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कांग्रेस की बढ़ती साख, कितनी जमेगी धाक!

अर्चिस मोहन /  10 11, 2017

राजनीति

अगस्त-सितंबर में हुई घटनाओं से कांग्रेस और उपाध्यक्ष राहुल गांधी
फिर से विश्वसनीयता हासिल करते दिख रहे हैं

फेसबुक पर 'अमेठी रायबरेली की कहानी' पेज के फॉलोअर की संख्या पिछले कुछ महीनों के दौरान बढ़ी है। रायबरेली और अमेठी के अतीत के किस्से तथा ताजा राजनीतिक और समकालीन विकास की कहानियां इस पेज पर डाली जा रही हैं। इस पेज में कांग्रेस उपाध्यक्ष और अमेठी के सांसद राहुल गांधी तथा उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रोफाइल पिक्चर लगी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद हैं।

कांग्रेस के प्रचार रणनीतिकारों से जब पूछा गया कि क्या यह फेसबुक पेज आने वाली चीजों का संकेत है, तो उन्होंने न तो इसकी पुष्टि की और न ही खंडन किया। लेकिन उनका कहना है कि पार्टी पर नजर रखने वालों को इस पर गहरी नजर रखनी चाहिए। पेज पर पोस्ट होने वाले वीडियो और सामग्री नियमित रूप से अद्यतन  होती रहती है और रायबरेली तथा अमेठी में इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इसकी खासी चर्चा है। रायबरेली और अमेठी नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ हैं। उत्तर प्रदेश के दूसरे इलाकों में कांग्रेस का संगठन कमजोर हो सकता है लेकिन अगले लोकसभा चुनावों में इन दो सीटों को बरकरार रखने के लिए पार्टी ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

पुनरुत्थान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले साल 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा करने के बाद से कांग्रेस के राज्य सभा सदस्य राजीव गौड़ा और उनकी टीम ढंग से सो भी नहीं पाई  है। लुटियन दिल्ली में लोधी गार्डन के करीब स्थित एक दोमंजिला घर में इस टीम ने सरकारी आंकड़ों को खंगाला है, कई प्रेस रिलीज जारी की हैं, सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं, शोधपरक जानकारी जुटाई है और पार्टी नेतृत्व के लिए आर्थिक मुद्दों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई है। इस टीम में युवा पुरुष और महिलाएं शामिल हैं। इनमें से कई अमेरिका और ब्रिटेन के जानेमाने विश्वविद्यालयों से स्नातक हैं। साथ ही 30 की उम्र के आसपास के कई लोग भी इस टीम में शामिल हैं जिनके पास कुछ वर्षों तक राजनीतिक काम करने का अनुभव है। पार्टी नेतृत्व ने तभी इस टीम के प्रयासों को मान्यता दी जब बेंगलूरु में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के पूर्व प्रोफेसर गौड़ा के पुनर्गठित शोध विभाग का प्रमुख बनाया गया। टीम अभी गुजरात और कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में व्यस्त है लेकिन इसकी सफलता को देखते हुए पार्टी की अगले लोकसभा चुनावों के लिए अधिक से अधिक राज्यों में ऐसी शोध टीमें बनाने की योजना है। 

कदम दर कदम

राहुल गांधी के अमेरिका दौरे पर जाने से पहले कांग्रेस के प्रचार विभाग ने उन्हें विस्तृत जानकारी मुहैया कराई थी। प्रचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला को जमीनी स्तर से मिली जानकारी के आधार पर लगा कि प्रधानमंत्री के हर काम की आलोचना करके पार्टी अपनी विश्वसनीयता खो रही है। खासकर स्वच्छ भारत अभियान की आलोचना पार्टी को भारी पड़ रही है। अमेरिकी विश्वविद्यालयों में छात्रों के साथ वार्तालाप के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कुछ किंतु परंतु के साथ प्रधानमंत्री की भाषण देने की कला और मेक इन इंडिया तथा स्वच्छ भारत जैसे अभियानों की सराहना की। लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक संप्रग -2 के अंतिम दो वर्षों के दौरान कांग्रेस के घमंडी बनने की बात उनके अपने दिमाग की उपज थी। पार्टी का दावा है कि राहुल गांधी का अमेरिका दौरान सफल रहा। इस दौरे की परिकल्पना पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा और विदेशों में पार्टी का कामकाज संभालने वाले सैम पित्रोदा ने की थी।

सोशल मीडिया पर कदम

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 26 जुलाई को कांग्रेस और राष्टï्रीय जनता दल के साथ महागठबंधन तोडऩे और भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने की घोषणा की थी। यह कांग्रेस के लिए सबसे निराशाजनक दौर था। लेकिन अगस्त और सितंबर की घटनाओं ने कांग्रेस और उसके उपाध्यक्ष को फिर से विश्वसनीयता हासिल करने में मदद मिली। तीन साल तक हाशिये पर रहने के बाद एक बार फिर कांग्रेस और राहुल गांधी की चर्चा हो रही है। ऐसे वक्त में जब अर्थव्यवस्था को सही ढंग से नहीं संभाल पाने के कारण नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना हो रही है, कांग्रेस खुद को दुरुस्त करने में लगी है। मोदी सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए कांग्रेस देशभर में 300,000 व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाने की योजना बना रही है। सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर आंदोलनों के अच्छे परिणाम दिख रहे हैं। ऐसा लगता है कि गुजरात में पार्टी का 'विकास पागल हो गया है' अभियान ने राज्य की नब्ज पकड़ ली है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार में है और उसकी योजना हर पोल बूथ के कार्यकर्ताओं के लिए एक व्हॉट्सऐप गु्रप बनाने की है।

पार्टी के प्रचार विभाग का कहना है कि अप्रैल में दिल्ली नगर निगम चुनावों के प्रचार के दौरान ही इस दिशा में काम शुरू हो गया था। पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रमुख अजय माकन के मार्गदर्शन में कार्यकर्ताओं ने 40,000 समर्पित कार्यकर्ताओं की पहचान के लिए 250,000 पार्टी समर्थकों को फोन किया। उन्हें पार्टी के प्रत्याशियों की मदद करने और सोशल मीडिया पर पार्टी का संदेश प्रचारित करने को कहा गया। पार्टी इस मॉडल को पूरे देश में दोहराने की कोशिश कर रही है। ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस का जनाधार लगातार सिकुड़ रहा है लेकिन पार्टी वहां अपना विस्तार करने के बजाय उन सीटों और राज्यों पर जोर दे रही है जहां अब भी उसका संगठन मजबूत है।

बढ़ती स्वीकार्यता

कांग्रेस को अभी लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है लेकिन पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि 18 से 35 वर्ष के आयुवर्ग में पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ रही है। पिछले दो महीने में ट्विटर पर राहुल गांधी के 10 लाख नए फॉलोअर बने हैं। सूत्र ने दावा किया कि फेसबुक और ट्विटर पर युवा कांग्रेस और पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई के फॉलोअरों की संख्या में भी तेजी आई है।

सूत्रों के मुताबिक इस बदलाव के पीछे कई लोगों का हाथ है। पार्टी के प्रचार रणनीति समूह में गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खडग़े, आनंद शर्मा और जयराम रमेश शामिल हैं जिन्हें रणदीप सिंह सुरजेवाला, सुष्मिता देव और राजीव गौड़ा जैसे युवा नेताओं का अच्छा साथ मिल रहा है। कांग्रेस ने साथ ही कई नए प्रवक्ताओं को लाकर यह दिखाने की कोशिश की है कि उसके पास सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व है। इनमें शमा मोहम्मद भी शामिल है जिनके ट्विटर प्रोफाइल में कहा गया है कि वह ऐसी राष्टï्रवादी हैं जो हिन्दुत्व को अपनी संस्कृति मानती हैं। पंजाब के नेता मनप्रीत सिंह बादल और कमलाकर त्रिपाठी भी नए चेहरे हैं। कांग्रेस और उसके नेताओं का मानना है कि पार्टी को ऐसे समर्थकों की वापसी से भी मदद मिली है जिनका पार्टी में विश्वास खत्म हो गया था और वे अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी के समर्थक हो गए थे।
Keyword: congress, rahul, sonia,,
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