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भारत में ऐपल का राजस्व दोगुना

अलनूर पीरमोहम्मद / बेंगलूरु November 03, 2017

ऐपल के मुख्य कार्याधिकारी टिम कुक ने आज कहा कि कंपनी का भारतीय राजस्व सितंबर तिमाही में साल दर साल के आधार पर दोगुना हो गया। विश्लेषक इसकी वजह फ्लिपकार्ट, एमेजॉन और पेटीएम जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आईफोन की उच्च बिक्री बता रहे हैं। टिम कुक ने विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा, भारत में बढ़ती रफ्तार के साथ चीन से बाहर उभरते बाजारों का राजस्व 40 फीसदी बढ़ा है। भारत में साल दर साल के हिसाब से दोगुना हो गया। कुक ने हालांकि भारत के राजस्व आंकड़े नहीं बताए।
 
उन्होंने कहा कि एंटरप्राइज व शैक्षिक ग्राहकों की तरफ से आईपैड टेबलेट्स और मैक कंप्यूटर्स की बिक्री भारत में दो अंकों में बढ़ी। आईपैड की बिक्री कुल मिलाकर 39 फीसदी बढ़ी। आय के लिहाज से आईफोन का यहां वर्चस्व बना रहा, लेकिन अन्य उपकरणों की बढ़ती बिक्री का भी असर पड़ा। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, ऐपल का राजस्व सितंबर तिमाही के दौरान साल दर साल के हिसाब से 142 फीसदी बढ़ा। तिमाही के आखिर में शुरू हुई सालाना त्योहारी बिक्री के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों की तरफ से दी गई भारी छूट से आईफोन की बिक्री बढ़ी। काउंटरपॉइंट के सहायक निदेशक तरुण पाठक ने कहा, भारत में ऐपल के लिए तीसरी तिमाही रिकॉर्ड रही है। सामान्य तौर पर तीसरी तिमाही की बिक्री साइक्लिक व मौसमी बदलाव के चलते सुस्त रहती है, लेकिन इस तिमाही में पुरानी पीढ़ी की आईफोन बिक्री बढ़ी, जिसमें ऑनलाइन चैनल के जरिए हुई मजबूत बिक्री का योगदान रहा।
 
त्योहारी सीजन के दौरान ऐपल का 26,000 रुपये वाला आईफोन एसई एमेजॉन पर 40 फीसदी छूट के साथ 17,999 रुपये पर बिका। मैकबुक एयर की कीमत 77,200 रुपये है, जो टाटा क्लिक पर करीब 44,000 रुपये में उपलब्ध था, वहीं 28,000 रुपये में बिकने वाला आईपैड फ्लिपकार्ट पर 20,000 रुपये में उपलब्ध था। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है, जहां गूगल के एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले फोन का वर्चस्व है। 11 करोड़ स्मार्टफोन का हर साल देश में आयात होता है, लेकिन इसमें ऐपल की हिस्सेदारी महज 3 फीसदी है।
 
भारत को लेकर सकारात्मक परिदृश्य के बावजूद कुक ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत के स्मार्टफोन बाजार में ऐपल अभी भी बहुत अहम नहीं है। एक विश्लेषक के सवाल पर कुक ने यह बात कही। विश्लेषक ने पूछा था कि भारत में ऐपल को और कामयाब बनने के लिए क्या करना होगा। कुक ने इसके जवाब में कहा, कंपनी स्टोर बना रही है, यह चैनल बना रही है, यह बाजार बना रही है। बाजार के लिए इसके पास सही उत्पाद हैं। मुझे लगता है कि हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं और बाजार को समझ रहे हैं, लेकिन हमें काफी आगे जाना है, जो हमारे लिए समस्या के बजाय मौका है।
 
भारत के लिए इस प्रतिबद्धता का पहला चरण इस साल ऐपल की तरफ से बेंगलूरु में विनिर्माण संयंत्र की स्थापना के साथ देखने को मिला। कुक ने कहा कि सितंबर में समाप्त तीन महीने की अवधि में भारत में बिके ज्यादातर आईफोन एसई स्थानीय संयंत्र में ही बने थे और हमें उम्मीद है कि इससे कंपनी को लंबी अवधि में कम्युटिंग टैक्स न देने से काफी रकम बचाने में मदद मिलेगी।
Keyword: apple iphone 8 india,
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