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'जीएसटी व असंगठित क्षेत्र के बदलाव से मदद'

रघु कृष्णन /  August 09, 2017

घड़ी एवं आभूषण बनाने वाली टाटा समूह की इकाई टाइटन को असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र में आने का फायदा मिल रहा है। कंपनी ने यह भी दर्ज किया गया है कि ग्राहकों में हीरे जडि़त महंगे गहने खरीदने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। टाइटन ने साड़ी के ब्रांड शुरू किए हैं। यह ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने के लिए घडिय़ों में नयापन ला रही और चश्मों के कारोबार में निवेश कर रही  है। कंपनी के प्रबंध निदेशक भास्कर भट से रघु कृष्णन की हुई बातचीत के मुख्य अंश:

 
तिमाही के नतीजों में अच्छी वृद्धि नजर आई है। ये नतीजे क्या दर्शा रहे हैं? अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है? 
 
मेरा मानना है कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) का असर सभी क्षेत्रों पर समान नहीं पड़ा है। उदाहरण के लिए एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) क्षेत्र अब भी मुश्किलों से बाहर नहीं निकला है। टाइटन को जीएसटी और संगठित क्षेत्र की वजह से फायदा मिला है। हम एक बड़े क्षेत्र में हैं और यह असंगठित है। इन असंगठित इकाइयों के संगठित होने से संगठित उद्यमियों को फायदा मिलेगा। आभूषणों की बिक्री मौसम विशेष से जुड़ी है, लेकिन इसमें गिरावट नहीं आई है। चश्मे जैसे श्रेणियों में विक्रेता और खरीदार असर का इंतजार कर रहे हैं। हमारे घडिय़ों के कारोबार में अब भी हमेशा यह नहीं पता कि पूरा कितना असर पड़ेगा। जीएसटी 28 फीसदी है, लेकिन हमें अभी यह नहीं पता कि उत्पाद शुल्क का असल में कितना लाभ मिलेगा। आभूषणों में 3 फीसदी जीएसटी तय किया गया है। हमारी जीडीपी विश्व में सबसे अच्छी है, इसलिए मैं यह कह सकता हूं कि बुरा दौर खत्म हो चुका है। बेरोजगारी की दर अब भी ऊंची है। लेकिन लोगों की आकांक्षाएं भी ऊंची हैं। जब आपको नौकरी मिलती है और आप पैसा कमाते हैं तो आप खूब पैसे खर्च करते हैं। 
 
आपका ई-कॉमर्स उपक्रम कैसे चल रहा है?
 
यह अच्छा चल रहा है, जिसमें हर साल 100 फीसदी वृद्धि हो रही है। कैरटलेन अन्य लोकप्रिय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों से हटकर है। कैरटलेन का संस्थापक एक सराफ परिवार का सराफ है। 
 
क्या कारोबार में वृद्धि शहरों में ज्यादा है या गांवों में? 
 
बड़े शहरों में आभूषणों की खरीद अधिक है। नोटबंदी के बाद शहरी इलाकों में ब्रांडेड गहनों की खरीदारी की तरफ रुझान बढ़ा है। 
 
यह कारोबार संगठित होता जा रहा है, इसलिए उपभोक्ताओं का रुझान क्या है? 
 
जब हमने अपना सर्वेक्षण किया तो यह पाया कि लोग जश्न मनाना चाहते हैं और यह रुझान अब भी बना हुआ है। 
 
क्या आपने लोगों के महंगे उत्पाद खरीदने के रुझान में बढ़ोतरी दर्ज की है? 
 
महंगे उत्पाद और यहां तक कि गहनों में भी टिकट साइज बढ़कर 65,000 से 75,000 रुपये प्रति उत्पाद पर पहुंच गया है। गहनों में हर कीमत के आभूषणों का खरीदार है। महंगे गहनों में तनिष्क पसंदीदा ब्रांड है। हम देख रहे हैं कि खरीदारों की हीरों के गहनों में भी रुचि बढ़ रही है। 
 
क्या लोग बैंक दरों में गिरावट के कारण गहनों में निवेश कर रहे हैं? 
 
अगर आप मेरे से यह पूछते हैं तो यह घट रहा है। तनिष्क की गोल्डन हार्वेस्ट लोकप्रिय योजना है, जो सहूलियत के लिए है। कुल मिलाकर निवेश के बजाय शृंगार के लिए गहनों की मांग ज्यादा है। 
 
अन्य कारोबारों की क्या स्थिति है?
 
हम घडिय़ों के कारोबार में नयापन ला रहे हैं। इस कारोबार को 30 साल हो गए हैं। हमें वृद्धि के लिए मुश्किलों से जूझना पड़ा है। लेकिन अब धीरे-धीरे वृद्धि आ रही है। हमने अपनी लागत में कमी की है। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी, titan,,
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