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तय समयसीमा में नहीं हो रही पीएसयू की सूचीबद्धता

पवन बुरुगुला / मुंबई September 13, 2017

इस साल आम बजट में ऐलान किया गया था कि सरकारी कंपनियों (पीएसयू) की सूचीबद्धता तय समयसीमा में होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मूल कंपनी या विभाग और निवेश व सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) की तरफ से आईपीओ की मंजूरी के बाद 165 दिन के भीतर सरकारी इकाई को सूचीबद्ध होना था।
यह विचार मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 70,000 करोड़ रुपये के विनिवेश के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में मदद के लिए था। हालांकि पीएसयू ने लगातार मौजूदा दिशानिर्देश के तहत समयसीमा का पालन नहीं किया। आईपीओ प्रक्रिया के हर काम के लिए समयसीमा तय की गई थी। उदाहरण के लिए जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, न्यू इंडिया एश्योरेंस, आईआरसीटीसी और इरकॉन।
उदाहरण के लिए केंद्र ने आईपीओ की बोर्ड मंजूरी के दिन से कंपनी को बाजार नियामक सेबी के पास पेशकश दस्तावेज जमा कराने के लिए 90 दिन का समय दिया था। इस अवधि में 45 दिन निवेश बैंकरों को ड्यू डिलिजेंस के लिए और पेशकश दस्तावेज जमा कराने के लिए थे। केंद्र ने आईपीओ पर सेबी की मंजूरी के लिए सिर्फ 30 दिन का समय रखा था, जिसमें मोटे तौर पर कम से कम दो महीने लगते हैं।
जीआईसी आरई और न्यू इंडिया इंश्योरेंस ने जुलाई 2016 में सूचीबद्धता के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इनकी तरफ से सूचीबद्धता की प्रक्रिया को पूरा किया जाना अभी बाकी है। जीआईसी व न्यू इंडिया एश्योरेंस ने मसौदा विवरणिका सेबी के पास अगस्त के शुरू में जमा कराया। इन्हें अभी सेबी से मंजूरी नहीं मिली है। इसी तरह आईआरसीटीसी और इरकॉन के आईपीओ प्रस्ताव अप्रैल में मंजूर हुआ था और बैंकरों की नियुक्ति चार महीने पहले हुई थी। हालांकि इन्होंने अभी सेबी के पास मसौदा विवरणिका जमा नहीं कराया है।
कोचीन शिपयार्ड ने आईपीओ पेश कर दिया, लेकिन इसने दिशानिर्देश का पालन नहीं किया। इसने सेबी के पास 31 मार्च को विवरणिका जमा कराया। हालांकि एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने में कंपनी को करीब 145 दिन लगे।
इश्यू का कामकाज देखने वाले निवेश बैंकरों का कहना है कि केंद्र ने समयसीमा तय करने के वक्त व्यावहारिक वजहों से ध्यान नहींं दिया। न ही इसने कुछ मामलों मसलन जीआईसी आरई या कोचीन शिपयार्ड के मामले में विभिन्न नियाममकीय मंजूरी की दरकार पर ध्यान दिया।
दीपम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समयसीमा सांकेतिक हैं और यह कम पड़ सकता है, लेकिन लक्ष्य है सूचीबद्धता की पूरी प्रक्रिया में तेजी लाना। अधिकारी ने कहा, पिछले साल तक पीएसयू को सूचीबद्धता की पूरी प्रक्रिया में दो से तीन साल लगते थे। अब चीजें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। हुडको और कोचीन शिपयार्ड की सूचीबद्धता से आपको इन चीजों पर सरकार की गंभीरता का अंदाजा लग सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, पर्यावरण मंत्रालय ने कोचीन शिपयार्ड के आईपीओ की मंजूरी में करीब तीन महीने का समय लिया। इसी तरह जीआईसी आरई व न्यू इंडिया एश्योरेंस को सेबी के अलावा बीमा नियामक की मंजूरी की दरकार होगी।

Keyword: PSU, listing, IPO,
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