बिजनेस स्टैंडर्ड - केंद्र ने आरबीआई से मांगा विशेष लाभांश
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केंद्र ने आरबीआई से मांगा विशेष लाभांश

अरूप रायचौधरी /  11 14, 2017

विशेष लाभांश का बैंकों के पुनर्पूंजीकरण में होगा इस्तेमाल

बैंकों और आरबीआई के साथ बातचीत प्रारंभिक चरण में
आरबीआई ने अभी प्रस्ताव को नहीं दी सहमति
आरबीआई को नहीं मिला सरकार से बॉन्ड पुनर्खरीद का प्रस्ताव

बैंकों के पुनर्पूंजीकरण की 2.11 लाख करोड़ रुपये की योजना पर सरकार, रिजर्व बैंक और बैंकों के बीच बातचीत चल रही है। बिज़नेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस योजना के लिए रकम जुटाने के वास्ते आरबीआई से विशेष लाभांश मांगा है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, 'बातचीत के दौरान आरबीआई से पूछा गया कि क्या वह केंद्र को दिए जाने वाले सालाना अधिशेष के भुगतान के अलावा विशेष लाभांश दे सकता है। अगर केंद्रीय बैंक इस लाभांश को मंजूरी देता है तो इसका इस्तेमाल केवल बैंकों के पुनर्पूंजीकरण में किया जाएगा।' 

अगर यह बातचीत सफल रहती है तो यह लाभांश 30 जून, 2018 को खत्म होने वाले आरबीआई के वित्त वर्ष 2017-18 का हिस्सा होगा। इस बातचीत के ब्योरे पर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है लेकिन उनका कहना है कि आरबीआई ने अभी तक इस प्रस्ताव पर हामी नहीं भरी है। अधिकारी ने कहा, 'यह देखना होगा कि आरबीआई के बहीखाते में इस तरह के विशेष लाभांश की गुंजाइश है या नहीं।' आरबीआई ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 30,659 करोड़ रुपये का अधिशेष सरकार को स्थानांतरित कर दिया है जबकि उससे पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 65,876 करोड़ रुपये थी। 2017-18 के बजट में सरकार ने आरबीआई और दूसरे राष्ट्रीयकृत बैंकों से 74,901 करोड़ रुपये लाभांश के तौर पर दिखाए थे।

आर्थिक मामले के सचिव सुभाष गर्ग ने अगस्त में कहा था कि इस लाभांश में आरबीआई की हिस्सेदारी 58,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान थी। गर्ग के मुताबिक आरबीआई के पास पिछले वित्त वर्ष की अपेक्षा इस बार प्रावधान के लिए करीब 14,000 करोड़ रुपये ज्यादा हैं। उन्होंने कहा था कि केंद्र आरबीआई से इसमें से कुछ राशि का भी भुगतान करने को कहेगा। सूत्र ने कहा कि यह मामला विशेष लाभांश से अलग है और इस पर बातचीत चल रही है।इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि आरबीआई भी 1.35 करोड़ रुपये के बॉन्ड पुनर्पूंजीकरण कार्यक्रम में हिस्सा लेगा। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। सरकार 1.35 लाख करोड़ रुपये के बैंक पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड की पहली किस्त दिसंबर के पहले हफ्ते में जारी कर सकती है। इसके तहत 10 साल की अवधि के बॉन्ड जारी हो सकते हैं और ब्याज की दर करीब 7 फीसदी होगी।
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