Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, September 19, 2017 05:02 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम निवेश खबर

'जीएसटी से कागज विनिर्माताओं पर सकारात्मक असर की संभावना'

दिलीप कुमार झा /  August 25, 2017

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने, प्रदूषण रहित तकनीक लागू करने में सक्षम न होने और अनौपचारिक एवं नकद कारोबार खत्म होने से असंगठित क्षेत्र की कागज मिलों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वेस्ट कोस्ट पेपर मिल्स के वाइस चेयरमैन और इंडियन पेपर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईपीएमए) के अध्यक्ष सौरभ बांगड़ ने दिलीप कुमार झा से बातचीत में कहा कि सरकार को असंगठित क्षेत्र की कंपनियों को संगठित क्षेत्र से जुडऩे में मदद करनी चाहिए। बातचीत के अंश :
भारत में कागज का सस्ता आयात क्यों हो रहा है?
भारत फाइबर की कमी वाला देश है। उत्पादन लागत में कच्चे माल का हिस्सा करीब 50 फीसदी है, इसलिए भारतीय कागज मिलों के समक्ष फाइबर की उपलब्धता सबसे बड़ी दिक्कत है। उदाहरण के लिए भारत में लकड़ी की सालाना उपलब्धता अनुमानित 90 लाख टन है, जो उसकी कुल सालाना जरूरत 110 लाख टन से कम है। इसलिए भारत में लकड़ी की कीमत आसियान देशों के मुकाबले 30 से 40 डॉलर ज्यादा होती है। इससे भारत में कागज उत्पादन की लागत 100 डॉलर प्रति टन बढ़ जाती है और भारतीय कागज उद्योग प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाता।

जीएसटी से कागज मिलों के कारोबार में कैसे बदलाव आएगा?
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का कागज विनिर्माताओं विशेष रूप से संगठित क्षेत्र की कंपनियों पर सकारात्मक असर पडऩे की संभावना है। पूरी मूल्य शृंखला ज्यादा सक्षम बन जाएगी। आयात पर जीएसटी से घरेलू कागज विनिर्माताओं को थोड़ी राहत मिलेगी। विनिर्माताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट का पूरा रिफंड मिलने से अन्य देशों को निर्यात बढ़ेगा।

क्या आपको लगता है कि जीएसटी, सस्ते आयात और नोटबंदी की वजह से उद्योग में एकीकरण हो रहा है?

कागज उद्योग अधिक पूंजी और ज्यादा ऊर्जा लागत वाला कारोबार है। छोटे और असंगठित क्षेत्र के उद्यमियों के पास इतने पूंजी व्यय के लिए संसाधन नहीं हैं। इसके अलावा प्रति इकाई उत्पादन लागत घटाने के लिए बड़े पैमाने की किफायत हासिल करना भी अहम कारक है। लेकिन असंगठित क्षेत्र के उद्यमी प्रचलन से बाहर हो चुकी तकनीक इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें नहीं लगता कि उनका संगठित कंपनियों में विलय हो  रहा है। दुनियाभर में कागज उद्योग का एकीकरण हो रहा है।

भारतीय कागज उद्योग के सामने कौनसी प्रमुख चुनौतियां हैं?
घरेलू कागज विनिर्माता वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी नहीं बन पा रहे हैं। इसकी वजह लकड़ी, कृषि अवशेष और रिसाइकल्ड फाइबर जैसे कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होना है, जिसका उनकी उत्पादन लागत पर बड़ा असर पड़ता है। प्रतिस्पर्धी क्षमता के अभाव के कारण देश में सस्ता आयात तेजी से बढ़ रहा है। मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के तहत कागज और पेपरबोर्ड के शून्य शुल्क पर आयात से यह समस्या और विकराल हुई है। भारत और कोरिया के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के तहत आधारभूत सीमा शुल्क धीरे-धीरे कम किया जा रहा है और यह जनवरी 2018 से खत्म हो जाएगा। भारत में आसियान से कागज और पेपरबोर्ड का आयात पिछले छह वर्षों के दौरान 42 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की दर से बढ़ा है। दक्षिण कोरिया से आयात 60 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की दर से बढ़ा है।

लकड़ी की ज्यादा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपने क्या योजना बनाई है?
सरकार को देश की बंजर जंगल भूमि का कुछ हिस्सा पल्पवुड की रोपाई के लिए साझेदारी समझौते के तहत मुहैया कराने के बारे में विचार करना चाहिए ताकि भारतीय कागज उद्योग को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चा माल मिल सके और वह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके।

Keyword: west coast paper mills, GST, paper,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या सेबी की पहल से रीट्स और इनविट्स में आएगी तेजी?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.