बिजनेस स्टैंडर्ड - अमेरिका में और नवोन्मेषी केंद्र पर इन्फोसिस की नजर
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, November 18, 2017 06:27 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम बाजार खबर

अमेरिका में और नवोन्मेषी केंद्र पर इन्फोसिस की नजर

आयान प्रामाणिक / बेंगलूरु November 07, 2017

भारतीय आईटी सेवाओं के सबसे बड़े निर्यात बाजार अमेरिका में इन्फोसिस कई नवोन्मेषी केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है और इंडियाना के पहले केंद्र में इसकी योजना स्थानीय स्तर पर 2,000 से ज्यादा इंजीनियरों को नियुक्त करने की है, जो उस देश में ग्राहकों को सेवाएं देंगे। बेंगलूरु की आईटी कंपनी की योजना अमेरिका में वैसे मॉडल का दोहराव करने का है जो भारत में विभिन्न कैंपस से हजारों फ्रेशर की नियुक्ति, प्रशिक्षण और उन्हें ग्राहकों की परियोजनाओं पर तैनात करने के मामले में बेहतर रहा है।
 
कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने आज कहा, हम लगातार इस पर विचार कर रहे हैं कि अमेरिका में और नवोन्मेषी केंद्र की स्थापना कैसे हो सकती है। हम पहले नवोन्मेषी केंद्र इंडियाना में स्थानीय नवोन्मेष की खातिर 2,000 लोगों की नियुक्ति करेंगे। हमें अहसास हो रहा है कि काफी समय में हमने लर्निंग इन्फ्रास्ट्रक्चर सृजित पर हमने काफी काम किया, क्षमता तैयार की और यह निवेश काफी मूल्यवान है। हम स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां कर रहे हैं और हम इस पर नजर डालेंगे कि लर्निंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल से हम किस तरह भविष्य के लिए क्षमता तैयार कर सकते हैं।
 
भारतीय आईटी फर्में पारंपरिक तौर पर भारत से अमेरिकी ग्राहकों के लिए परियोजनाओं पर काम करने के लिए इंजीनियर भारत से भेजती रही है। अब ये कंपनियां स्थानीय नियुक्ति के लिए राजनीतिक दबाव का सामना कर रही हैं। साथ ही क्लाइंटों की तरफ से डिजिटल परियोजनाओं पर बजट भी उन्हें ज्यादा से ज्यादा स्थानीय इंजीनियरों की नियुक्ति के लिए बाध्य कर रहा है।
 
अगस्त में देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी की कमान संभालने वाले नीलेकणी ने कहा कि कंपनी अमेरिका में और नवोन्मेषी केंद्र स्थापित करने पर विचार करेगी और नई तकनीक में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए अपनी अहम क्षमता का इस्तेमाल करेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के साथ नवोन्मेषी मॉडलों के आदान-प्रदान के मौके हैं, जो अपने कारोबार के लिए भारतीय डिजिटल पहल का इस्तेमाल कर रही हैं। इन्फोसिस के चेयरमैन ने कहा कि विभिन्न कारोबारों में तकनीक के इस्तेमाल में हो रहे तीव्र बदलाव से नई तरह की दक्षता की दरकार होगी और इंडियाना ऐसे नवोन्मेषी केंद्रों में से एक होगा, जिसकी योजना इसके पूरक के तौर पर बनी है।
Keyword: india, america, IT,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

आभूषण व्यवसाय से टाइटन की बढ़ी चमक

Investmentsएक दशक पहले तक घड़ी सेगमेंट टाइटन का बेहद मुनाफे वाला व्यवसाय था और उसके

अशोक लीलैंड: दूसरी छमाही में मिलेगी मजबूती

मजबूती के ग्रिड में पावरग्रिड

तेज प्रतिस्पर्धा से कैडिला के मुनाफे पर दबाव

आईटी सेक्टर पर बढ़ता दबाव, शेयर पड़ रहे कमजोर

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.