बिजनेस स्टैंडर्ड - नोटबंदी और जीएसटी के झटकों से निकल रही इमामी
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नोटबंदी और जीएसटी के झटकों से निकल रही इमामी

अभिषेक रक्षित / कोलकाता October 26, 2017

नोटबंदी और फिर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की वजह से अपने चैनल भागीदारों द्वारा माल को आनन-फानन में निकालने के दबाव से जूझ चुकी कंपनी इमामी को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शुद्घ लाभ और राजस्व में 98 फीसदी और 16 फीसदी तक की गिरावट का सामना करना पड़ा था। लेकिन चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एफएमसीजी क्षेत्र में रुझान में कुछ सुधार की वजह से कंपनी को ताकत मिली है और उसने अपने शुद्घ लाभ में 49 फीसदी की वृद्घि दर्ज की है। कंपनी को अपनी बिक्री और आय में वृद्घि की मदद से शुद्घ लाभ में यह तेजी दर्ज करने में कामयाबी मिली है।

 
कंपनी की रणनीति में बदलाव का असर दिखना शुरू हो गया है, क्योंकि होलसेल चैनल पर उसकी निर्भरता पहले के 53 फीसदी से घटकर 42 फीसदी रह गई है जबकि उसके डायरेक्ट सेल्स आउटलेटों की संख्या पूर्व के 6,40,000 से बढ़कर 8,00,000 पर पहुंच गई है। कंपनी के निदेशक मोहन गोयनका ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'जैसा कि हमारी रणनीति में निर्णय लिया गया था, हमने होलसेल चैनलों में कमी लाने और प्रत्यक्ष पहुंच के साथ ग्रामीण बाजारों पर ध्यान बढ़ाने पर जोर दिया है। अपने प्रमुख ब्रांडों पर ध्यान केंद्रित कर हम कायाकल्प करने में सक्षम रहे हैं।'
 
शुरू में होलसेल चैनल पर इमामी की अधिक निर्भरता व्यर्थ साबित हर्इु है, क्योंकि पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान (जब नोटबंदी की घोषणा की गई थी) उसे नकदी की किल्लत का सामना करना पड़ा, और उसके बाद चौथी तिमाही में उसके 53 प्रतिशत चैनल आधार ने माल जल्द से जल्द निकालने पर जोर दिया और जीएसटी की घोषणा से कंपनी की हालत और बदतर हो गई थी। चूंकि बिक्री थम गई थी, इसलिए कंपनी ने सबसे पहले मार्जिन बनाए रखने के लिए अपनी परिचालन लागत पर ध्यान दिया, लेकिन आखिर में उसे मुनाफे में भारी दबाव से जूझना पड़ा।
 
कंपनी ने 2016-17 की तीसरी तिमाही में सपाट राजस्व और मुनाफा दर्ज किया और ये आंकड़े एक साल की तुलना के आधार पर 726 करोड़ रुपये और 134.34 करोड़ रुपये दर्ज किए गए। 2016-17 की चौथी तिमाही में राजस्व में 4.3 फीसदी की कमी आई और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 16 फीसदी तक घट गया।  संकट की इस अवधि के दौरान इमामी ने अपने बिक्री आधार को पुनर्गठित बनाने और चैनल आधार को दुरुस्त बनाने की जरूरत महसूस की। इसके लिए बनाई गई रणनीति से कंपनी को तीन बड़े बदलाव लाने में मदद मिली। पहला, उसने बेहतर व्यावसायिक संभावनाएं मुहैया कराईं, दूसरा, उसे लागत नियंत्रण में मदद मिली, क्योंकि होलसेल चैनल बिक्री आधारित योजनाओं पर केंद्रित है और तीसरा, प्रत्यक्ष रूप से पहुंच के जरिये कम चर्चित ब्रांडों को बढ़ावा मिला। 
 
बेहद महत्त्वपूर्ण बात यह रही कि कंपनी ने डीस्टॉकिंग (माल तुरंत निकालने) और रीस्टॉकिंग (माल पुन: जमा करने) के जोखिमों का डटकर सामना किया। गोयनका ने कहा, 'उत्तरी और पूर्वी बाजारों में मजबूत सुधार देखा गया है, खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में, जिनका कुल मिलाकर हमारी बिक्री में 55-60 फीसदी का योगदान है।' 
Keyword: emami, GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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