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क्रिप्टो करेंसी का लालच जोखिम कैसे करें कम

संजय कुमार सिंह /  September 10, 2017

आम तौर पर ऐसा कम हो देखने को मिलता है, जब कोई एक्सचेंज किसी शेयर या जिंस या क्रिप्टो करेंसी (ऑनलाइन सृजित की गई कूट मुद्रा) के कारोबार के बारे में चेतावनी जारी करता है। पिछले हफ्ते देश के अग्रणी बिटकॉइन एक्सचेंज ने ऐसा किया था। एक्सचेंज ने अपने निवेशकों को भेजी सलाह में कहा, 'बिटकॉइन की ज्यादा मांग और कम आपूर्ति के कारण भारत में खरीद और बिक्री दोनों कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में अधिक हैं। कृपया सावधान रहें क्योंकि बिटकॉइन की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है और इनका कारोबार बाजार के जोखिमों से जुड़ा हुआ है।'
यह सलाह मंगलवार से पहले के तीन दिनों में क्रिप्टो करेंसी करीब 20 फीसदी लुढ़कने यानी 5,000 डॉलर से गिरकर 4,030 डॉलर पर आने के बाद जारी की गई। इस मुद्रा में यह गिरावट चीन द्वारा आरंभिक कॉइन पेशकश या आईसीओ पर कड़ी कार्रवाई करने के कारण आई थी।
महज एक ही दिन बाद यानी बुधवार शाम क्रिप्टो करेंसी तेजी से सुधरकर 4,595 डॉलर पर पहुंच गई। भारतीय एक्सचेंज इसलिए चिंतित थे क्योंकि वैश्विक और भारतीय कीमतों के बीच अंतर (प्रीमियम) बढ़कर 20 फीसदी तक पहुंच गया था। यह इस बात का साफ संकेत है कि भारतीय इसकी खरीदारी के लिए उमड़ रहे हैं।
क्रिप्टो करेंसी ने दुनियाभर में काफी लोकप्रियता हासिल कर ली है। इन करेंसी में से करीब 842 ऐसी हैं जिनका बाजार पूंजीकरण आज की तारीख में करीब 166 अरब डॉलर है। लगभग हर रोज नई क्रिप्टो करेंसी पेश की जा रही है। जापान ने क्रिप्टो करेंसी को वैध मुद्रा के रूप में मंजूरी दे दी है। इसके बाद उनकी स्वीकार्यता में काफी बढ़ोतरी हुई है। तकनीक के जानकार भारतीय निवेशक भी क्रिप्टो करेंसी के रथ पर सवार हो रहे हैं। हालांकि यह संपत्ति की नई श्रेणी है। लिहाजा, उन्हें इसके जोखिमों के बारे में जानकारी होनी जरूरी है। इसके अलावा पूरी सावधानी के साथ निवेश किया जाना चाहिए।
बढ़ती कीमतें
क्रिप्टो करेंसी की लोकप्रियता में बढ़ोतरी की मुख्य वजह यह है कि इनकी कीमतों में भारी उछाल आया है और इन्होंने हाल में ऊंचा प्रतिफल दिया है। सबसे लोकप्रिय बिटकॉइन है जिसकी एक मुद्रा ही हाल में 5,000 डॉलर तक पहुंच गई थी। इसने पिछले एक साल में निवेशकों को करीब 670 फीसदी प्रतिफल दिया है। कुछ अन्य लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी ने और भी ज्यादा प्रतिफल दिया है।
क्रिप्टो मुद्राओं की खरीद और बिक्री के एक्सचेंज कॉइनसिक्योर के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी मोहित कालरा ने कहा, 'कीमतें बढ़ रही हैं। इस कारण बड़ी तादाद में भारतीय निवेशक इस तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।' यूनोकॉइन के सीईओ और संस्थापक सात्विक विश्वनाथ ने कहा, 'भारत में 30 से 40 साल की आयु वर्ग के बहुत से तकनीक के जानकार इस वैकल्पिक संपत्ति वर्ग की ओर आकर्षित हो रहे हैं और इस समय इसका अनुभव ले रहे हैं।'
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कम आपूर्ति के कारण बिटकॉइन की कीमतें और बढ़ सकती हैं। जेबपे के सह-संस्थापक और सीईओ सौरभ अग्रवाल ने कहा, 'जिस तरह से इसे बनाया गया है, उससे केवल 2.1 करोड़ बिटकॉइन ही माइन यानी पैदा किए जा सकते हैं। अभी तक करीब 1.6 करोड़ माइन किए जा चुके हैं। अगर मांग मजबूत रही तो आप लंबी अवधि में इसकी कीमतों में और बढ़ोतरी की उम्मीद कर सकते हैं।'
उतार-चढ़ाव
क्रिप्टो करेंसी पर दांव लगाने वाले निवेशकों को इसके जोखिमों के बारे में सजग होना जरूरी है। देश में ज्यादातर वित्तीय योजनाएं और साधन भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), भारतीय रिजर्व बैंक, या बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) जैसे किसी प्रमुख नियामक के क्षेत्राधिकार में आते हैं। क्रिप्टो करेंसी का कोई नियामक प्राधिकरण नहीं हैं। अगर कुछ गलत हुआ तो ऐसा कोई प्राधिकारी नहीं है, जहां आप फरियाद लेकर जा सकते हैं।
क्रिप्टो करेंसी में उतार-चढ़ाव बहुत अधिक है। जून के अंत में यह अफवाह उड़ी थी कि एथेरियम के संस्थापक की एक कार दुर्घटना में मौत हो गई, जिसके बाद यह करेंसी करीब 20 फीसदी गिर गई थी।  बिटकॉइन समुदाय में बिखराव की खबरों से भी बिकवाली शुरू हो गई थी। सेंटर फॉर इंटरनेट ऐंड सोसाइटी, बेंगलूरु के पॉलिसी ऑफिसर उद्भव तिवारी ने कहा, 'क्रिप्टो करेंसी के बारे में जब कभी चोरी या घोटाले जैसी कोई बुरी खबर आती है तो इनकी कीमतें गिरती हैं।' इस संपत्ति वर्ग पर दांव लगाने से पहले यह विचार करें कि आप इतने अधिक उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं या नहीं।
क्रिप्टो करेंसी खरीदने और बेचने वालों के एक-दूसरे से अनजान होना भी एक जोखिम है। अगर कोई आपकी नकदी चुरा लेता है तो उस व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल है। इसी तरह अगर कोई आपके कंप्यूटर या क्लाउड (जहां आपका वॉलेट होता है) को हैक कर लेता है और आपकी क्रिप्टो करेंसी चुरा लेता है तो चोर का पता लगाना मुश्किल है। तिवारी कहते हैं, 'भारत के क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज कड़े केवाईसी (नो योर कस्टमर) मानक अपनाते हैं। अगर भारत का ही कोई व्यक्ति आपकी क्रिप्टो करेंसी को चुरा लेता है और इन्हें किसी भारतीय एक्सचेंज पर बेचने की कोशिश करता है तो चोर का पता लगाना संभव है।'

पॉन्जी योजनाएं बढ़ीं
बिटकॉइन से संबंधित कई पॉन्जी योजनाएं आ गई हैं। कालरा ने कहा, 'कुछ जालसाज उन लोगों को हर महीने 8 से 10 फीसदी गारंटी के साथ रिटर्न देने का वादा कर रहे हैं, जो उनके जरिये बिटकॉइन में निवेश करते हैं। ऐसे लोगों से दूर ही रहिए।' इस समय दुनिया में करीब 1,077 क्रिप्टो करेंसी हैं और रोजाना लगभग एक क्रिप्टो करेंसी पेश की जा रही है। किसी भारतीय एक्सचेंज से बिटकॉइन खरीदने के बाद आप किसी अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज में नामांकित हो सकते हैं और अन्य क्रिप्टो करेंसी के लिए अपने बिटकॉइन की खरीद-फरोख्त कर सकते हैं।
 
स्थापित क्रिप्टो करेंसी में निवेश करें
कालरा ने कहा, 'नई पेश की जा रही बहुत सी क्रिप्टो करेंसी घोटाले हैं। उनके प्रवर्तक केवल भोले-भाले निवेशकों को ठगने के लिए उतरे हैं। इन करेंसी के लिए व्हाइट पेपर (आईपीओ में प्रॉस्पेक्टस के समान) भी नहीं जारी किए जाते हैं। क्रिप्टो करेंसी को प्रोत्साहित करने वाले लोगों और टीम के बारे में पता करें क्योंकि इसकी सफलता के लिए करेंसी को बरकरार रखना और प्रोत्साहित करना बहुत अहम हैं।'
कुछ डीलर (एक्सचेंज नहीं) आपसे वादा कर सकते हैं कि अगर आप उन्हें नकद (आम तौर पर आप एक्सचेंज को बैंक खाते से पैसा हस्तांतरित करते हैं) भुगतान भी करेंगे तो वे आपको बिटकॉइन की खरीद में मदद करेंगे।

कई जोखिम
बिटजोक्सो के सह-संस्थापक और सीईओ हेशम रहमान ने कहा, 'वे आपसे एक्सचेंज पर चल रही कीमत से ज्यादा कीमत वसूल सकते हैं। यह खतरा हमेशा होता है कि वे नकदी ले लें और आपके खाते में बिटकॉइन हस्तांतरित ही न करें।' आखिरकार, यह जोखिम हमेशा ही होता है कि आपके बिटकॉइन को हैकर चुरा सकते हैं।

आपको क्या करना चाहिए ?
जोखिम कम करने के लिए आपको क्रिप्टो करेंसी में सीमित निवेश करना चाहिए। अरविंद राव ऐंड एसोसिएट्स के संस्थापक और फाइनैंशियल प्लानर अरविंद ए राव कहते हैं, 'इनमें निवेश आपके जोखिम लेने की क्षमता पर आधारित होना चाहिए। मैं लोगों को उनके पोर्टफोलियो के 10 फीसदी से अधिक निवेश करने की सलाह नहीं दूंगा।' इसमें निवेश की शुरुआत उतनी सी राशि से करें, जिसे गंवाने की आप क्षमता रखते हैं। अनुभव लेने के बाद एसआईपी के जरिये निवेश करें। यह एक उतार-चढ़ाव वाला उत्पाद है, इसलिए औसत खरीद कीमत से मदद मिलेगी।

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