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उपभोक्ता वस्तुओं की फर्में खुश

अर्णव दत्ता / नई दिल्ली November 10, 2017

अब सौंदर्य प्रसाधन और सपनों की घड़ी की खरीदारी पर ज्यादा कर नहीं चुकाना होगा। चॉकलेट, चिविंग गम, शेविंग के सामान, डिटर्जेंट और शैंपू के दाम भी जल्द कम हो सकते हैं। इन सभी पर कर की दरें कम कर दी गई हैं। साथ ही सामान्य उपभोग के कई और सामान पर कर घटाया गया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद के सदस्यों ने आज संकेज दिए कि रोजमर्रा इस्तेमाल की ज्यादातर वस्तुओं पर कर की दरें 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई हैं। इस पहल पर उपभोक्ता वस्तुओं की कंपनियों ने खुशी जाहिर की है। ज्यादातर जहां अभी इंतजार कर रहे हैं कि कर की दरें कितनी कम हुई हैं, लेकिन उन्होंने प्रथम दृष्टया कहा है कि कर कम होने पर उसका लाभ ग्राहकों को दिया जाएगा, क्योंकि इससे कीमतें कम होंगी। 
 
सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए देश के सबसे बड़े चॉकलेट विनिर्माता मोनडेलेज इंडिया ने कहा, 'हम इस प्रगतिवादी कदम से उत्साहित हैं। सरकार ने उन उत्पादों पर जीएसटी दरें कम करने का फैसला किया है, जिसका विनिर्माण हम करते हैं और इसका आम लोग बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। हमारा मानना रहा है कि उपभोक्ताओं के हित का ध्यान रखते हुए कर की दरें कम किए जाने का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा।'
 
लॉरेल इंडिया के प्रबंध निदेशक ज्यां क्रिस्टोफे लेटेलियर ने कहा, 'कर ढांचा कम किए जाने का हम स्वागत करते हैं। सरकार ने प्रसाधन श्रेणी के उत्पादों पर कर कम किया है,जो देश के आम आदमी और महिलाओं को रोजना प्रभावित करते हैं। हम उन सामानों की सूची का इंतजार कर रहे हैं, जिनकी दरों में सरकारक ने बदलाव किया गया है।'  मारिको लिमिटेड के मुख्य वित्तीय अधिकारी विवेक कर्वे ने कहा कि अब क्रीम, जेल, सीरम, डियोड्रंट जैसे सभी कॉस्मेटिक उत्पादों पर 18 प्रतिशत कर लगेगा। उन्होंने कहा, 'कर की दर कम किए जाने से ये उत्पाद सस्ते होंगे और निश्चित रूप से इससे खपत पर सकारात्मक असर पड़ेगा। मारिको कम जीएसटी दरों का लाभ खरीदारों तक पहुंचाने के लिए बहुत सक्रिय है। जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद महने पहले ही हेयर ऑयल के  दाम में 5 प्रतिशत और सफोला ऑयल मेंं 3 से 4 प्रतिशत की कमी कर दी थी।'
 
ज्योति लैब्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक उल्लास कामथ ने कहा कि फर्में जहां पहले की जीएसटी लागू होने के बाद से 4 प्रतिशत कर लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने में लगी हैं, वहीं इस कदम से ग्राहकों को और फायदा होगा। उन्होंने कहा, 'इससे खपत बढ़ाने में मदद मिलेगी और ग्राहकों की सोच में बदलाव होगा। जीएसटी लागू होने के पहले जेएलएल के लिए कर ढांचा 21 प्रतिशत था और जीएसटी के बाद यह घटकर 17 प्रतिशत पर आ गया। सरकार के मौजूदा कदम से ग्रामीण इलाकों में मांग बढ़ेगी, जहां से सितंबर तिमाही में सुधार के  संकेत मिले थे। जीएसटी अनुपालन की प्रक्रिया सरकार द्वारा आसान किए जाने से असंगठित क्षेत्र के तमाम कारोबारी संगठित क्षेत्र में कदम रख सकेंगे और इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी और उपभोक्ताओं को चयन करने का और मौका मिलेगा।'  बहरहाल उपभोक्ता वस्तुओं के कच्च्चे माल पर कर का मसला अभी बना हुआ है। ग्रांट थॉर्नटन के पार्टनर सुरेश नंदलार रोहिरा के मुताबिक कच्चे माल पर पुनरीक्षित कर दरों की समीक्षा के बाद ही वास्तविक फायदे के बारे में साफ पता चल सकेगा। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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