Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, September 23, 2017 08:15 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

महत्त्वपूर्ण रिश्ता

संपादकीय /  September 17, 2017

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हाल ही में संपन्न जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा की ओर पलटकर देखें तो उन्हें काफी संतुष्टिï अनुभव होगी। आबे ने कहा कि जापान हमेशा भारत का दोस्त रहेगा। उनकी इस बात में सहयोगी की जो भावना और रिश्तों की गर्माहट है उसे किसी दूसरे तरीके से प्रकट नहीं किया जा सकता। सामरिक मुद्दों पर दोनों देशों की बढ़ती एकता और साझा समझ ऐसे समय पर आई है जो दोनों देशों के लिहाज से अहम है। जापान प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का सबसे अहम साझेदार है। उसे उत्तर कोरिया के भड़काऊ मिजाज का लगातार सामना करना पड़ रहा है जबकि चीन भी इस क्षेत्र में लगातार अपनी घुसपैठ मजबूत करने के लिए प्रयासरत है। भारत अभी-अभी डोकलाम मुद्दे पर चीन से किसी तरह निपटा है और श्यामेन में ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक में उसे पाकिस्तान पर आतंकी समूहों को नियंत्रित करने के मामले में दबाव बनाने में सफलता मिली है। जापान इकलौता ऐसा देश था जिसने डोकलाम गतिरोध के दौरान खुलकर भारत का समर्थन किया। इससे यह संकेत भी मिलता है कि इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन में तब्दीली आ रही है। रेलवे से लेकर परमाणु बिजली और आतंकवाद विरोध तक आपसी सहयोग इस क्षेत्र में भारत के भूराजनैतिक महत्त्व की दृष्टिï से काफी अहमियत रखता है। मोदी इसे अपनी उपलब्धि मान सकते हैं। 

 
भारत की दृष्टिï से देखें तो शायद सबसे बड़ी उपलब्धि भू-सामरिक स्तर पर आई है। यह है पाकिस्तान के खिलाफ भारत के इस रुख का मजबूत होना कि वह आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराता है। गत सप्ताह शिंजो आबे की भारत यात्रा के अंत में जारी साझा वक्तव्य में लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद का जिक्र पहली बार सामने आया। इससे पहले ब्रिक्स शिखर बैठक में भी हमें ऐसा करने में सफलता मिली थी। इससे पाकिस्तान से संचालित आतंकी समूहों को लेकर भारत की स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है। इस संबंध में दूसरी बड़ी उपलब्धि रही सीमा पार संचार (जाहिर है यह जिक्र चीन की एक बेल्ट, एक रोड पहल को लेकर था) को लेकर सुस्थापित अंतररराष्ट्रीय मानकों का दोहराया जाना। इस दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों की स्वतंत्रता का भी जिक्र हुआ। इसमें दक्षिण चीन सागर की गतिविधियों का अनकहा जिक्र शामिल था। सच यह है कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमेरिकी प्रभाव पर गंभीर प्रश्नचिह्नï लगा है। बल्कि इसमें गिरावट आई है। ऐसे में जापान के साथ करीबी रिश्ते भारत के लिए अहम हैं।  जापान के साथ बेहतर समझ भविष्य में चीन से निपटने में हमारी मदद करेगी। 
 
देश के भीतर की गतिविधियों की बात करें तो जापानी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान बुलेट ट्रेन की चर्चा सुर्खियों में रही। यह ट्रेन कुछ वर्ष बाद अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलेगी। हाल के दिनों में देश में ट्रेनों के पटरी से उतरने की अनेक घटनाएं हुई हैं। यहां तक कि जिस दिन बुलेट ट्रेन की घोषणा की गई उस दिन भी एक राजधानी एक्सप्रेस बेपटरी हो गई। इन बातों ने हर किसी को यह मौका दिया कि वह सरकार की सुरक्षित रेल यात्रा मुहैया करा पाने संबंधी नाकामी पर चर्चा कर सके। परंतु, सच यही है कि बुलेट ट्रेन के लिए आई धनराशि का इस्तेमाल किसी अन्य काम में नहीं किया जा सकता है। इतना ही नहीं बुलेट ट्रेन का काम शुरू होने का यह अर्थ नहीं है कि सरकार रेलवे सुरक्षा पर व्यय करना बंद कर दे। बुलेट ट्रेन परियोजना न केवल हजारों लोगों को रोजगार देगी बल्कि यह आने वाले समय में विकास की वाहक भी बन सकती है। इसके अलावा यह कई तरह के तकनीकी सबक भी लेकर आएगी।
Keyword: india, japan, narendra modi, bullet train,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या बुलेट ट्रेन के लिए देश भर में बने हीरक चतुर्भुज?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.