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प्रत्यक्ष कर संग्रह में भारी गिरावट

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली October 01, 2017

अगस्त में प्रत्यक्ष कर यानी व्यक्तिगत आयकर और निगम कर संग्रह में भारी गिरावट ने सभी को चौंकाया है। हालांकि गैर-कर राजस्व प्राप्तियों में गिरावट के पहले से आसार दिख रहे थे क्योंकि स्पेक्ट्रम से कम रकम प्राप्त हुई है और भारतीय रिजर्व बैंक के पास भी सरप्लस कम है। लेखा महानियंत्रक के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में निगम कर संग्रह घटकर 9,634 करोड़ रुपये रहा है, जो जुलाई महीने के 16,046 करोड़ रुपये से करीब 40 फीसदी कम है। अगर हम सीजन के असर को भी निकाल देते हैं तो यह संग्रह अगस्त 2016 के 13,403 करोड़ रुपये से 28 फीसदी कम है। 
 
इसी तरह अगस्त में व्यक्तिगत आयकर संग्रह आधे से ज्यादा घटकर 15,392 करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले महीने 32,631 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर यह गिरावट अगस्त 2016 में 18,084 करोड़ रुपये से 17 फीसदी कम है। इन आंकड़ों को देखते हुए आर्थिक सुधार अभी दूर नजर आ रहा है। इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र पंत ने कहा कि प्रत्यक्ष कर के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि औद्योगिक वृद्धि अभी नहीं सुधरी है। 
 
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) जुलाई में महज 1.2 फीसदी बढ़ा है, जिसमें जून के दौरान गिरावट रही थी। हालांकि पंत ने आगाह किया कि किसी भी व्यक्ति को मासिक आंकड़ों की अति-व्याख्या नहीं करनी चाहिए। आंकड़े कम रहने की एक वजह ज्यादा रिफंड हो सकती है। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री आदिति नायर ने कहा, 'अगस्त 2017 में प्रत्यक्ष कर संग्रहण घटा है, जिसकी वजह ज्यादा रिफंड भी हो सकती है।'
 
अगस्त में व्यक्तिगत आयकर इस साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इसके बावजूद चालू वित्त वर्ष में अब तक व्यक्तिगत आयकर और निगम कर संग्रह संयुक्त रूप से शानदार रहा है, जिसकी वजह यह है कि चालू वित्त में पहले इनके आंकड़े अच्छे रहे हैं। वित्त वर्ष 2017-18 की अप्रैल से अगस्त तक की अवधि में निगम कर 15.5 फीसदी बढ़कर 92,939 करोड़ रुपये रहा है,जो पिछले साल की इसी अवधि में 80,464 करोड़ रुपये था। इसी तरह चालू वित्त वर्ष के इन शुरुआती पांच महीनों में व्यक्तिगत आयकर संग्रह 13.28 फीसदी बढ़कर 1.24 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 1.09 लाख करोड़ रुपये था। 
 
इस तरह कुल प्रत्यक्ष कर संग्रहण चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से अगस्त अवधि के दौरान 14.2 फीसदी बढ़कर 2.17 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 1.9 लाख करोड़ रुपये था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हाल में कहा था कि 18 सितंबर तक प्रत्यक्ष कर संग्रहण बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की इस अवधि के मुकाबले 15.7 फीसदी अधिक है। चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान में भी चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रहण 15.7 फीसदी बढऩे का अनुमाान जताया गया है। इसका मतलब है कि प्रत्यक्ष कर संग्रहण के अगस्त के आंकड़े अपवादस्वरूप कम हैं। 
 
जेटली ने यह भी कहा था कि करदाताओं की संख्या 2016-17 में बढ़कर 6.03 करोड़ पर पहुंच गई है, जो 2012-13 में 4.07 करोड़ थी। अगस्त में प्रत्यक्ष कर संग्रह घटने के बावजूद 3.4 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व पूरे वित्त वर्ष 2017-18 के बजट अनुमान का 27.8 फीसदी है। यह पिछले वित्त वर्ष में इस समय तक के 26.6 फीसदी के आंकड़े से अधिक है। यह जुलाई 2017-18 तक के रुझान से भी अधिक है। इस वित्त वर्ष में जुलाई तक और पिछले साल जुलाई तक करों का 21 फीसदी बजट अनुमान हासिल हो चुका था। इसका मतलब है कि सरकारी खजाने को अप्रत्यक्ष कर संग्रह से बड़ी मदद मिली है। 
Keyword: income tax, CBDT, आयकर विभाग कराधान home,,
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