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बाहर से रकम जुटाएगी ल्यूपिन

अनीश फडणीस / मुंबई September 13, 2017

प्रमुख औषधि कंपनी ल्यूपिन वित्त वर्ष 2018 में जापान और यूरोप में अपनी पहली बायोसिमिलर दवा एटानरसेप्ट के लिए आवेदन करेगी। इस दवा के अनुसंधान एवं विकास के वित्त पोषण के लिए कंपनी ने एक वित्तीय कंपनी के साथ करार किया है।
औषधि कंपनी ने इस बाबत जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। कंपनी ने वित्तीय कंपनी के नाम का भी खुलासा नहीं किया है।
कंपनी की मुख्य कार्याधिकारी विनीता गुप्ता ने पिछले महीने कहा था, 'आरऐंडडी के मोर्चे पर हमने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। हम कई जटिल जेनेरिक दवाओं को उतारने की तैयारी कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'जोखिम वाली कुछ परियोजनाओं के लिए हमने वित्तीय साझेदार का विकल्प चुना है। बाजार के विकास और क्लीनिकल जोखिम के मद्देनजर हमने महसूस किया कि कुछ जोखिम को बांटना अच्छा रहेगा। इसलिए हमने बायोलॉजिक्स में कुछ बाहरी वित्त पोषण का विकल्प चुना।'
एटानरसेप्ट ऐसी पहली दवा होगी जिसके लिए ल्यूपिन ने किसी वित्तीय साझेदार को तलाशा है। बायोसिमिलर्स नवप्रवर्तित बायोलॉजिक औषधियों की कॉपी होती हैं और उन्हें जीवित कोशिकाओं से तैयार किया जाता है। ल्यूपिन ने प्रक्रिया की ऊंची लागत एवं जोखिम को देखते हुए औषधि विकास के लिए एक अन्य कंपनी के साथ साझेदारी की है। एटानरसेप्ट का इस्तेमाल गठिया के उपचार में किया जाता है और यह एमजेन की नवप्रवर्तित दवा एनब्रेल की कॉपी है।
ल्यूपिन के प्रबंध निदेशक नीलेश गुप्ता ने पिछले सप्ताह निवेशकों से बातचीत में कहा कि कंपनी चालू वित्त वर्ष के दौरान यूरोप और जापान में एटानरसेप्ट के लिए आवेदन करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि कंपनी चुनिंदा बायोसिमिलर दवाओं को भी विकसित कर रही है। गुप्ता ने कहा कि कंपनी कुछ दवाओं के लिए सक्रिय साझेदारी कर रही है और उसकी नजर 19 अरब डॉलर के बाजार पर है।
ल्यूपिन ने 2014 में प्रमुख औषधि कंपनी योशिदो के साथ करार किया था ताकि जापान के बाजार में बायोसिमिलर दवाओं के क्लीनिकल परीक्षण एवं वाणिज्यिकरण में मदद मिल सके। लेकिन बाजार में बायोकॉन और इंटास सहित अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कंपनी की रफ्तार काफी सुस्त है। बायोकॉन और इंटास जैसी कंपनियां यूरोप और जापान में अपने बायोसिमिलर दवाओं को पहले ही उतार चुकी हैं। ल्यूपिन अब जटिल एवं विशेषीकृत दवाओं को विकसित करने के प्रसास तेज कर रही है।
वित्त वर्ष 2017 में औषधि कंपनी ने अनुसंधान एवं विकास पर करीब 2,300 करोड़ रुपये खर्च किए जो उसके कुल राजस्व का करीब 13.5 फीसदी है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने 17,000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व जुटाया और उसमें अमेरिका का योगदान करीब 50 फीसदी रहा।

Keyword: lupin, Drug , medicine,
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