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नोटबंदी पर बचाव में सरकार, सोशल मीडिया पर नोटबंदी को सही ठहराने की कवायद

अरूप रॉयचौधरी / नई दिल्ली 8 31, 2017

सोशल मीडिया पर सरकारी अभियान तेज

ट्विटर पर '#डिमोनेटाइजेशनसक्सेस' भारत में टॉप ट्रेंड में रहा
मोदी की मंत्रिपरिषद के लगभग सभी मंत्रियों ने इसके तहत अपने ट्वीट भेजे हैं जिन्हें केंद्र के पत्र सूचना कार्यालय द्वारा रीट्वीट किया गया
केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने संवाददाता सम्मेलन कर नोटबंदी का समर्थन किया

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अपनी सालाना रिपोर्ट में बैंकों के पास 99 फीसदी विमुद्रीकृत नोटों के जमा होने के खुलासे के एक दिन बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने पारंपरिक एवं सोशल मीडिया पर नोटबंदी को सही ठहराने का अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में वरिष्ठ सरकारी मंत्रियों और अफसरशाहों ने संवाददाता सम्मेलन कर अपने बयान जारी किए। ट्विटर पर '#डिमोनेटाइजेशनसक्सेस' भारत में टॉप ट्रेंड में है और मोदी के मंत्रिपरिषद के लगभग सभी मंत्रियों ने इसके तहत अपने ट्वीट भेजे हैं जिन्हें केंद्र के पत्र सूचना कार्यालय द्वारा रीट्वीट किया गया। सुबह-सुबह वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बड़ी मात्रा में पहले के बेहिसाब धन बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गया और इसलिए काला धन रखने वालों की गोपनीयता अब खत्म हो चुकी है। 

द इकनॉमिस्ट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में जेटली ने कहा, 'सरकार मेंं हमारे लिए जो भी परिणाम रहा हो लेकिन इतना तो बिल्कुल साफ है कि बड़ी मात्रा में काला धन अब बैंकिंग प्रणाली में वापस आ चुका है।' उन्होंने कहा, 'विमुद्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होने और नोट जमा कराए जाने के बाद यह बिल्कुल साफ है कि लोगों ने वैधानिक तौर पर अथवा दूसरे तरीके से नोटों को बैंकिंग प्रणाली में जमा कराए भले ही बाद में उन्हें जिस स्थिति का सामना करना पड़े।'

वित्त मंत्री ने कहा कि यह कयास लगाना स्वाभाविक है कि नोटबंदी के बाद कितनी रकम बैंकिंग प्रणाली में वापस आई लेकिन विमुद्रीकरण के समय यह अनुमान भी लगाया गया था कि अधिक से अधिक लोग कर के दायरे में आने के लिए बाध्य होंगे। जेटली ने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि कर चोरी के लिए रकम नहीं छिपाई नहीं जा सकेगी। आरबीआई ने बुधवार को खुलासा किया था कि पिछले साल नवंबर के बाद 15.44 लाख करोड़ रुपये के करेंसी नोटों का महज एक फीसदी नोट जमा नहीं कराए गए हैं। 30 जून 2017 के अनुसार, करीब 99 फीसदी यानी 15.28 लाख करोड़ रुपये के विमुद्रित नोट लौटाए जा चुके हैं। उस समय नोटबंदी के अलोचकों पर हमला करते हुए जेटली ने कहा था कि बैंकिंग प्रणाली में लौटाए गए नोटों की मात्रा विमुद्रीकरण को मापने का पैमाना नहीं हो सकती। उन्होंने कहा था कि नोटबंदी का वास्तविक उद्देश्य काले धन को खत्म करना, नकदी में कमी लाना, कर का आधार बढ़ाना, डिजिटलीकरण, आतंकवाद पर लगाम आदि था। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नोटबंदी का काफी सकारात्मक प्रभाव दिखा।

अर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने कहा कि केंद्र सरकार विमुद्रीकरण के बाद आरबीआई से अतिरिक्त नकदी की संभावनाओं पर बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने 44,000 करोड़ रुपये के अतिक्त नकदी की गणना की है और सरकार को 30,600 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं। इस बीच, बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि विमुद्रीकरण सफल रहा है। उन्होंने कहा, 'मैं काले धन पर लगाम लगाने के लिए (प्रधानमंत्री) मोदीजी को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने इतना तो साफ कर दिया है कि अब कोई काला धन नहीं रख सकता। इस काले धन से निपटने में हमें तीन साल लग गए।'

सोशल मीडिया पर गोयल की तरह रेल मंत्री सुरेश प्रभु, रसायन, उर्वरक एवं संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार, कपड़ा और सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी, नागरिक विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, वित्त राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल और मंत्रिमंडल एवं मंत्रि परिषद के तमान सदस्यों ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया है।

Keyword: सोशल मीडिया, नोटबंदी, ट्विटर, ट्रेंड, मंत्रिपरिषद, सूचना कार्यालय, रिजर्व बैंक, रिपोर्ट,
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