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पीएमजीएसवाई : ग्रामीण सड़कों पर खर्च होंगे 1 लाख करोड़ रुपये

संजीव मुखर्जी / नई दिल्ली 11 13, 2017

कितना आएगा खर्च

केंद्र और राज्य ग्रामीण सड़क कार्यक्रम पर मिलकर खर्च करेंगे लगभग 100,000 करोड़ रुपये
अगले तीन साल के लिए यह खर्च 2017-18 से शुरू होगा और मार्च 2020 तक चलेगा
खर्च में पीएमजीएसवाई पर लगभग 90,000 करोड़ रुपये शामिल हैं जबकि अन्य 11,000 करोड़ रुपये नक्सल प्रभावित जिलों को सड़कों से जोड़ने पर खर्च होंगे

केंद्र ने राज्यों के साथ मिलकर अगले तीन वर्षों के दौरान (वित्त वर्ष 2017-18 से) प्रमुख सड़क कार्यक्रम 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (पीएमजीएसवाई) पर लगभग 100,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इस खर्च में नई सड़कों का निर्माण, पहले से निर्मित सड़कों की मरम्मत और रखरखाव और देश के नक्सल प्रभावित जिलों में सड़कों के निर्माण पर व्यय की जाने वाली रकम शामिल है।

इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों का कहना है कि मुख्य कार्यक्रम (पीएमजीएसवाई 1 और 2) पर यह खर्च लगभग 90,000 करोड़ रुपये होगा, जबकि इस कार्यक्रम के तहत अन्य 11,000 करोड़ रुपये नक्सल प्रभावित जिलों को सड़क नेटवर्क से जोडऩे पर खर्च किए जाएंगे। यह कोष उन सभी 65,000 आवासीय इलाकों को सड़क नेटवर्क से जोडऩे के कार्य पर खर्च किया जाएगा जिन्हें इस कार्यक्रम के पहले 15वर्षों के दौरान नहीं जोड़ा जा सका था और इसके अलावा पहले से निर्मित सड़कों की मरम्मत भी की जाएगी।

इसके अलावा, गृह मंत्रालय से अन्य 11,000 करोड़ रुपये नक्सल प्रभावित जिलों में मार्च 2020 तक सड़कों के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।  अगले तीन वर्षों में ग्रामीण सड़कों पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये के खर्च में से लगभग 65,000 करोड़ रुपये केंद्र की ओर से जबकि शेष योगदान से राज्यों द्वारा 60:40 के अनुपात में दिया जाएगा।  2017-18 के आम बजट में केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई के लिए 19,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे जबकि राज्यों का योगदान लगभग 10,000 करोड़ रुपये रहा।

समान कोष पैटर्न अगले तीन वर्षों के लिए भी अपनाए जाने की संभावना है और सड़क कार्यक्रम के लिए कुल आवंटन बढ़कर लगभग 90,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसके अलावा समान योजना के तहत केंद्र और राज्य नक्सल प्रभावित इलाकों को सड़कों से जोडऩे के लिए अन्य 11,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे जिसमें केंद्र की भागीदारी लगभग 8,000-9,000 करोड़ रुपये के बीच होगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'वर्ष 2016-17 के बजट में पीएमजीएसवाई के लिए केंद्र की कुल भागीदारी 19,000 करोड़ रुपये थी, लेकिन इससे लगभग 2,000 करोड़ रुपये संबद्घ ऋणों पर ब्याज के तौर पर काट लिए गए। इसलिए हमारे लिए वास्तविक आवंटन लगभग 17,000 करोड़ रुपये था जबकि 10,000 करोड़ रुपये की राज्यों की भागीदारी सहित ग्रामीण सड़कों के लिए कुल खर्च 27,000 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया।' 2017-18 में केंद्र ने ग्रामीण इलाकों में लगभग 59,000 किलोमीटर की आठ सड़कों के निर्माण की योजना बनाई है, जो प्रतिदिन के हिसाब से लगभग 150 किलोमीटर की दर होगी। वहीं 2016-17 में यह दर 133 किलोमीटर थी।
Keyword: ग्रामीण सड़क, पीएमजीएसवाई, नक्सल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नेटवर्क, बजट,
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