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सेवा क्षेत्र को ऋण 9.1 फीसदी घटा

अभिजीत लेले / मुंबई October 01, 2017

वाणिज्य बैंकों की तरफ से सेवा क्षेत्र को दिया गया ऋण इस साल अप्रैल से अगस्त तक की अवधि में 9.1 फीसदी घटा है, जबकि इसमें 2016 की इसी अवधि में 1.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी का संकेत मिलता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़े दर्शाते हैं कि व्यापार, पर्यटन एवं परिवहन सहित सेवा क्षेत्र को दिया हुआ कुल ऋण 18 अगस्त 2017 को 16,375 अरब रुपये था, जो मार्च 2017 के अंत में 18,022 अरब रुपये था। इस साल अप्रैल से अगस्त 2017 तक के करीब पांच महीनों के दौरान कृषि, उद्योग, सेवा, खुदरा और तरजीही क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में ऋण की मांग सुस्त रही है। इस साल 18 अगस्त तक कुल ऋण 2.5 फीसदी घटकर 69,599 अरब रुपये रहा है, जो मार्च 2017 के अंत में 71,347 अरब रुपये था। पिछले वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के दौरान ऋण में 0.3 फीसदी गिरावट आई थी। बैंक अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में कमजोरी के अलावा इस साल 1 जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली को अपनाने के कारण भी ऋण की मांग घटी है। कारोबारी प्रतिष्ठान जीएसटी के असर का आकलन कर रहे हैं। फंसे कर्जों और पूंजी जुटाने में दिक्कतों के कारण बहुत से सरकारी बैंकों की ऋण देने की क्षमता कम हुई है। 
 
अप्रैल से अगस्त 2017 के दौरान खुदरा क्षेत्र में ऋण की मांग की वृद्धि दर घटकर 4 फीसदी पर आ गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 4.6 फीसदी थी। चालू वित्त वर्ष (2017-18) के पांच महीनों में ों आवास ऋणों की वृद्धि दर धनात्मक रही है। हालांकि आलोच्य अवधि में आवास ऋण की वृद्धि दर घटकर 3.5 फीसदी पर आ गई, जो अप्रैल से अगस्त 2016 के दौरान 5.4 फीसदी थी।  
 
बैंक अधिकारियों ने कहा कि रियल एस्टेट रेग्यूलेशन ऐक्ट (रेरा) के कड़े नियमों से आवास उद्योग में बड़े बदलाव आए हैं और बहुत से खरीदारों ने ऋण से घर खरीदने की योजनाएं टाल दी हैं।  चालू वित्त वर्ष के पांच महीनों में दोपहिया-चौपहिया सहित वाहन ऋणों की वृद्धि 1.7 फीसदी रही, जो 2016-17 की इसी अवधि में 3.9 फीसदी थी। टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र का कुल ऋण मार्च की तुलना में कम हुआ है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-अगस्त 2017 के दौरान ऋण में 17.2 फीसदी कमी आई है, जबकि इसमें अप्रैल-अगस्त 2016 के दौरान 7.2 फीसदी वृद्धि हुई थी। 
Keyword: bank, loan, debt,,
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