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रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही नतीजे आज, जियो पर नजर

उज्ज्वल जौहरी / मुंबई October 12, 2017

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के दूसरी तिमाही के शुक्रवार को घोषित होने वाले नतीजों पर बाजार ने काफी उम्मीदें लगाई हुई हैं। जहां शेयर बाजार को रिलायंस समूह के परंपरागत तेलशोधन कारोबार से बड़ी उम्मीदें हैं वहीं इसकी दूरसंचार इकाई  जियो के आंकड़ों पर भी सबकी नजरें टिकी रहेंगी। दूरसंचार कारोबार के प्रति निवेशकों, उद्योग जगत और उपभोक्ताओं का भी खासा रुझान देखा गया है। ऐसे में जुलाई-सितंबर तिमाही के आंकड़ों को लेकर सबकी उत्सुकता बनी हुई है। ये आंकड़े इसलिए भी अहम हैं कि आरआईएल पहली बार जियो के प्रदर्शन को अपने नतीजों में शामिल करने वाला है।
 
हालांकि आरआईएल के कुल राजस्व में 80 फीसदी से भी अधिक हिस्सेदारी तेलशोधन एवं पेट्रो-रसायन कारोबार की है। इस तरह शोधन एवं पेट्रो-रसायन क्षेत्र के प्रदर्शन का भी निवेशकों की धारणा पर खासा असर देखने को मिल सकता है। आरआईएल ने जून तिमाही में 11.9 डॉलर प्रति बैरल जीआरएम का ऐलान किया था और दूसरी तिमाही में इसके बढऩे का अनुमान जताया जा रहा है। सिंगापुर जीआरएम के पिछली 10 तिमाहियों के उच्च स्तर 8.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से आरआईएल का आंकड़ा बेहतर होने की उम्मीद जगी है। दूसरी तिमाही में जीआरएम बढऩे के पीछे वैश्विक मांग बढऩे और अमेरिका में हार्वे तूफान के चलते तेल आपूर्ति बाधित होने को भी वजह बताया जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से रिलायंस का इनवेंट्री लाभ भी बढऩा चाहिए जिसका जीआरएम पर सकारात्मक असर पड़ेगा। 
 
सीएलएसए के विश्लेषकों का मानना है कि आरआईएल का जीआरएम 12.8 डॉलर प्रति बैरल रहेगा जबकि मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज ने इसके 12.6 डॉलर पर रहने का अनुमान जताया है। वहीं बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के मुताबिक जीआरएम 12.5 डॉलर प्रति बैरल ही रहने के आसार हैं। पेट्रो-रसायन कारोबार में भी बढ़ोतरी का सिलसिला कायम रहने की उम्मीद है। पिछली कई तिमाहियों से पेट्रो-रसायन का उत्पादन और मार्जिन दोनों बढ़ता रहा है और आगे विस्तार योजनाओं से इस क्षेत्र के प्रदर्शन और भी सुधार होने की उम्मीदें हैं। विश्लेषकों का कहना है कि मात्रात्मक बढ़ोतरी से पेट्रो-रसायन का प्रदर्शन दूसरी तिमाही में बेहतर रहेगा। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले मात्रा 9.5 फीसदी बढ़कर 23 लाख टन पर पहुंच गई है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक प्रति टन मुनाफा 330 डॉलर तक जा सकता है।
 
जीआरएम में सुधार होने और पेट्रो-रसायन के बेहतर प्रदर्शन के बूते आरआईएल का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ बढ़ सकता है। सीएलएसए ने 8400 करोड़ रुपयेे का शुद्ध लाभ होने का अनुमान जताया है जबकि मेरिल लिंच ने 8,620 करोड़ रुपये लाभ की संभावना जताई है। इसी के साथ रिलायंस जियो के वित्तीय एवं परिचालन आंकड़ों पर भी सबकी नजरें टिकी होंगी। जियो ग्राहकों के लिए लाए गए फोन की लोकप्रियता से कंपनी का भरोसा बढ़ा हुआ है। लेकिन आर्थिक आंकड़ों से दूरसंचार कारोबार की भावी संभावनाओं के बारे में कुछ अनुमान लगाए जा सकेंगे।
Keyword: RIL, reliance,,
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