बिजनेस स्टैंडर्ड - कारोबार सुगमता रिपोर्ट में प्रदर्शन सुधरने की उम्मीद
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, November 18, 2017 06:03 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम अर्थव्यवस्था खबर

कारोबार सुगमता रिपोर्ट में प्रदर्शन सुधरने की उम्मीद

शुभायन चक्रवर्ती / नई दिल्ली October 26, 2017

विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रिपोर्ट आने के महज कुछ रोज पहले सरकार के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि भारत की रैंकिंग में सुधार हो सकता है।  अधिकारियों के मुताबिक भारत ने निर्माण परमिट, कारोबार शुरू करने की अवधि, दिवालिया मामलों के समाधान की दिशा में अहम कदम उठाए हैं, जिससे भारत बेहतर रैंक हासिल कर सकेगा। बहरहाल इसे लेकर सरकार और नीति विशेषज्ञोंं की राय अलग अलग है कि भारत 2018 तक प्रमुख 50 देशों में शामिल हो जाएगा, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है। वर्ष 2018 के लिए विश्व बैंक की कारोबार सुगमता व्यापार सर्वेक्षण रिपोर्ट 31 अक्टूबर को जारी होने वाली है। गुरुवार को औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने कहा कि भारत की स्थिति सुधरेगी क्योंकि सरकार ने पिछले एक साल में कारोबार सुगम बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। 
 
पिछले साल कारोबार सुगमता रिपोर्ट में भारत की रैंक सिर्फ एक पायदान ऊपर पहुंचकर 130 पर आई थी। 2016 की रिपोर्ट में भारत 131वें स्थान पर था। इस तरह से प्रधानमंत्री का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत को 80 स्थान ऊपर आना पड़ेगा। पिछले साल सरकार ने यह तर्क दिया था कि तमाम सुधारों को शामिल नहीं किया गया है क्योंकि 1 जुलाई 2016 तक जो सुधार किए गए, उन्हें ही रिपोर्ट में जगह मिली। साथ ही यह भी कहा कि कारोबारियों, उद्योगपतियों व आम लोगों से राय ली गई, जो सरकार के सुधारों से तब वाकिफ नहीं थे। उसके बाद से डीआईपीपी ने सुधारों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया।  
 
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, 'पिछले साल जैसी स्थिति ही हो सकती है। कोई ऐसी स्थिति नहीं है कि हम रैंकिंग में महत्त्वपूर्ण सुधार देख सकें, भले ही हमने सुधार के लिए कदम उठाए हैं।' उन्होंने अगस्त में जारी नीति आयोग और मुंबई स्थित आईडीएफसी इंस्टीट्यूट के कारोबार आसान करने संबंधी सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि भारत में अब भी कारोबार शुरू करने में औसतन 118 दिन लगते हैं। 
 
विश्व बैंक का सर्वे इससे बहुत अलग था, जिसमें 2016 में दिखाया गया था कि भारत में कारोबार शुरू करने में महज 26 दिन लगते हैं। उपरोक्त उल्लिखित अधिकारी ने कहा, 'विश्व बैंक ने जहां दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में सर्वे किया था, वहीं नीति आयोग ने पूरे देश से आंकड़े लिए हैं। इस भारी अंतर से पता चलता है कि कारोबार में सुधार की रफ्तार सुस्त है।' नीति आयोग के सर्वे से पता चलता है कि इसमें अलग अलग राज्यों में भी स्थिति में अंतर है। तमिलनाडु का प्रदर्शन बेहतर है, जहां 63 दिन में कारोबार शुरू किया जा सकता है।  बहरहाल इस साल सरकार ने तमाम सुधार किए है, जिसमें निर्माण परमिट जारी करने, कारोबार शुरू करने व दीवालिया समाधान को लेकर फैसले अहम हैं। एक अधिकारी ने नाम न दिए जाने की शर्त पर कहा कि इसके अलावा सरकार ने डेटा प्रॉसेसिंग और निगरानी व्यवस्था (आईडीपीएमएस) भी पेश किया है, जिससे रैंक सुधरने की उम्मीद है। 
Keyword: world bank, business, ranking,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या मूडीज के बाद दूसरी एजेंसियां भी बढ़ाएगी भारत की रेटिंग?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.