बिजनेस स्टैंडर्ड - कांग्रेस के लिए सशक्त विपक्ष में भूमिका निभाने का आ गया वक्त
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, November 22, 2017 04:49 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

कांग्रेस के लिए सशक्त विपक्ष में भूमिका निभाने का आ गया वक्त

दिल्ली डायरी
ए के भट्टाचार्य /  October 15, 2017

नरेंद्र मोदी सरकार अपने कार्यकाल में पहली बार मुश्किलों का सामना कर रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठï नेता यशवंत सिन्हा ने कुछ सप्ताह पहले सरकार की आर्थिक नीतियों की जमकर आलोचना की। उनका आरोप है कि मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को संभालने में पूरी तरह नाकाम रही और नोटबंदी तथा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे कदमों ने देश की आर्थिक स्थिति को खस्ताहाल कर दिया है।

 
इसके कुछ दिन बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने दशहरे के मौके पर मोदी सरकार को हल्की फुल्की हिदायत देते हुए कहा कि उसे छोटे व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के हितों के संरक्षण के लिए काम करना चाहिए। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी ने भी मोदी सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों से अर्थव्यवस्था जमीन पर आ गई है। और फिर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के कारोबार के बारे में एक वेबसाइट की रिपोर्ट आ गई। 
 
संकट में फंसे किसी विमान के पायलट की तरह सरकार ने भी या तो सुधार के कदम उठाए हैं या फिर आरोपों का इस तरह जवाब देने की कोशिश की है कि उसकी आगे की राह मुश्किल न हो। शुरुआत में मोदी सरकार के एक राज्य मंत्री ने यह बताने की कोशिश की कि कैसे सरकार के उपायों से अर्थव्यवस्था की विकास दर बढ़ी है और निवेश बहाल हुआ है। भाजपा के कुछ नेताओं ने अखबारों में लेख लिखकर सिन्हा के दावों को चुनौती दी। यहां तक कि मोदी ने भी सरकार के आर्थिक प्रदर्शन की आलोचना करने वालों को आड़े हाथ लिया। भाजपा नेतृत्व ने वेबसाइट की रिपोर्ट का त्वरित जवाब देते हुए सभी आरोपों को खारिज किया और वेबसाइट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।
 
यह देखने वाली बात है कि इन सभी मामलों में सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आक्रामक जवाब दिया। सरकार की इस स्थिति के लिए परेशानी सही शब्द है। जब पायलट को यह आभास होता है कि उसके समक्ष आ रही परेशानी से यात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है तो वह इससे उबरने के लिए तुरंत सभी जरूरी कदम उठाता है। लेकिन अगर वह असामान्य रूप से आक्रामक और त्वरित कदम उठाता है तो यह जोखिम की गंभीरता का परिचायक है। यह मानना सही है कि भाजपा नेतृत्व भी पिछले कुछ सप्ताह की घटनाओं से आसन्न जोखिम को भांप रहा होगा। सरकार भले ही अर्थव्यवस्था की बदहाली से लाख इनकार करे लेकिन इतना तय है कि उसे भी कुछ गंभीर स्थिति नजर आ रही है तभी तो वह सुधार के उपाय कर रही है।
 
सरकार ने महज आलोचनाओं को खारिज करने से इतर जीएसटी के नियमों में तुरंत संशोधन करने का फैसला किया है। उसने नई कर व्यवस्था के क्रियान्वयन में आड़े आ रही दिक्कतों को दूर करने की जरूरत महसूस की है। खुदरा व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए जीएसटी के तहत कई वस्तुओं की कर की दरों को कम किया गया है। कंपोजिशन योजना के लिए भी सालाना कारोबार की सीमा 75 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस योजना में पंजीकृत कारोबारियों को हर महीने रिटर्न दाखिल करने के बजाय तीन महीने में ऐसा करने की अनुमति दी गई है और उनके लिए कर की दर भी महज 1 से 5 फीसदी के बीच रखी गई है। इतना ही नहीं 1.5 करोड़ रुपये सालाना कारोबार करने वाले कारोबारी भी अब तीन महीने में रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। गौरतलब है कि आरएसएस प्रमुख ने भी सरकार को छोटे व्यापारियों और कारोबारियों के हितों का ध्यान रखने को कहा था।
 
जाहिर तौर पर सिन्हा की आलोचना ने अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में सरकार की कमजोरियों को उजागर किया है। लेकिन यह भी अहम है कि इस तरह भाजपा ने उस भूमिका को हथिया लिया है जिस पर विपक्षी राजनीतिक दलों का अधिकार है। यह भी सही है कि समय-समय पर कांग्रेस और वामपंथी दलों के कुछ नेता मोदी सरकार पर निशाना साधते करते रहे हैं। लेकिन सिन्हा के अखबार में लेख लिखने के फैसले ने उन मुद्दों पर से ध्यान हटा दिया है जिन पर विपक्ष के नेता गाहे बगाहे सरकार को घेर रहे थे। इसके बजाय सरकार की आलोचना अब सिन्हा के लेख और भागवत के दशहरा संबोधन में उठाए गए मुद्दों पर केंद्रित हो गई है। भाजपा ने एक तरीके से उस भूमिका को हथिया लिया है जो अमूमन विपक्ष निभाता है। इसमें केवल इतना ही जोखिम है कि कथित तौर पर अपने ही नेताओं द्वारा शुरू की गई यह मुहिम भाजपा के नियंत्रण से बाहर जा सकती है और उस पर ही भारी पड़ सकती है। लेकिन इसके लिए देश को एक मजबूत और सक्रिय विपक्ष की जरूरत है जो फिलहाल नदारद है। इसलिए आज सबसे अहम सवाल यह है कि देश के विपक्षी दल कहां हैं? वे क्या कर रहे हैं? 
 
कांग्रेस के लिए यह सही समय है कि वह विपक्ष की भूमिका निभाए जिस पर उसका अधिकार है। हाल के दिनों में कांग्रेस के कई नेता सक्रिय हुए हैं जिनमें पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हैं। इन नेताओं ने सार्थक विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं जो किसी भी लोकतंत्र का अहम तत्त्व होता है। लेकिन इतना पर्याप्त नहीं है। कांग्रेस की आवाज नक्कारखाने में तूती की तरह है जिसका कोई असर नहीं है। खासकर तब सरकार की नीतियों पर हो रही बहस जिम्मा भाजपा ने खुद ही अपने हाथों में ले लिया हो। न केवल कांग्रेस की आवाज कमजोर है बल्कि उसके नेता ज्यादातर भाजपा सरकार के कामकाज पर ही प्रतिक्रिया देते हैं। अपनी आवाज को ज्यादा विश्वसनीय और मुखर बनाने के लिए कांगेस को सुधारों और आर्थिक विकास के लिए अपने वैकल्पिक एजेंडे को स्पष्टï करना चाहिए और ज्यादा समावेशी राजनीति चर्चा छेडऩी चाहिए जिससे सामाजिक धु्रवीकरण की कोशिशों को परास्त किया जा सके।
Keyword: narendra modi, development, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 कर में छूट से बढ़ेंगे ऑनलाइन भुगतान?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.