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फर्जी सुझावों पर सेबी और डीओटी सख्त

श्रीमी चौधरी /  August 13, 2017

निवेशकों को जल्द ही फर्जी शेयर सुझावों वाले एसमएस से मुक्ति मिल सकती है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और दूरसंचार विभाग (डीओटी) ऐसे मेसेज भेजने वाले ब्रोकरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पूंजी बाजार नियामक ने ऐसे ब्रोकरों की पहचान की है जो इस तरह के अनधिकृत निवेश टिप्स भेजने के लिए थर्ड-पार्टी बल्क मेसेजिंग सेवा प्रदाताओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 
इस साल बाजार में तेजी के दौर के बीच ऐसे मेसेजों की रफ्तार भी बढ़ी है। ये मैसेज काफी कम चर्चित कंपनियों में शेयर खरीदारी के लिए भोले-भाले निवेशकों को लुभाते हैं। इससे तरलता बढ़ाने में मदद मिलती है जिसे उन शेयरधारकों को बिक्री कर बाहर निकलने का मौका मिलता है जो कीमतें कम होने के दौरान खरीदारी कर लेते हैं। सेबी की यह सख्ती मोतीलाल ओसवाल, इंडिया इन्फोलाइन फाइनैंशियल सर्विसेज, ऐंजल ब्रोकिंग और एचडीएफसी सिक्योरिटीज जैसे कई प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों द्वारा इस संबंध में नियामक के समक्ष शिकायतें दर्ज कराए जाने के बाद देखी जा रही हैै। ब्रोकरेज फर्मों द्वारा इन शिकायतों में कहा गया है कि उनके नाम का इस्तेमाल फर्जी ऑपरेटरों द्वारा गलत तरीके से किया जा रहा है।
 
सूत्रों का कहना है कि सेबी ने हाल में हुई एक बैठक में दूरसंचार विभाग के साथ अपनी आरंभिक जांच रिपोर्ट और आपत्तियों को साझा किया था। सेबी के वरिष्ठï अधिकारियों ने इस मुद्दे को दूरसंचार विभाग और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के समक्ष भी उठाया और उनसे अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कई तरह के 'फिल्टर' के इस्तेमाल का अनुरोध किया। माना जा रहा है कि दूरसंचार विभाग ने बाजार नियामक से उन ब्रोकरों की सूची तैयार करने को कहा है जिनके नाम का इन मैसेजों में इस्तेमाल किया गया है। इस बीच, सेबी कई विकल्पों पर काम कर रहा है। 
 
सेबी के एक अधिकारी ने कहा, 'प्राथमिक उपाय के तौर पर सेबी ब्रोकरेज फर्मों से नियमित डिस्क्लेमर के साथ साथ एक सलाह जारी करने को भी कह सकता है। इसके अलावा, मुंबई पुलिस के साइबर अपराध जांच प्रकोष्ठï की मदद से नियामक ऐसे मेसेजों के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।' इसके अलावा, सेबी की सतर्कता टीम उन मोबाइल नंबरों पर कॉल कर जांच-पड़ताल कर रही है जो मेसेज भेजने वाले ने ट्रेडिंग टिप्स के साथ दिए हों। सेबी टेक्स्ट मेसेजों के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की भी मदद ले रहा है।
 
जीरोधा के मुख्य कार्याधिकारी नितिन कामत ने कहा, 'इस समस्या से छुटकारा पाने का सही तरीका उन लोगों का पता लगाना है जो इन एसएमएस को भेज रहे हैं। इसके अलावा उन ऑपरेटरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है जो इन एसएमएस की सलाह के आधार पर शेयरों में कारोबार कर रहे हैं।'  दूरसंचार नियामक के समक्ष दूसरी चुनौती है बल्क मेसेज भेजने के उद्देश्य के बीच अंतर जानना। कानून के अनुसार, कोई कंपनी प्रीपेड कनेक्शन से एक दिन में 100 एसएमएस और पोस्ट-पेड सिम से 3,000 एसएमएस भेज सकती है। बल्क एसएमएस भेजने के लिए टेलीमार्केटर को स्वयं को ट्राई के समक्ष पंजीकृत कराने की जरूरत होगी। हालांकि यदि इन बल्क मैसेज का इस्तेमाल किसी अवैध गतिविधि के लिए भी किया गया हो तो भी इनका पता लगाने के लिए कोई ठोस प्रणाली नहीं है। फोन उपभोक्ताओं को अक्सर इस तरह का मेसेज प्राप्त होता है कि चवन्नी शेयर खरीदें। इस मैसेज में एंट्री कीमत, स्टॉप लॉस, ट्रेड की मात्रा, कीमत लक्ष्य और इसे बनाए रखने की अवधि आदि के बारे में जानकारी दी जाती है। इनमें से कुछ स्टॉक ऑपरेटर 'प्राइस ट्रिगर' भी बताते हैं। उदाहरण के लिए, कंपनी को एक बड़ी कंपनी से बड़ा ऑर्डर मिलेगा, या उसने एक प्रख्यात फर्म के अधिग्रहण का लक्ष्य रखा है। 
 
विशेषज्ञों का कहना है कि जो निवेशक शेयर-आधारित जानकारी के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें ऐसे टिप्स से झांसे में नहीं जाना चाहिए क्योंकि ये टिप्स निवेशकों को फंसाने के लिए भेजे जा रहे हैं। प्राइम डेटाबेस के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पृथ्वी हल्दिया का कहना है, 'इक्विटी में निवेश करते वक्त छोटे निवेशकों को अधिक सावधान रहना चाहिए। टिप्स के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा है।' 
 
इससे पहले भी सेबी ने निवेशकों को ऐसे अवैध मेसेजों के झांसे में नहीं आने की लगातार चेतावनी दी है। लेकिन इस बार शेयर टिप्स प्रख्यात ब्रोकरों से आने का दावा किया गया है और ये ब्रोकरेज फर्म के नाम में मामूली बदलाव के साथ पूरी तरह वास्तविक और असली दिख रहे हैं। पिछले साल सेबी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अनधिकृत निवेश सुझावों पर अंकुश लगाने के लिए एक परामर्श पत्र जारी किया था। सेबी द्वारा इस बारे में निर्णायक दिशा-निर्देश जारी किए जाने अभी बाकी हैं। 
Keyword: share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,,
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