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खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी जीएसटी में राहत

सत्यव्रत मिश्रा / पटना October 08, 2017

सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र को राज्य जीएसटी में रियायत देने का फैसला किया है। साथ ही, उद्योग विभाग इस उद्योग को अति प्राथमिकता वाला प्रक्षेत्र घोषित कर सकती है। इससे उद्यमियों को ज्यादा रियायतें मिलेंगी।
राज्य सरकार ने करीब 11 वर्षों से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को प्राथमिकता वाले उद्योगों की श्रेणी में रखा है। इसके तहत इस उद्योग में निवेशकों को ज्यादा अनुदान और रियायतें मिलती हैं। इन निवशकों को राज्य सरकार की ओर से मूल्य वर्धित कर (वैट) के 80 फीसदी की प्रति पूर्ति भी मिलती थी। नई औद्योगिक नीति में भी इस रियायत को जारी रखा गया।
हालांकि जीएसटी लागू होने के बाद ये प्रावधान स्थागित हो गया है, इसीलिए बिहार सरकार ने राज्य जीएसटी में प्रतिपूर्ति के लिए विशेष प्रावधान करने का फैसला लिया है। साथ ही, अब खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए राज्य जीएसटी के 100 फीसदी प्रतिपूर्ति का प्रावधान भी इस बदलाव में किया गया है। हालांकि यह रियायत एक इकाई को पांच साल के लिए ही मिलेगी। उद्योग विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक इस बदलाव से राज्य सरकार को निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से भी हरी झंडी मिल चुकी है। अब वित्त विभाग को यह प्रस्ताव भेजा गया है, जहां से स्वीकृति के बाद इसे राज्य मंत्रिमंडल में पेश किया जाएगा। मंत्रिमंडल से मंजूरी के बाद यह नई रियायत निवेशकों को मिलने लगेगी। विभाग के अधिकारियों को जल्दी ही इस बारे में मंजूरी की उम्मीद है। उनके मुताबिक इस रियायत से सरकारी खजाने पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन राज्य में कारोबारी माहौल बनाने में काफी मदद मिलेगी। आगे चलकर राज्य सरकार इस रियायत को दूसरे उद्योगों के लिए भी लागू करने पर विचार कर सकती है।
राज्य सरकार अब खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को भी अति प्राथमिकता वाला प्रक्षेत्र घोषित कर सकती है। इसके बाद इस उद्योग के निवशेकों को राज्य में दूसरे उद्योगों से ज्यादा रियायतें मिलने लगेगी। इस बदलाव से राज्य में कई छोटी और मझोली इकाइयां आ सकती हैं।

Keyword: Bihar, GST, Food,
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