलील को बल मिलता है कि छोटे-मोटे उपाय और नाना प्रकार के विचारों को अपनाकर इस समस्या से निपटने में कुछ खास मदद नहीं मिलने वाली है।
 
बहरहाल, यहां अहम बात यह है कि स्वच्छ ईंधन के प्रभावी होने के लिए यह आवश्यक है कि हमारे पास ऐसे वाहन भी हों जो बीएस-4 मानकों पर खरे उतरते हों। ऐसा इसलिए क्योंकि बीएस-4 मानकों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए वाहनों के इंजन बीएस-6 मानकों वाले ईंधन का प्रभावी लाभ नहीं दिला सकते। कार निर्माताओं का भी कहना है कि बीएस-6 वाहनों को बीएस-4 मानक के ईंधन पर चलाने से उनके इंजन पर बहुत नकारात्मक असर हो सकता है।
 
ऐसे में केवल एक शहर के लिए बीएस-6 वाहन बनाना कतई व्यावहारिक नहीं होगा। उन कंपनियों के लिए हालात और मुश्किल हैं जो कई तरह के वाहनों का निर्माण करती हैं। इनमें कार से लेकर यूटिलिटी वाहन, दो पहिया वाहन और ट्रक आदि शामिल हैं। ऐसे पोर्टफोलियो का अर्थ यह है कि कंपनियों को संसाधनों में ज्यादा से ज्यादा निवेश करना होगा। ऐसी क्षमताएं विकसित करने और उनके सफल क्रियान्वयन के लिए काफी वक्त चाहिए। कमजोर इंजन और बेहतर ईंधन के इस्तेमाल से जुड़ी यह विसंगति जल्दबाजी में हल नहीं हो सकती है क्योंकि कार निर्माता इस स्थिति में नहीं हैं कि वे अपनी मौजूदा उत्पादन तकनीक को एकदम से त्याग दें और झटपट बीएस-6 मानक के अनुकूल कारें सरकार द्वारा तय 2020 की समय सीमा से दो साल पहले ही बाजार में ला दें। सरकार को कई और कदम उठाने होंगे। एनसीआर में बीएस-2 वाहनों पर रोक भी उनमें से एक है। कुलमिलाकर लगता नहीं कि सरकार का ताजा कदम दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने में कोई खास मदद कर पाएगा।
Keyword: delhi, pollution, smog, NGT, court, BS-6,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या चमड़ा क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलने से बढ़ेगा रोजगार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.