बिजनेस स्टैंडर्ड - दो साल के उच्चस्तर पर इक्विटी में फंडों का निवेश
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, November 22, 2017 11:01 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम बाजार खबर

दो साल के उच्चस्तर पर इक्विटी में फंडों का निवेश

पुनीत वाधवा और दीपक कोरगांवकर / नई दिल्ली/मुंबई September 12, 2017

देसी म्युचुअल फंडों का इक्विटी बाजार में निवेश जारी है जबकि बेंचमार्क सूचकांक अब तक के सर्वोच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है। इस कैलेंडर वर्ष में म्युचुअल फंडों का शुद्ध निवेश रिकॉर्ड स्तर पर रहा है।
7 सितंबर 2017 तक म्युचुअल फंडों ने 73,248 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया और इस तरह से उन्होंने दो साल पहले के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कैलेंडर वर्ष 2015 की पूरी अवधि में इन्होंने इक्विटी में 72,199 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। कैलेंडर वर्ष 2015 में इनका शुद्ध निवेश 48,170 करोड़ रुपये रहा था।
कैलेंडर वर्ष 2017 में अब तक इनका शुद्ध निवेश कैलेंडर वर्ष 2016 के मुकाबले 5.8 गुना ज्यादा है, जब उन्होंने 12,538 करोड़ रुपये का निवेश इक्विटी में किया था। यह जानकारी बाजार नियामक सेबी के आंकड़ों से मिली।
बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी-50 में मौजूदा कैलेंडर वर्ष के पहले नौ महीने में क्रमश: करीब 20 फीसदी व 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
इसकी तुलना में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस कैलेंडर वर्ष में भारतीय इक्विटी में अब तक 42,652 करोड़ रुपये का निवेश किया और यह जानकारी एनएसडीएल के आंकड़ों से मिली। पिछले साल की समान अवधि में इक्विटी में इनका निवेश करीब 51,294 करोड़ रुपये रहा था।
एलआईसी म्युचुअल फंड के फंड मैनेजर रामनाथ वेंकटेश्वरन ने कहा, बचत योजनाओं में ब्याज दरें घटने से निवेशक म्युचुअल फंड की ओर मुड़े और अपना निवेश इक्विटी बाजार में किया। इसके अलावा निवेशक अब उपलब्ध वित्तीय योजनाओं के प्रति ज्यादा सचेत हैं और अपने निवेश की योजना इसी के हिसाब से बनाते हैं। इस वजह से म्युचुअल फंडों के पास नकदी का स्तर बढ़ा है।
वैयक्तिक शेयर की बात करें तो म्युचुअल फंडों ने पिछले छह महीने में 165 फर्मों में एक फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाई है और यह जानकारी एसऐंडपी बीेसई-500 व एसऐंडपी बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स की 942 कंपनियों के आंकड़ों के विश्लेषण से मिली। वाहन कलपुर्जा, विमानन, रसायन, सीमेंट, वित्तीय, स्टील और कपड़ा क्षेत्र उनके पसंदीदा क्षेत्र रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में ब्याज दर में गिरावट के चलते बाजार में आई बड़ी नकदी दोबारा शायद देखने को नहीं मिलेगी। इशके बाद भी म्युचुअल फंडों व विदेशी निवेशकों का कुल निवेश ठीक-ठाक बना रहेगा।
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के इक्विटी रणनीतिकार संजय मुकीम ने कहा, बाहरी निवेश जोखिम लेने की शक्ति से जुड़ा है। दुनिया भर के निवेशक बढ़त का पीछा कर रहे हैं और भारत इस संदर्भ में प्रमुख उम्मीदवार है। हमारा मानना है कि भारत बढ़त का वादा पूरा कर सकता है और बढ़त का परिदृश्य काफी बेहतर है।

Keyword: mutual fund, investment, इक्विटी बाजार,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

प्रतिस्पर्धा से दवाओं की फीकी पड़ी चमक

Investmentsअमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (यूएस एफडीए) ने  मंजूरियों की रफ्तार बढ़ा दी।

गोदरेज प्रॉपर्टीज: मंदी को मात देकर हुई मजबूत

दवा क्षेत्र की वृद्धि दूसरी छमाही से पकड़ेगी रफ्तार

अनिल अंबानी समूह- बढ़ता संकट और घटते विकल्प

आभूषण व्यवसाय से टाइटन की बढ़ी चमक

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.