बिजनेस स्टैंडर्ड - 'विदेशी प्रवाह बढ़ाने के लिए आय वृद्घि की जरूरत'
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'विदेशी प्रवाह बढ़ाने के लिए आय वृद्घि की जरूरत'

समी मोडक /  October 22, 2017

बीएनपी पारिबा सिक्योरिटीज इंडिया के इक्विटी शोध प्रमुख अभिराम इलेस्वरापू ने समी मोडक के साथ साक्षात्कार में कहा कि एशिया में मजबूत वृद्घि और अमेरिकी फेडरल के मुकाबले अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा आसान मौद्रिक रुख को देखते हुए वैश्विक निवेशक जल्द ही जोखिम-पूर्ण परिसंपत्तियों में निवेश पुन: शुरू करेंगे। उन्होंने साक्षात्कार में कहा कि भारत को लेकर उनकी उम्मीद मजबूत है। यदि वृद्घि में तेजी नहीं आती है तो अनुमानों में कमी की आशंका बढ़ जाएगी। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

 
अन्य क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारतीय बाजार किस स्थिति में है?
 
बुनियादी आधार के नजरिये से, भारत में हमने इस साल अब तक आय अनुमानों में 5-7 फीसदी के दायरे में कमी दर्ज है। यदि आप पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों को देखें तो पता चलता है कि लार्ज- कैप सूचकांक की आय सालाना आधार पर लगभग 5-10 प्रतिशत घटी है। कमजोरी पहली तिमाही को देखते हुए, शेष तीन तिमाहियों में आय वृद्घि के लिए अनुमान लगाना थोड़ा कठिन हो गया है। दूसरी तरफ, एशिया में कई अन्य बाजार आय अनुमानों में तेजी दर्ज कर रहे हैं। उस संदर्भ में, भारत ऐसे बाजार के रूप में खड़ा है जहां उम्मीदें ऊपरी सीमा पर हैं।
 
आय अनुमानों के बारे में आपका क्या नजरिया है?
 
वित्त वर्ष 2018 के लिए अनुमान 15-16 फीसदी की आय वृद्घि और वित्त वर्ष 2019 में 20 फीसदी से अधिक की वृद्घि का है। प्रत्यक्ष तौर पर, यह आक्रामक दिखता है, क्योंकि हम तीन-चार वर्ष के कमजोर आय वृद्घि के समय से बाहर निकल रहे हैं। साथ ही, जैसा कि मैं बता चुका हूं, पहली तिमाही शानदार नहीं रही। इसलिए वृद्घि की रफ्तार में तेजी लाने की जरूरत है। अन्यथा, अनुमानों में और अधिक कटौती की आशंका पैदा होगी। वहीं सकारात्मक संदर्भ में, लो-बेस प्रभाव है जिसका वर्ष की दूसरी छमाही पर असर दिखेगा। बड़ी चुनौती आय में तुरंत सुधार दर्ज करने की है, जो वर्ष के शेष समय के लिए बरकरार है।
 
विदेशी प्रवाह का परिदृश्य कैसा है?
 
प्रवाह के दृष्टिïकोण से, हमने वर्ष की शुरुआत उत्साह के साथ की। पहली दो तिमाहियों में विदेशी प्रवाह अच्छा था। पिछले दो महीनों में हालांकि हमने प्रवाह में लगातार निकासी दर्ज की। उभरते बाजार (ईएम) फंडों को भी भी सकारात्मक प्रवाह हासिल हो रहा है। लेकिन वे एशिया से रकम प्राप्त कर रहे हैं और लैटिन अमेरिका में निवेश कर रहे हैं। एशिया में मजबूत बुनियादी आधार को देखते हुए, हमें विश्वास है कि निवेश प्रवाह किसी समय वापसी करेगा, क्योंकि निवेशकों ने हाल में लैटिन अमेरिका के पक्ष में एशिया पर कम ध्यान दिया है। हमारा मानना है कि अच्छा निवेश प्रवाह आकर्षित करने के लिए भारतीय उद्योग जगत की आय वृद्घि में मजबूती जरूरी है।
 
क्या आप मानते हैं कि ताजा बिकवाली बरकरार रहेगी या हालात में किसी तरह के बदलाव के आसार हैं?
 
हमारा मानना है कि वैश्विक केंद्रीय बैंकों की संयुक्त बैलेंस शीट वृद्घि और वैश्विक उभरते बाजार (जीईएम) फंड आकारों के बीच मजबूत पारस्परिक संबंध है। केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट की वृद्घि से ईएम प्रवाह को मजबूती मिलती है। भले ही फेडरल ने क्यूई (क्वांटीटेटिव ईजिंग) में कटौती है, लेकिन कहीं इसके विस्तार की भी उम्मीद है। अगले साल इस समय तक, आप कुछ सालाना आधार पर विस्तार देख सकते हैं।
 
किसी निवेशक को बाजार में कहां दांव लगाना चाहिए?
 
अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में कुछ आकर्षक दांव हैं। यदि आप उपभोक्ता खर्च से जुड़े क्षेत्रों - वाहन बिक्री, एयरलाइन टिकट बिक्री या म्युचुअल फंडों में प्रवाह पर विचार करें तो पाएंगे कि ये सभी मजबूत बने हुए हैं। ये सभी मिडल से अपर-मिडल सेगमेंट में उच्च खर्च योग्य आय के सूचक हैं। हम इसलिए प्रमुख उत्पादों की तेज बिक्री देख रहे हैं। इसका असर उपभोक्ता खर्च के आंकड़ों में दिखा है जो सामान्य तौर पर मजबूत हैं। इसलिए, जहां आप 'टॉप-टाउन' दृष्टिïकोण को अपना सकते हैं और यह मान सकते हैं कि मूल्यांकन महंगा है, वहीं आप बॉटम-अप दृष्टिïकोण से अलग तौर पर देख सकते हैं। निवेशक बीमा, एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों), आवास आदि जैसे क्षेत्रों पर विचार कर सकते हैं। ये सभी क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। सामान्य तौर पर हम निजी वित्तीय और उपभोक्ता खर्च संबंधित कंपनियों पर सकारात्मक हैं। हमने अपने मॉडल पोर्टफोलियो में यूटिलिटीज, स्टैपल्स और टेक्नोलॉजी को भी शामिल किया है। 
 
वर्ष के अंत तक का सेंसेक्स के लिए लक्ष्य क्या है?
 
दिसंबर 2017 के लिए हमारा सेंसेक्स लक्ष्य 32,500 है। इसलिए हमारा मानना है कि यह एक सपाट बाजार होगा। ये मुझे बॉटम-अप दृष्टिïकोण पर फिर से विचार करने के लिए प्रेरित करेगा। मेरा मानना है कि आप सपाट बाजार में भी अच्छे शेयर तलाशने में सक्षम बने रहेंगे। 
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