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बारिश और कम आवक से प्याज के दाम दोगुने हुए 

बीएस संवाददाता / लखनऊ August 07, 2017

टमाटर के बाद प्याज ने उत्तर प्रदेश में लोगों को रुलाना शुरू किया है। आवक में कमी, नासिक में आई बाढ़ और स्थानीय फसल नहीं आने से प्याज के दाम दोगुने हो गए हैं। इसके साथ ही त्योहारी मांग और बारिश के चलते गांवों से कमजोर आवक के चलते उत्तर प्रदेश में दूध की कीमत भी 75 रुपये लीटर तक पहुंच गई है। दूध मंडियों में रक्षाबंधन के दिन 20 लीटर दूध का कैन 1,500 रुपये में बिका और पनीर के दाम भी करीब दोगुने हो गए। आमतौर पर 200 रुपये किलो बिकने वाला पनीर 380-400 रुपये में बिक रहा है। 
 
दूध कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों के चलते मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है साथ ही बारिश के कारण गांवों से होने वाली आवक में कमी आई है। उनका मानना है कि दूध की कीमतों में तेजी 15 अगस्त, जन्माष्टमी तक बनी रहेगी। पनीर के साथ ही थोक व फुटकर मंडियों में खोये की कीमत में भी भारी इजाफा देखा जा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि दूध की कीमतों में हालांकि तेजी का कारण त्योहारी मांग और हाल के दिनों की बारिश ही है। आने वाले दिनों में एक बार फिर से इसकी कीमतें पुराने स्तर पर ही होंगी।
 
दूसरी ओर सब्जी मंडी में टमाटर की बढ़ती कीमत थमी है। उत्तर प्रदेश की मंडियों में 80 से 100 रुपये कीमत पर पहुंच जाने का बाद अब टमाटर के दाम गिर कर 60 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। सोमवार को थोक मंडियों में टमाटर 50 रुपये किलो तक बिका। इसके ठीक उलट प्याज की कीमत पिछले 20 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। एक महीने पहले तक 10 रुपये किलो की कीमत में बिकने वाला प्याज सोमवार को फुटकर मंडियों में 40 रुपये और थोक मंडियों में 30 रुपये किलो तक बिका है।
 
राजधानी लखनऊ की थोक मंडी दुबग्गा के फैजान अहम के मुताबिक उत्तर प्रदेश में खपत का 80 फीसदी प्याज नासिक और पुणे से आता है। इन दिनों बाढ़ के चलते पुणे और नासिक से प्याज की आवक घट गई है। बीते 15 दिनों से उत्तर प्रदेश के व्यापारी अपना माल कोल्ड स्टोरों से निकाल कर बाजार में खपा रहे हैं। कमजोर आवक के चलते प्याज के दाम सामान्य के मुकाबले दो से तीन गुना बढ़े हैं। थोक व्यापारियों का कहना है कि बारिश के सामान्य होने और बाढ़ का संकट टलने के बाद भी प्याज कीमत सामान्य स्तर पर आने समय लगेगा।
 
'नई फसल से प्याज के दाम में होगा सुधार'
 
कृषि सचिव शोभना के पटनायक ने कहा कि प्याज कीमतों में वृद्धि एक तात्कालिक मामला है तथा अगले माह से नई फसल के आने के बाद स्थिति में सुधार होगा। पटनायक ने कहा कि अगले माह तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की पर्याप्त आपूर्ति है तथा सरकार प्याज के थोक और खुदरा बिक्री मूल्य की करीब से निगरानी रख रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार महानगरों में प्याज का खुदरा मूल्य 32 से 40 रुपये किलो के दायरे में है। पटनायक ने बताया, 'कुछ थोक बिक्री बाजारों में प्याज की कीमत 20 से 22 रुपये प्रति किलो के दायरे में है। हम कीमतों की करीब से निगरानी कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि यह (मूल्य वृद्धि) अधिक समय तक रहेगी। यह तात्कालिक मामला है। कीमतों में कमी होगी।'
 
उन्होंने कहा कि जल्दी तैयार होने वाला खरीफ प्याज, जो अभी तक कर्नाटक से आ जाना चाहिए था, अभी तक मंडियों में नहीं आया है क्योंकि कमजोर बरसात के कारण फसल प्रभावित हुई है। हालांकि कृषि सचिव ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश जैसे राज्य से मंडी में फसल के आने के बाद अगले महीने से आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। पटनायक ने कहा कि कुछ राज्यों में विशेषकर आंध्र प्रदेश में जल्दी तैयार होने वाले खरीफ प्याज को खेतों से पहले से ही निकाला जा रहा है। इससे आपूर्ति में सुधार होगा और आने वाले दिनों में कीमतों में गिरावट आएगी। राजस्थान में कुछ स्थानीय प्याज की उपलब्धता से आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक और लासलगांव में दरों में वृद्धि होने के मद्देनजर मौजूदा समय में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आंध्र प्रदेश के कुरनूल में जल्दी तैयार होने वाले खरीफ प्याज बेचा जा रहा है। महाराष्ट्र देश में प्याज का सबसे अग्रणी उत्पादक राज्य है। 
 
सचिव ने कहा कि कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में छोड़कर खरीफ उत्पादन में गिरावट आने की संभावना नहीं है। कर्नाटक में कमजोर बारिश के कारण प्याज का उत्पादन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि अन्यथा अधिकांश राज्यों में प्याज उत्पादन की बेहतर स्थिति है। पिछले सप्ताह नासिक स्थित राष्ट्रीय बागवानी शोध एवं विकास फाउंडेशन (एनएचआरडीएफ) के निदेशक पी के गुप्ता ने संकेत दिया था कि कुछ उत्पादक राज्यों में कमजोर बरसात के कारण इस वर्ष खरीफ प्याज के खेती के रकबे में 30 से 40 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। देश के कुल प्याज उत्पादन का करीब 30 से 40 प्रतिशत खरीफ सत्र में होता है और शेष रबी सत्र से प्राप्त होता है। भाषा 
 
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