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जुड़ेगी 3 गीगावॉट पवन ऊर्जा क्षमता

श्रेया जय / नई दिल्ली 10 12, 2017

अलग बोली दिशानिर्देश हो रहा तैयार

बोली के नए दिशानिर्देशों के मुताबिक इस वित्त वर्ष में 3 गीगावॉट क्षमता के पवन ऊर्जा संयंत्रों की नीलामी का लक्ष्य
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक आरई निवेश के तहत 45 प्रतिशत वित्त पोषण का लक्ष्य अब तक हासिल किया जा चुका है

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) चालू वित्त वर्ष के आखिर तक करीब 3 गीगावॉट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाओं की नीलामी की कवायद कर रहा है। मंत्रालय पवन ऊर्जा परियोजनाओं की नीलामी के लिए अलग से बोली दिशानिर्देश का मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में है। एमएनआरई के अधिकारियों ने कहा कि दिशानिर्देश एक व्यापक दस्तावेज होगा, जिसमें मुख्य चिंताओं के समाधान के साथ सभी राज्यों के लिए बोली की सुविधा होगी। एमएनआरई के एक अधिकारी ने कहा, 'इसमें राज्यों को अपनी जरूरतों के मुताबिक बदलाव की स्वतंत्रता होगी। साथ ही भूमि उपलब्धता और उत्पादित बिजली को पहुंचाने जैसे मसलोंं की शर्तें राज्य तय कर सकेंगे।'

एमएनआरई के संयुक्त सचिव बीपी यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बोली दिशानिर्देश जल्द तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'अगले साल से परियोजनाओं का आवंटन मांग आधारित होगी। हमें उम्मीद है कि यह बेहतर व्यवस्था साबित होगी। इस वित्त वर्ष में हम 3 गीगावॉट क्षमता की परियोजनाएं आवंटित करने में सक्षम होंगे।' एमएनआरई 7 से 9 दिसंबर 2017 के बीच वैश्विक अक्षय ऊर्जा निवेशक सम्मेलन और एक्सपो (आरई-इनवेस्ट 2017) के आयोजन की तैयारी में लगा है, जिसमें करीब 40 देश हिस्सा लेंगे।

बिजली एवं एमएनआरई राज्य मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि निवेशकों को अक्षय ऊर्जा में निवेश के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि इसके उपकरणों के दाम आगे और कम होने की उम्मीद है। सिंह ने कहा, 'हमारी प्रति व्यक्ति बिजली की खपत यूरोप की तुलना में छठां हिस्सा और अमेरिका की तुलना में 12वेंं हिस्से से भीकम है। ऊर्जा की खपत दोगुना या तीन गुना नहीं होने जा रही है, बल्कि यह 4 गुना से ज्यादा होगी। भारत में ऊर्जा की खपत की वृद्धि दर तेज रहेगी।' 

आरई-इन्वेस्ट पहली बार 2015 में हुआ था और अब दूसरी बार होने जा रहा है। फरवरी 2015 में भारत में पहली बार इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए यह कवायद की गई थी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने 2022 तक 1.75 लाख मेगावॉट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जबकि इसके हिस्सेदार राज्य सरकारें व निजी क्षेत्र ने 2.75 लाख मेगावॉट अक्षय ऊर्जा उत्पादन की प्रतिबद्धता जताई है। 
Keyword: power, electric,,
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