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धुंध से उपजे हालात से निपटने में जुटीं कंपनियां

करण चौधरी और अजय मोदी /  11 09, 2017

कैसे हैं हालात

►  दिल्ली-एनसीआर में मौजूद कंपनियों के दफ्तर में धुंध के बावजूद काम है जारी
►  सेवा क्षेत्र की कंपनियों के बजाय विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वालों को धुंध में मिली राहत
►  मारुति सुजूकी और होंडा जैसी कंपनियों के कारखानों में सामान्य रूप से चल रहा है काम
►  कई कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट देने या मदद के सवाल पर साधी चुप्पी

कुछ कंपनियां एयर प्यूरीफायर लगवा रही हैं तो कुछ अपने कर्मचारियों के बीच मास्क बांट रही हैं। कुछ कंपनियों ने अपने परिसर में ही स्वास्थ्य केंद्र का इंतजाम किया

ऑनलाइन भुगतान कंपनी पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी विजय शेखर शर्मा दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में छाई जहरीली धुंध के कहर से बचने के लिए दक्षिण भारत के एक तटीय शहर का रुख करने वाले हैं। लेकिन उनकी कंपनी के कर्मचारी ऐसा नहीं कर पाएंगे। वैसे पेटीएम ने अपने नोएडा दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों को धुंध के कहर से बचाने के लिए प्रदूषण बचाव वाले मास्क बांटने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा कामकाज के घंटों को लचीला बनाया है ताकि कर्मचारियों को दफ्तर आने-जाने के समय सड़कों पर भारी ट्रैफिक व प्रदूषण का सामना न करना पड़े। 

पेटीएम के मुख्य परिचालन अधिकारी अमित सिन्हा कहते हैं, 'हम अपने कार्यालयों में हवा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। हम दफ्तरों में उच्च क्षमता वाले एयर प्यूरिफायर भी लगवा रहे हैं। अगर कोई कर्मचारी मौजूदा माहौल में असहज महसूस करता है तो हम उसे चिकित्सकीय मदद मुहैया करा रहे हैं।' सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी एचसीएल भी अपने कर्मचारियों को पलूशन मास्क बांट रही है। एचसीएल के एनसीआर स्थित कई परिसरों में करीब 35,000 लोग काम करते हैं। धुंध से बचाव और राहत के लिए कंपनी ने अपने कर्मचारियों को कई सुझाव भी दिए हैं।

एचसीएल के प्रवक्ता कहते हैं, 'हम अपने कर्मचारियों की सेहत को लेकर पहले से ही सक्रिय रहे हैं। हमारे परिसर में एक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र भी है जहां किसी अस्वस्थ महसूस करने वाले कर्मचारी की देखरेख की जाती है।'

देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी मेकमाइट्रिप भी इस समय अपने कर्मचारियों की मदद कर रही है। उसने अपने परिसर में रियायती दरों पर कारगर एयर मास्क मुहैया कराने की व्यवस्था की है। कंपनी पहले से ही कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देती रही है लिहाजा वे कभी भी यह विकल्प आजमा सकते हैं। मेकमाइट्रिप के प्रवक्ता कहते हैं, 'हम अपने कर्मचारियों को अंदरूनी नेटवर्किंग फोरम के जरिये कारपूल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सही तरह का मास्क दिलाने में भी मदद कर रहे हैं।'

हालांकि पेप्सिको और कोका कोला जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने कर्मचारियों को किसी भी तरह की छुट्टïी देने पर विचार नहीं कर रही हैं। कोका कोला ने गुरुग्राम स्थित अपने कॉर्पोरेट ऑफिस में एयर प्यूरिफाइंग सिस्टम लगाया है। वहीं कई कंपनियों का दावा है कि उनके दफ्तर में हवा का स्तर बाहर की तुलना में बेहतर है। रेडिसन और पार्क प्लाजा होटलों की संचालक कंपनी कार्लसन रेजिडॉर के मुख्य कार्याधिकारी (दक्षिण एशिया) राज राणा कहते हैं कि होटलों के भीतर काम करने वाले कर्मचारियों को इस धुंध की जहरीली हवा का सामना नहीं करना पड़ता है। वह कहते हैं कि होटलों के भीतर पहले से ही खुशनुमा परिवेश बनाए रखने के लिए एयर फिल्टर लगे हुए हैं।

दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय तमाम कंपनियों के दफ्तरों में इस धुंध के बावजूद कामकाज पहले की ही तरह जारी है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कॉर्पोरेट दफ्तरों में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति भी पहले जैसी ही है। इस वजह से कंपनियों को यह अहसास ही नहीं हुआ है कि उन्हें कुछ अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है। अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट देने या उन्हें किसी अन्य तरह से मदद देने के सवाल पर अधिकांश कंपनियां चुप्पी साधे हुए हैं।

हालांकि सेवा क्षेत्र की कंपनियों के उलट विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को इस धुंध में थोड़ी राहत मिली है। एनसीआर स्थित एक ऑटोमोबाइल कंपनी के एक अधिकारी कहते हैं, 'हमारे लिए कर्मचारियों की निश्चित संख्या को बनाए रखना जरूरी है क्योंकि हमें उत्पादन एवं बिक्री लक्ष्यों का भी ध्यान रखना होता है। इसलिए मानव संसाधन विभाग कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान दे रहा है।' फिलहाल मारुति सुजूकी और होंडा जैसी कंपनियों के कारखानों में काम सामान्य रूप से चल रहा है।  वहीं देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने दिल्ली-एनसीआर में छाई धुंध को देखते हुए उठाए गए कदमों के बारे में कुछ नहीं कहा। 
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