Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, September 24, 2017 11:09 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|
 
होम विशेष खबर

चीन में जारी आंतरिक सत्ता का संघर्ष

श्याम सरन /  August 14, 2017

हालात का इशारा है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली कछयांग एक और कार्यकाल के लिए पद पर बने रहेंगे। इस संबंध में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं श्याम सरन

 
गत 3 अगस्त से चीन के शीर्ष नेताओं की मुलाकातों का दौर जारी है। ये मुलाकातें सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की महत्त्वपूर्ण 19वीं कांग्रेस को लेकर हो रही हैं। कांग्रेस का आयोजन आगामी नवंबर माह में हो सकता है। नेताओं की यह मुलाकात पार्टी के औपचारिक आयोजनों में से नहीं है। न ही इनको लेकर सार्वजनिक घोषणा या स्वीकृति का भाव है। इन बैठकों में मौजूदा नेताओं के साथ वरिष्ठï नेता मौजूद रह रहे हैं जो पद पर भले न हों लेकिन अपनी वरिष्ठïता और अनुभव के आधार पर काफी प्रभाव रखते हैं। उनकी मौजूदगी इन नेताओं को समर्थन का अहसास कराती है जो वरिष्ठï पदों पर पहुंचने की जुगत में हैं। इन बैठकों का संबंध व्यक्तियों से भी है और नीतियों से भी। कोई भी नेता पार्टी के भीतर के संरक्षण की मदद से ही सत्ता और प्रभुता हासिल करता है। इसकी वजह से पार्टी में एक किस्म की गुटबाजी भी उत्पन्न होती है जो कई बार बहुत निर्मम भी हो सकती है। 
 
चीन के तटवर्ती शहर बेइदाई में हो रही इस बैठक की अपनी अहमियत है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि आने वाली पार्टी कांग्रेस में वरिष्ठï नेतृत्व पदों के लिए चयन की बात छिड़ेगी। चीन में यह अघोषित नियम सा है कि केंद्रीय नेता 67 की उम्र तक सेवानिवृत्त हो जाते हैं और पार्टी महासचिव तथा राष्ट्रपति पांच वर्ष के दो कार्यकाल के लिए पद संभालते हैं। चीन के शीर्ष नेता राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली कछयांग अगली पार्टी कांग्रेस तक एक-एक बार और पद पर रह सकते हैं। 
 
बहरहाल पोलित ब्यूरो की सात सदस्यीय स्थायी समिति (पीबीसी) जो पार्टी की सर्वोच्च संस्था है, उसके पांच सदस्य सेवानिवृत्त होंगे और उनका स्थानापन्न तलाशना होगा। वांग किशन भी ऐसे ही एक सदस्य हैं। वह शक्तिशाली माने जाने वाले केंद्रीय अनुशासन और निगरानी आयोग के प्रमुख भी हैं। मौजूदा भ्रष्टïाचार विरोधी अभियान इस संस्थान के बूते जारी है। यह अभियान पार्टी के भीतर शी चिनफिंग के संभावित प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों से निपटने का सबसे मजबूत तरीका साबित हुआ है और संकेत यही है कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 
 
ऐसे में वांग को पद पर बनाए रखने के लिए पार्टी नियमों में बदलाव किया जाएगा या फिर वह ली कछयांग की जगह प्रधानमंत्री बनेंगे। ली को चीन की संसद यानी नैशनल पीपुल्स कांग्रेस के प्रमुख के बड़े पद पर आसीन किया जा सकता है। शी चिनफिंग चाहेंगे कि पीबीसी में ज्यादा से ज्यादा तादाद में अपने लोगों को रख सकें। अगर वह सफल हुए तो पार्टी में उनकी हैसियत और मजबूत होगी। इससे वह रुख भी बदलेगा जो हम माओ युग के बाद से ही देखते आए हैं। यानी अधिक विकेंद्रित और सामूहिक नेतृत्व जहां सत्ता का हस्तांतरण अपेक्षाकृत सहज होता था। 
 
पार्टी मानकों के मुताबिक शी चिनफिंग और ली सन 2022 तक पद पर बने रहेंगे। खबरों के मुताबिक उनके उत्तराधिकारियों के रूप में सुन चेंगकाई (जो बदनाम हो चुके बो शिलाई की जगह हाल तक चोंगकिंग में पार्टी प्रमुख थे) और हू चुनहुआ का नाम चल रहा था। चुनहुआ ग्वांगतोंग जैसे अहम राज्य में पार्टी प्रमुख हैं। दोनों नेता पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं। माना जा रहा था कि उनको पीबीसी में प्रोन्नत किया जाएगा और वे शीर्ष नेताओं के उत्तराधिकारी बनेंगे। परंतु 18वीं पार्टी कांग्रेस से ऐन पहले बो शिलाई के साथ जो हुआ था वह इस बार भी दोहराया गया और सुन को गंभीर अनुशासनात्मक गड़बड़ी के लिए पद से हटा दिया गया। उन पर यह आरोप भी लगाया गया कि वह बो शिलाई द्वारा बोई गई विष बेलों को भली भांति नहीं निपटा सके। देखना है कि हू बचे रहते हैं या नहीं। 
 
पार्टी में तीन अहम धड़े हैं। एक तो क्रांतिकारियों की पहली पीढ़ी के उत्तराधिकारी। शी खुद इसी से आते हैं। उनके पिता शी झोंगकुन एक सम्मानित क्रांतिकारी नेता थे। दूसरी पीढ़ी में विभिन्न संगठन आते हैं लेकिन सबसे प्रमुख है यनान चिल्ड्रंस फ्रेंडशिप एसोसिएशन। इसकी अध्यक्षता हू मुइंग के पास है जो माओ के पूर्व सचिव हू कियाओमू के बेटे हैं। थुआन पाई यानी वे नेता जो कम्युनिस्ट पार्टी की युवा लीग से उभरे। हू चिंताओ और ली कछयांग इसी धड़े के हैं। तीसरा अहम धड़ा है शांघाई धड़ा इसके महत्त्वपूर्ण प्रतिनिधियों में पूर्व राष्ट्रपति च्यांग चेमिन और सुन का नाम आता है। अपने आपको मजबूत करने के क्रम में शी चिनफिंग ने कम्युनिस्ट यूथ लीग का बजट आधा कर इसका आकार घटा दिया। उन्होंने इसके नेतृत्व में भी बदलाव की मांग की। सुन को हटाया जाना इस बात का संकेत हो सकता है कि च्यांग चेमिन धड़े पर भी हमला किया जा रहा है। 
 
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) भी अहम राजनीतिक हैसियत रखती है और तीनों राजनीतिक धड़ों का प्रतिनिधित्व इसमें भी महसूस किया जा सकता है। शी ने 30 जुलाई को पीएलए की स्थापना की 90वीं वर्षगांठ पर उसके सैनिकों की समीक्षा की। इस दौरान पेइचिंग के बजाय झूरिहे स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर एक विशाल परेड आयोजित की गई। इस दौरान कोई अन्य बड़ा नेता मौजूद नहीं था। इससे भी यही संकेत मिलता है कि वे आगामी पार्टी कांगे्रस से पहले खुद को निर्विवाद रूप से एकमात्र नेता के रूप में स्थापित करने में लगे हैं। अगर कोई उत्तराधिकारी नहीं उभरता है तो माना जा सकता है कि वह 2022 के बाद भी पद पर बने रहने की जुगत लगाएंगे। अब अन्य धड़े उनको ऐसा करने देंगे या नहीं यह देखा जाना होगा। 
 
अगस्त 1962 में भी ऐसे ही एक सम्मेलन के बाद माओ ने भारत को सबक सिखाने के लिए सीमा पर जंग शुरू करने का निर्णय किया था। कहा यह भी जाता है कि ग्रेट लीप फॉरवर्ड और पीपुल्स कम्यून से जुड़ी विफलता के बाद अपनी प्रभुता को दर्शाने के लिए भी उन्होंने यह जंग शुरू की। ऐसे में डोकलाम घटना को देखते हुए हमें सतर्क रहना चाहिए। क्योंकि पार्टी कांग्रेस जैसे-जैसे करीब आएगी चीन के विभिन्न राजनीतिक धड़ों का आंतरिक संघर्ष भी बढ़ेगा। शी चिनफिंग नहीं चाहेंगे कि उन पर आरोप लगे कि वह चीन की क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मसले पर खामोश रहे। डोकलाम विवाद को आखिर इसी रूप में पेश किया जा रहा है। भारत को इस बढ़ते जोखिम से निपटने की पूरी तैयारी रखनी होगी। 
(लेखक पूर्व विदेश सचिव और सीपीआर के संचालन मंडल के सदस्य हैं। लेख में प्रस्तुत विचार निजी हैं।)
Keyword: india, china,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
Advertisements 
Cover from Natural Calamities. Buy Home Insurance
Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
  आपका मत
 क्या अतिरिक्त व्यय से सुधरेगी अर्थव्यवस्था की चाल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS General News   Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.