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नियामक सेबी के आदेश से निवेशकों को झटका

पवन बुरुगुला / मुंबई August 08, 2017

भारतीय बाजार मंगलवार को नुकसान में बंद हुए क्योंकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड की तरफ से 331 कंपनियों को ग्रेडेड निगरानी व्यवस्था (जीएसएम) में डाले जाने से निवेशकों के सेंंटिमेंट पर असर पड़ा। रियल एस्टेट और इन्फ्रा कंपनियों के शेयरों को सबसे ज्यादा झटका लगा। निवेशकों ने रियल्टी और इन्फ्रा कंपनियों के शेयरों की इस डर से बिकवाली कर दी क्योंकि उन्हें लग रहा था कि उन्हें भी मुखौटा कंपनियों के साथ संभावित जुड़ाव के चलते नियामकीय कोप का सामना करना पड़ सकता है। आदेश के तहत 331 कंपनियों को संभावित मुखौटा कंपनियों के तौर पर पहचाना गया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि बाजार नियामक संदेहपूर्ण जुड़ाव रखने वाली अच्छे कामकाज वाली कंपनियों को भी इसमें शामिल किया है। बीएसई का रियल्टी इंडेक्स 4.5 फीसदी टूट गया। एचडीआईएल का शेयर 18.7 फीसदी टूटा जबकि यूनिटेक व डीएलएफ के शेयर में क्रमश: 9 फीसदी व 6.7 फीसदी की गिरावट आई।
 
एक ब्रोकर ने कहा, तात्कालिक निलंबन का आदेश काफी सख्त है। सरकार ने वैसी कंपनियों के खिलाफ कदम उठाया है जिसके संदेहपूर्ण जुड़ाव हो सकते हैं। अगर सरकार ऐसे ही सख्त तरीके अपनाना जारी रखती है तो कुछ और कंपनियां आगामी दिनों में कार्रवाई का सामना कर सकती हैं। दूसरी ओर बेंचमार्क सेंसेक्स 259 अंक टूटकर 32,014 अंक पर बंद हुआ और निफ्टी 78.8 अंक फिसलकर 9,978 पर आ गया। बीएसई मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 1-2-1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
 
केआर चोकसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक देवेन चोकसी ने कहा, सेबी के कदम का मकसद कदाचार पर लगाम कसना है। इस कदम का असर छोटी कंपनियों पर पड़ा, लेकिन बाजार में मंगलवार को आई गिरावट की वजह खास तौर से बैंंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली थी। मंगलवार के गिरावट की भरपाई बैंकिंग शेयरों की अगुआई में हुई क्योंकि बीएसई बैंकेक्स 1.3 फीसदी फिसल गया। एसबीआई का शेयर 2.3 फीसदी टूटा जबकि आईसीआईसीआई बैंक व ऐक्सिस बैंक के शेयरों में क्रमश: 1.7 फीसदी व 1.3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। कमजोर आय और यूएसएफडीए के कदम से डॉ. रेड्डीज के शेयर में पांच फीसदी की गिरावट आई। वास्तव में पिछले दो कारोबारी सत्र में डॉ. रेड्डीज का शेयर 13 फीसदी से ज्यादा टूटा है। विश्लेषकों ने कहा, आने वाले समय में सकारात्मक वैश्विक संकेतों और संस्थागत निवेशकों की तरफ से मजबूत पोर्टफोलियो निवेश की बदौलत भारतीय बाजार में तेजी जारी रह सकती है। हालांकि जीएसटी के असर और आय में सुधार पर चिंता अल्पावधि के अवरोध हो सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर सकारात्मक नजर आ रही है।
Keyword: sebi, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी),
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