बिजनेस स्टैंडर्ड - बदलेगी सूरत?
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, November 25, 2017 02:56 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

बदलेगी सूरत?

संपादकीय /  August 27, 2017

इन्फोसिस से नंदन नीलेकणी का नाता पहली बार 26 वर्ष की उम्र में जुड़ा। वह 62 की उम्र में दोबारा इस कंपनी में आए हैं लेकिन उन्होंने अपनी पुरानी आदतें एकदम नहीं बदली हैं। वह पहले की तरह जुझारू (शुक्रवार को मीडिया के कुछ सवालों को उन्होंने एकदम ठुकरा दिया), स्पष्ट, कूटनयिक (सप्ताहांत पर उन्होंने कुछ भी स्पष्ट किए बिना दुनिया को बता दिया कि वह इन्फोसिस के लिए क्या कुछ करने वाले हैं), आत्मविश्वास से भरपूर (उन्होंने बार-बार जोर देकर कहा है कि वह तमाम अहम निर्णय लेंगे और चाहेंगे कि लोग उनको अकेला छोड़ दें), सहमति बनाने वाले (वह कह चुके हैं कि इस संबंध में अपने कौशल का प्रयोग करेंगे) और वफादार (उन्होंने एन आर नारायणमूर्ति को देश में कारोबारी प्रशासन का पितामह करार दिया और बोर्ड से मूर्ति को लेकर एक माफीनामा जारी कराने में कामयाब रहे)।
 
उनकी अन्य प्राथमिकताओं में कंपनी के लिए एक प्रबंध निदेशक की तलाश करना और एक दीर्घकालिक कारोबारी ढांचा सुनिश्चित करना शामिल हैं। यह भी एकदम स्पष्ट है कि नीलेकणी विशाल सिक्का के कार्यकाल में की गई तमाम पहल की समीक्षा करेंगे। सिक्का ने तीन साल तक कंपनी का नेतृत्व किया। लेकिन नीलेकणी का समग्र संदेश महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने इन्फोसिस को नए सिरे से तैयार करने का अहम काम करने की ठानी है। इन्फोसिस संभवत: अपने सबसे बुरे दिनों से गुजर रही है और उसे एक ऐसे मजबूत और व्यापक स्वीकृति वाले नेता की जरूरत है जिसका इकबाल बुलंद हो और जो कंपनी को अंदर से बाहर तक बहुत अच्छी तरह जानता हो। नीलेकणी कंपनी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और इन तमाम पैमानों पर खरे उतरते हैं।
 
बहरहाल, उनके लिए भी यह काम खासा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। उदाहरण के लिए दीर्घावधि के लिए कारोबारी ढांचा तैयार करने का विचार सराहनीय है लेकिन उनको इससे पहले एक तात्कालिक जटिल समस्या को हल करना होगा। उन्होंने इस संबंध में किए गए तमाम सवालों को बहुत कुशलतापूर्वक टाल दिया। उन्होंने कहा कि वह कोई भी उचित कदम उठाने से पहले पनाया जांच को लेकर पूरी जानकारी लेंगे। उनको यकीनन एक तनी हुई रस्सी पर चलने जैसी कलाबाजी करनी है।
 
कंपनी के बोर्ड और मूर्ति के बीच जो गतिरोध पैदा हुआ था वह उस समय एक संकट में तब्दील हो गया जब मूर्ति ने यह मांग की कि 20 करोड़ डॉलर के स्टार्टअप अधिग्रहण से जुड़ी जांच रिपोर्ट का सार्वजनिक खुलासा किया जाए। अब नीलेकणी को कंपनी के गैर कार्यकारी चेयरमैन के रूप में यह निर्णय लेना होगा कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करना है या नहीं। सार्वजनिक करने पर क्लाइंट के साथ किया गया गोपनीयता समझौता भंग हो सकता है। उन्हें नई प्रतिभाओं को कंपनी से जोडऩा होगा क्योंकि पिछले काफी समय से कंपनी परेशानी से जूझ रही है और उसे उबारने के लिए कंपनी के संस्थापकों को वापस आना पड़ा है। वे अब भी कंपनी के कामकाज में अपना दखल चाहते हैं।
 
नीलेकणी के बारे में माना जाता है कि मूर्ति समेत सह संस्थापक उनकी बात मानेंगे। बोर्ड रूम बैठक में नीलेकणी वह अनुशासन कायम रखने में कामयाब रहे हैं और अब वह उनके पक्ष में जाएगा। उनकी सबसे बड़ी चुनौती यह होगी वह जिस इन्फोसिस में लौट रहे हैं वह उनके द्वारा दशक भर पहले छोड़ी गई कंपनी से अलग है। कंपनी अप्रत्याशित चुनौतियों से दो चार है। कंपनी का पारंपरिक आउटसोर्सिंग कारोबार सिमट गया है और नए उद्यमों से लाभ नहीं हो रहा। कंपनी को बदलाव के इस दौर में आगे ले जाना और विश्वसनीयता बहाल करते हुए उसे आंतरिक संकट से उबारना आसान नहीं होगा। 
Keyword: aadhar, data, nandan,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या अस्पतालों के शुल्क पर लगना चाहिए अंकुश?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.